LPG सिलेंडर पर सरकार ने वह काम कर दिया, जिसका था इंतजार, मजदूरों की टेंशन भी खत्म
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LPG Cylinder News: ईरान जंग से एलपीजी सप्लाई प्रभावित हो रही है. होर्मुज में भारतीय गैस टैंकर फंसे हैं और भारत में पैनिक खरीदारी और कालाबाजारी भी चरम पर है. ऐसे में उन लोगों की समस्या बढ़ गई है जो प्रदेश में काम करते हैं. ऐसे में सरकार ने प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो एफटीएल एलपीजी सिलेंडर अलॉटमेंट दोगुना कर दिया है.

सप्लाई की दिक्कत के बीच सरकार ने प्रवासी मज़दूरों के लिए 5 kg LPG सिलेंडर का अलॉटमेंट दोगुना कर दिया (फाइल फोटो)
ईरान जंग का असर पूरी दुनिया में है. ईरान जंग से भारत भी अब अछूता नहीं है. पाकिस्तान से लेकर श्रीलंका तक ईंधन के दाम बढ़ गए हैं. भारत की स्थिति अभी बेहतर है. यहां न गैस की कमी है और न पेट्रोल-डीजल की. हालांकि, कालाबाजारी, अफवाहों और पैनिक खरीदारी से समस्या बढ़ गई है. प्रदेश में रहने वाले लोगों को गैस की दिक्कत होने लगी है. उन्हें ब्लैक से गैस महंगे दाम में खरीदना पड़ रहा है. ऐसी स्थिति में प्रवासी मजदूर अब अपने घर की ओर निकलने लगे हैं. मगर ऐसे लोगों को अब टेंशन लेने की जरूरत नहीं है. सरकार ने प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर पर बड़ा इंतजाम कर दिया है. जी हां, सप्लाई की दिक्कत के बीच सरकार ने प्रवासी मज़दूरों के लिए 5 kg LPG सिलेंडर का अलॉटमेंट दोगुना कर दिया है.
पेट्रोलियम मिनिस्ट्री ने 6 अप्रैल को घोषणा की कि 2-3 मार्च के दौरान सप्लाई किए गए सिलेंडरों की औसत रोजाना संख्या के आधार पर प्रवासी मजदूरों को दिए जाने वाले 5 kg फ्री ट्रेड LPG (FTL) सिलेंडर की मात्रा दोगुनी कर दी जाएगी. ऑर्डर में कहा गया है कि ये 5 किलो वाले एफटीएल सिलेंडर राज्य सरकार या राज्य के फूड/सिविल सप्लाई डिपार्टमेंट के पास होंगे. यह पब्लिक ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की मदद से केवल अपने राज्य में प्रवासी मजदूरों को सप्लाई करेंगे. यानी प्रवासी मजदूरों को 5 किलो वाले सिलेंडर की दिक्कत नहीं होगी.
सरकारी आदेश में कहा गया है, ‘यह बताया जाता है कि प्रवासी मजदूरों को बांटने के लिए हर राज्य में उपलब्ध 5 किलो वाले FTL सिलेंडर की रोजाना की मात्रा को 2-3 मार्च 2026 के दौरान प्रवासी मजदूरों को दी जाने वाली औसत रोजोना सप्लाई के आधार पर दोगुना किया जा रहा है. यह 21.3.2026 के लेटर के पैरा 2(a) में बताई गई 20% की लिमिट से अधिक है.’
21 मार्च के एक पुराने ऑर्डर में सरकार ने कमर्शियल LPG का 20 परसेंट और दिया है. इससे कुल एलोकेटमेंट 50% हो गया है. इसके बाद रेस्टोरेंट, ढाबे, होटल, इंडस्ट्रियल कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग/डेयरी, राज्य सरकारों या लोकल बॉडी द्वारा खाने के लिए चलाए जा रहे सब्सिडी वाले कैंटीन/आउटलेट, कम्युनिटी किचन और माइग्रेंट लेबर के लिए 5kg FTL को प्रायोरिटी दी जाएगी.
यह कदम उन माइग्रेंट वर्कर की रिपोर्ट के बीच आया है, ईरान जंग के कारण LPG क्राइसिस के गहराने के चलते शहर छोड़कर अपने होमटाउन लौट रहे हैं. टेक्सटाइल और केमिकल इंडस्ट्री को और सपोर्ट देने के लिए सरकार ने 27 मार्च को टेक्सटाइल और प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को प्रायोरिटी देते हुए कमर्शियल LPG एलोकेटमेंट को 50 परसेंट से बढ़ाकर 70 परसेंट कर दिया.
यहां बताना जरूरी है कि LPG की सप्लाई में बाधा ईरान जंग के कारण आ रही है. होर्मुज में भारत के अब भी कई गैस टैंकर फंसे हैं. सरकारी डेटा के मुताबिक, 23 मार्च से अब तक लगभग 6.75 लाख 5 किलो वाले फ्री ट्रेड LPG सिलेंडर बेचे जा चुके हैं. तेल मंत्रालय ने 6 अप्रैल को कहा, ‘माइग्रेंट वर्कर्स को 5 किलो वाले LPG सप्लाई से जुड़ी रिपोर्ट्स पर राज्यों ने साफ किया कि माइग्रेंट्स पर असर डालने वाली LPG सप्लाई में कोई रुकावट नहीं है और सप्लाई स्थिर बनी हुई है. तेल मंत्रालय ने यह भी बताया है कि राज्य, कंपनियों के साथ मिलकर लोकल जरूरतों के आधार पर 5 kg FTL LPG सिलेंडर के टारगेटेड डिस्ट्रीब्यूशन को मैनेज करने पर विचार कर सकते हैं.
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