दलित होने के कारण मेरे साथ हुआ भेदभाव, असम कांग्रेस में आया भूचाल, खरगे की रैली में सीनियर लीडर का इस्तीफा

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दलित होने के कारण मेरे साथ हुआ भेदभाव, खरगे की रैली में सीनियर लीडर का इस्तीफा

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सूर्यकांत सरकार ने कांग्रेस प्रेसिडेंट को अपना इस्तीफा भेजा है. उन्होंने लेटर में लिखा कि वह भारी मन से अपना पद छोड़ रहे हैं. उन्होंने लेटर में पार्टी की अंदरूनी राजनीति की पोल खोल दी है. उन्होंने कहा कि ऑर्गनाइजेशन के मुद्दों को उठाने पर कोई ध्यान नहीं दिया गया. उनकी ईमानदारी और कमिटमेंट के बाद भी पार्टी ने उन्हें नजरअंदाज किया. सीनियर लीडरशिप ने समस्याओं को सुलझाने की कोई कोशिश नहीं की.

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सूर्यकांत सरकार ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है. (फाइल फोटो)

गुवाहाटी. चुनाव प्रचार खत्म होने से पहले कांग्रेस की असम यूनिट को उस वक्त बड़ा झटका लगा, जब पार्टी के वरिष्ठ नेता सूर्यकांत सरकार ने सोमवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया. इस दौरान एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे कछार जिले में रैली को संबोधित कर रहे थे. सूर्यकांत सरकार ने कांग्रेस के टिकट पर सिलचर सीट से 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ा था. उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया है. उन्होंने राज्य में पार्टी के अंदरूनी कामकाज और नेतृत्व से गहरी नाराजगी जताई.

कांग्रेस अध्यक्ष को लिखे अपने इस्तीफे में सूर्यकांत सरकार ने कहा कि वह ‘भारी मन से’ पद छोड़ रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि संगठनात्मक मुद्दों को उठाने की बार-बार की कोशिश पर कोई ध्यान नहीं दिया गया. उनकी ‘ईमानदारी और लगातार प्रतिबद्धता’ के बावजूद पार्टी नेतृत्व की तरफ से समस्याओं के समाधान की कोशिश नहीं की गई.

उन्होंने कुछ पदाधिकारियों में जवाबदेही की कमी पर भी निराशा जताई और दावा किया कि उनकी चिंताओं को सही अहमियत नहीं दी गई. उन्होंने भेदभाव की ओर भी इशारा किया. सरकार ने कहा कि कई बार ऐसा लगा कि एक अनुसूचित समुदाय के सदस्य के तौर पर उनके बैकग्राउंड की वजह से उनके मुद्दों को नजरअंदाज किया गया.

असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के कामकाज पर सवाल उठाते हुए सूर्यकांत सरकार ने आरोप लगाया कि खासकर बराक घाटी में, संगठनात्मक नियुक्तियां और अहम फैसले, मेरिट और जमीनी स्तर के योगदान के अलावा दूसरी बातों से प्रभावित हो रहे थे. सूर्यकांत सरकार ने अपने पत्र में कहा कि इन हालात को देखते हुए पार्टी के साथ जुड़े रहना काफी मुश्किल होता जा रहा था. उन्होंने अपने समर्थकों और मतदाताओं का शुक्रिया अदा किया और कहा कि उनका भरोसा और हौसला ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

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