फिटनेस, फॉर्म के फंदे में फंसे फिरकी के फनकार, 5 साल बाद हुआ कोलकाता टीम में हाहाकार, समीकरण पर उठे सवाल
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इतिहास पर नज़र डालें तो केकेआर ने बहुत कम मौकों पर ऐसा मैच खेला है. जब नरेन और चक्रवर्ती दोनों एक साथ बाहर रहे हों. साल 2021 के बाद से यह जोड़ी लगभग हर मैच में टीम का हिस्सा रही है. कभी किसी एक को आराम दिया गया. तो दूसरा मैदान पर मौजूद रहा.

5 साल बाद वरुण चक्रवर्ती और सुनील नरेन कोलकाता के लिए नहीं खेले मैच
नई दिल्ली. आईपीएल में कुछ टीमें अपनी बल्लेबाज़ी के लिए जानी जाती हैं. तो कुछ अपनी गेंदबाज़ी के लिए. लेकिन कोलकाता नाइट राइडर्स की पहचान पिछले कुछ सालों में उनकी स्पिन जोड़ी से बनी है. सुनील नरेन और वरुण चक्रवर्ती ने मिलकर इस टीम की गेंदबाज़ी को एक अलग ही स्तर पर पहुंचाया है. ऐसे में जब ये दोनों खिलाड़ी एक साथ प्लेइंग इलेवन में ना हों. तो यह अपने आप में एक असामान्य और चर्चा का विषय बन जाता है.
आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स के खिलाफ मुकाबले से पहले यही स्थिति देखने को मिली. कोलकाता नाइट राइडर्स को अपने दो सबसे अहम गेंदबाज़ों के बिना मैदान पर उतरना पड़ा. सुनील नरेन बीमारी के कारण इस मैच का हिस्सा नहीं बन सके. जबकि वरुण चक्रवर्ती पिछली भिड़ंत में चोटिल हो गए थे. यह न सिर्फ टीम के लिए बड़ा झटका था. बल्कि रणनीति के लिहाज से भी एक कठिन चुनौती बन गया.
स्टार स्पिनर्स के बिना कोलकाता
नारायण का बाहर होना केकेआर के लिए सबसे बड़ा झटका है. वह इस सीजन में टीम के इकलौते ऐसे गेंदबाज रहे हैं जो लगातार बल्लेबाजों पर दबाव बना पा रहे थे. उनकी गैरमौजूदगी में गेंदबाजी आक्रमण कमजोर नजर आता है. हालांकि, वरुण चक्रवर्ती का बाहर होना एक तरह से टीम और खुद उनके लिए राहत भी हो सकता है. फरवरी के अंत से उनका प्रदर्शन लगातार गिरा है और पिछले मैच में उन्होंने सिर्फ 2 ओवर में 31 रन खर्च कर दिए थे. ऐसे में यह ब्रेक उन्हें मानसिक रूप से रीसेट करने का मौका दे सकता है.
5 साल में पहली बार
इतिहास पर नज़र डालें तो केकेआर ने बहुत कम मौकों पर ऐसा मैच खेला है. जब नरेन और चक्रवर्ती दोनों एक साथ बाहर रहे हों. साल 2021 के बाद से यह जोड़ी लगभग हर मैच में टीम का हिस्सा रही है. कभी किसी एक को आराम दिया गया. तो दूसरा मैदान पर मौजूद रहा. लेकिन दोनों का एक साथ बाहर होना बेहद दुर्लभ रहा है.यही कारण है कि आईपीएल 2026 का यह मुकाबला खास बन जाता है. यह सिर्फ एक मैच नहीं. बल्कि केकेआर के लिए अपनी बेंच स्ट्रेंथ और रणनीतिक लचीलापन परखने का मौका भी है. बिना अपने मुख्य स्पिन आक्रमण के टीम को नई योजनाओं के साथ उतरना पड़ा है. जहां तेज गेंदबाज़ों पर ज्यादा जिम्मेदारी आ गई है.
इस स्थिति में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या केकेआर अपनी इस कमजोरी को ताकत में बदल पाती है या नहीं. क्योंकि आईपीएल जैसे टूर्नामेंट में वही टीम आगे बढ़ती है. जो मुश्किल हालात में भी खुद को ढाल लेती है. कुल मिलाकर. सुनील नरेन और वरुण चक्रवर्ती की गैरमौजूदगी ने इस मुकाबले को और भी रोमांचक बना दिया है. अब यह मुकाबला सिर्फ दो टीमों के बीच नहीं. बल्कि रणनीति और संतुलन की भी परीक्षा बन गया है.