हर किसी के लिए नहीं है पन्ना रत्न! पहनने से पहले जान लें ये जरूरी बातें, वरना बढ़ सकती हैं मुश्किलें

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ज्योतिष शास्त्र में रत्नों का विशेष महत्व माना जाता है, जो ग्रहों के प्रभाव को संतुलित करने का काम करते हैं. इन्हीं में से एक है पन्ना रत्न, जिसे बुध ग्रह का प्रतिनिधि माना जाता है. यह बुद्धि, तर्क शक्ति, वाणी और व्यापार से जुड़ा होता है. लेकिन इसे धारण करने से पहले इसके नियम और सावधानियां जानना बेहद जरूरी है, क्योंकि हर किसी के लिए यह लाभकारी नहीं होता.

दरअसल ज्योतिष शास्त्र में रत्न धारण करने से व्यक्ति को आर्थिक समृद्धि और कई सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलते हैं. ज्योतिष शास्त्र में पन्ना रत्न को बुध ग्रह का रत्न माना जाता है. बुध ग्रह बुद्धि, तर्क शक्ति, संवाद कौशल, व्यापार और करियर के कारक माने जाते हैं. ऐसी स्थिति में पन्ना रत्न धारण करने से व्यक्ति के करियर और व्यापार में भी वृद्धि होती है.

अयोध्या के ज्योतिष पंडित कल्कि राम बताते हैं कि पन्ना रत्न मिथुन और कन्या राशि के जातकों के लिए शुभ माना जाता है. रत्न शास्त्र के अनुसार रत्न धारण करने से पहले उसके नियमों का पालन करना बेहद जरूरी होता है. मान्यता है कि इस रत्न को धारण करने से व्यापार-कारोबार में सफलता मिलती है और जीवन में कई तरह के लाभ प्राप्त होते हैं.

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मुख्य रूप से पन्ना रत्न मिथुन और कन्या राशि के जातकों के लिए शुभ फलदायी माना जाता है. अगर कुंडली में बुध की महादशा या अंतर्दशा चल रही हो, तो ऐसी स्थिति में पन्ना रत्न धारण करने से विशेष लाभ मिलता है. इससे ग्रह-नक्षत्रों के अशुभ प्रभाव कम होते हैं और नौकरी व व्यवसाय में आ रही रुकावटें भी दूर होती हैं.

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पन्ना रत्न धारण करने से बुद्धि और स्मरण शक्ति तेज होती है. वाणी में प्रभाव बढ़ता है और व्यापार और कारोबार में सफलता मिलती है. आर्थिक तंगी से राहत मिलती है और मानसिक तनाव भी कम होता है. इस रत्न को धारण करने से व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता भी मजबूत होती है. पन्ना रत्न को बुधवार के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में धारण करना सबसे शुभ माना जाता है.

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर किसी के लिए यह रत्न शुभ नहीं होता है. यदि कुंडली में बुध ग्रह 6, 8 या 12वें भाव में स्थित हो, तो पन्ना रत्न धारण नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से आर्थिक नुकसान और मानसिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. इसलिए पन्ना रत्न धारण करने से पहले किसी ज्योतिषी से परामर्श लेना जरूरी होता है.

पन्ना रत्न धारण करने के बाद नियमित रूप से बुधवार के दिन व्रत रखना चाहिए. हरी सब्जियां दान करनी चाहिए और बुध मंत्र का जप करना चाहिए. यदि कोई नकारात्मक प्रभाव दिखे तो तुरंत रत्न उतार दें. सही समय, सही विधि और शुद्ध पन्ना धारण करने से व्यापार-कारोबार में सफलता, बुद्धि की तीव्रता और समृद्धि प्राप्त हो सकती है.

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