1500 लागत, 1.2 लाख कमाई…1 बीघा में 20 क्विंटल अरबी, हैरान कर देगी रामपुर की ये महिला किसान
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Arbi Farming : अरबी ज्यादा झंझट वाली फसल नहीं है. इसे गर्म और नम जलवायु में आसानी से उगाया जा सकता है. मिट्टी ज्यादा उपजाऊ हो तो उत्पादन और भी बेहतर हो जाता है. छोटे किसानों के लिए ये फसल किसी वरदान से कम नहीं है. रामपुर की रहने वाली महिला किसान राधा पिछले 20 साल से अरबी उगाती आ रही हैं. राधा की कमाई का सिर्फ यही एक जरिया नहीं है. लोकल 18 से वह बताती हैं कि फसल तैयार होने में 3 महीने लगते हैं लेकिन इस दौरान उसके पत्तों को भी बेचा जा सकता है.
रामपुर. आज का किसान ऐसी फसल ढूंढता है, जिसमें खर्च कम हो और कमाई जल्दी शुरू हो जाए. छोटे किसानों के लिए ये फसल किसी वरदान से कम नहीं है. अरबी (घुइयां) की खेती किसानों के बीच तेजी से पॉपुलर हो रही है. ये फसल ज्यादा मेहनत नहीं मांगती और कुछ ही महीनों में तैयार हो जाती है. इसकी जड़ के साथ-साथ पत्तों से भी कमाई होती है, जिससे किसान को लगातार पैसा मिलता रहता है. रामपुर की रहने वाली महिला किसान राधा पिछले 20 साल से खेती कर रही हैं और हर साल अरबी लगाती हैं. उनका कहना है कि यह फसल उन्हें हर बार अच्छा मुनाफा देकर जाती है.
60 रुपये किलो
लोकल 18 से राधा बताती हैं कि वह सिर्फ एक बीघा जमीन में देशी अरबी उगाती हैं और उससे करीब 20 क्विंटल तक उत्पादन निकाल लेती हैं. इस बार भी एक बीघा में अरबी लगाई है. उन्होंने इस खेती की शुरुआत बेहद कम लागत से की. राधा ने केवल 1500 रुपये की घुइयां लगाई है. नियमित सिंचाई और थोड़ी देखभाल से फसल तैयार होकर बाजार में जाती है. 60 रुपये किलो तक का भाव मिल जाता है. इस हिसाब से करीब 1 लाख 20 हजार तक की कमाई आराम से हो जाती है.
पत्ता कितने का
राधा की कमाई का सिर्फ यही एक जरिया नहीं है. वह बताती हैं कि अरबी की फसल तैयार होने में 3 महीने का समय लगता है लेकिन इस दौरान उसके पत्तों को भी बेचा जा सकता है. उन्होंने खेत से पत्ते काट-काटकर बाजार में बेचे हैं, जिससे उन्हें 5 से 10 रुपये प्रति किलो तक का रेट मिला. यानी फसल तैयार होने से पहले ही उनकी कमाई शुरू हो जाती है. यही वजह है कि अरबी की खेती को डबल इनकम फसल भी कहा जा रहा है.
प्रति एकड़ 100 क्विंटल पैदावार
एक तरफ कंद यानी अरबी से कमाई होती है, दूसरी तरफ पत्तों से भी पैसा मिलता रहता है. खेती के लिहाज से भी अरबी ज्यादा झंझट वाली फसल नहीं है. इसे गर्म और नम जलवायु में आसानी से उगाया जा सकता है. मिट्टी ज्यादा उपजाऊ हो तो उत्पादन और भी बेहतर हो जाता है. सही समय पर सिंचाई और थोड़ी देखरेख से एक एकड़ में 80 से 100 क्विंटल तक पैदावार मिल सकती है.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें