रास्ता भटक गई हूं मदद करो, ताडियांडामोल ट्रैकिंग पर गई महिला का आखिरी कॉल, कोडागु के घने जंगल में उतरे 90 लोग
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अबतक की जांच पड़ताल में सामने आया है कि 2 अप्रैल की सुबह महिला ट्रेकिंग के लिए आए 10 लोगों के समूह के साथ निकली थीं. हालांकि, वह अन्य लोगों से परिचित नहीं थीं. बताया जा रहा है कि अन्य सदस्यों ने बताया कि वह समूह से अलग और थोड़ा पीछे चल रही थीं. बताया जा रहा है कि उसने होमस्टे को जानकारी दी थी कि वह रास्ता भटक गई हैं. इसके बाद कर्नाटक वन विभाग और पुलिस ने तलाशी शुरू की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली.

केरल की महिला की खोज के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. (फाइल फोटो)
बेंगलुरु/तिरुवनंतपुरम. कर्नाटक के कोडागु जिले के ताडियांडामोल की पहाड़ियों पर ‘ट्रेकिंग’ के लिए गई केरल की आईटी पेशेवर एक महिला जंगल में लापता हो गई है. कर्नाटक के वन मंत्री ईश्वर खंड्रे ने रविवार को बताया कि उसकी तलाश के लिए अतिरिक्त कर्मियों और ड्रोन कैमरों को तैनात किया गया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने महिला के लापता होने पर चिंता व्यक्त करते हुए तलाश अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं.
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने रविवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को पत्र लिखकर कोडागु जिले में ‘ट्रेकिंग’ के दौरान लापता हुई राज्य की एक युवा आईटी पेशेवर की तलाश के लिये तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है. केरल के कोझीकोड जिले में नादापुरम की रहने वाली महिला जी एस शरण्या (36) ‘ट्रेकिंग’ के लिए अकेले आई थी और कक्काबे गांव में एक निजी होमस्टे में रुकी थी.
वह दो अप्रैल को एक गाइड और 15 अन्य पर्वतारोहियों के साथ कोडागु की ऊंची पहाड़ी श्रृंखला ताडियांडामोल गई थी. उसी दोपहर वह लापता हो गई. मंत्री के कार्यालय ने एक बयान में कहा कि मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस, नक्सल-विरोधी दस्ते, एक श्वान दस्ता और वनकर्मियों सहित 50 लोगों की पांच टीम गठित की गईं और खोज अभियान चलाया जा रहा है.
खंड्रे के अनुसार, मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने ‘ट्रेकिंग’ पर गई महिला के लापता होने पर चिंता व्यक्त की और तलाश के लिए अतिरिक्त कर्मियों को तैनात करने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा, ’40 कर्मियों की चार अतिरिक्त टीम आज तैनात की गई हैं. कुल नौ टीम तलाश अभियान चला रही हैं. लापता महिला को खोजने के लिए पूरी ईमानदारी से प्रयास जारी हैं.’
मंत्री ने बताया कि खबरों के मुताबिक, महिला ने बृहस्पतिवार को आखिरी बार होमस्टे से फोन पर संपर्क किया था और बताया था कि वह रास्ता भटक गई है. उन्होंने कहा, ‘उसके फोन की लोकेशन के आधार पर तलाश अभियान चलाया जा रहा है. स्थानीय आदिवासी लोग भी मदद के लिए आगे आए हैं और अत्याधुनिक थर्मल ड्रोन कैमरे मंगवा लिए गए हैं. आज से एक अतिरिक्त टीम को तैनात किया गया है.’
सिद्धरमैया को लिखे गए अपने पत्र में विजयन ने जी एस शरण्या के लापता होने पर चिंता व्यक्त की, जो कथित तौर पर दो अप्रैल को ताडियांडामोल पहाड़ियों पर ट्रेकिंग के दौरान लापता हो गई थीं. तिरुवनंतपुरम से प्राप्त सूचना के अनुसार, विजयन ने अपने पत्र में कहा कि यह जानकारी मिली है कि शरण्या की तलाश के लिए खोज अभियान जारी है. उन्होंने कहा, “मैं इस मामले में आपके व्यक्तिगत हस्तक्षेप का अनुरोध करता हूं.” उन्होंने सिद्धरमैया से आग्रह किया कि वह वर्तमान में जारी तलाश अभियान को और तेज करने का निर्देश दें और टीम की संख्या बढ़ाएं, ताकि लापता महिला का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके और उसे सुरक्षित घर वापस लाया जा सके.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें