‘हमें सिर्फ सच जानना’, अहमदाबाद प्लेन क्रैश के पीड़ितों के परिवारों ने PM मोदी को लिखा लेटर, इस चीज की लगाई गुहार

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‘हमें सच जानना’, अहमदाबाद प्लेन क्रैश पीड़ित परिवारों की PM मोदी से गुहार

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Ahmedabad Plane Crash News: अहमदाबाद प्लेन क्रैश के करीब 10 महीने बाद पीड़ित परिवारों ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर ब्लैक बॉक्स डेटा सार्वजनिक करने की मांग की है. उनका कहना है कि उन्हें मुआवजा नहीं, बल्कि सच्चाई चाहिए. परिवारों के अनुसार हादसे की असली वजह जानना ही उनके लिए सबसे जरूरी है.

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'हमें सच जानना', अहमदाबाद प्लेन क्रैश पीड़ित परिवारों की PM मोदी से गुहारZoom

अहमदाबाद प्लेन क्रैश के पीड़ित परिवारों ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर ब्लैक बॉक्स डेटा सार्वजनिक करने की मांग की. (फाइल फोटो PTI)

नई दिल्ली: किसी भी बड़े हादसे के बाद सबसे कठिन सवाल यही होता है कि आखिर हुआ क्या था? अहमदाबाद प्लेन क्रैश के पीड़ित परिवारों के लिए यह सवाल अब दर्द से भी बड़ा हो चुका है. करीब दस महीने बीत चुके हैं, लेकिन जवाब अभी भी अधूरे हैं. यही वजह है कि अब इन परिवारों ने सीधे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर एक ही मांग रखी है कि सच्चाई सामने लाई जाए. यह मांग किसी आरोप या नाराजगी से नहीं, बल्कि उस खालीपन से निकली है जो अपने लोगों को खोने के बाद रह जाता है. परिवारों का कहना है कि उन्हें मुआवजा नहीं, बल्कि सच चाहिए. उन्हें जानना है कि आखिर वो कौन सी चूक थी जिसने 260 जिंदगियों को एक पल में खत्म कर दिया.

न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार परिजनों ने अपने पत्र में खासतौर पर विमान के ब्लैक बॉक्स और कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर (CVR) का डेटा सार्वजनिक करने की अपील की है. उनका कहना है कि अगर यह जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती, तो कम से कम उन्हें निजी तौर पर साझा की जाए. उनका मानना है कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आएगी, तब तक उनका दुख कम नहीं होगा. यह सिर्फ एक तकनीकी मांग नहीं है, बल्कि भावनात्मक न्याय की अपील है.

क्या है पूरा मामला और परिवारों की मांग

  • 12 जून 2025 को एयर इंडिया की फ्लाइट AI171, जो अहमदाबाद से लंदन जा रही थी, टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद क्रैश हो गई थी. Boeing 787-8 विमान मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर में जा गिरा और उसमें आग लग गई. इस हादसे में 241 यात्रियों और क्रू समेत कुल 260 लोगों की जान चली गई. अब करीब 30 पीड़ित परिवारों ने ब्लैक बॉक्स डेटा सार्वजनिक करने की मांग की है ताकि हादसे की असली वजह सामने आ सके.
  • इस हादसे के बाद एक प्रारंभिक रिपोर्ट जरूर सामने आई थी, लेकिन परिवारों का कहना है कि उसमें कई अहम सवालों के जवाब नहीं हैं. यही कारण है कि समय बीतने के साथ उनका दर्द और गहरा होता जा रहा है. उनका मानना है कि जब तक सच्चाई पूरी तरह सामने नहीं आएगी, तब तक उन्हें मानसिक शांति नहीं मिल सकती.
  • परिजनों ने अपने पत्र की प्रतियां नागरिक उड्डयन से जुड़े अधिकारियों, जैसे AAIB और DGCA, के साथ-साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को भी भेजी हैं. इससे साफ है कि वे इस मुद्दे को गंभीरता से उठाना चाहते हैं और हर स्तर पर पारदर्शिता की उम्मीद कर रहे हैं.
परिवारों का मानना है कि ब्लैक बॉक्स और कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर ही हादसे की असली वजह बता सकते हैं. (फाइल फोटो PTI)

परिवार ब्लैक बॉक्स डेटा सार्वजनिक करने की मांग क्यों कर रहे हैं?

परिवारों का मानना है कि ब्लैक बॉक्स और कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर ही हादसे की असली वजह बता सकते हैं. इसमें पायलट की बातचीत, तकनीकी खराबी और अंतिम पलों की पूरी जानकारी होती है. बिना इसके सच सामने आना मुश्किल है. इसलिए वे चाहते हैं कि या तो यह डेटा सार्वजनिक किया जाए या उन्हें निजी तौर पर दिखाया जाए.

क्या पहले कोई रिपोर्ट जारी हुई थी?

हां, हादसे के बाद एक प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी की गई थी. लेकिन परिवारों के मुताबिक उसमें कई अहम सवालों के जवाब नहीं मिले. रिपोर्ट अधूरी लगती है और इससे उनकी चिंताएं और बढ़ गई हैं.

परिवारों को और किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है?

कई परिवारों ने शिकायत की है कि उन्हें अपने प्रियजनों के सामान तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है. एयरलाइन द्वारा बनाया गया ऑनलाइन सिस्टम जटिल है. तस्वीरें साफ नहीं हैं और जवाब मिलने में काफी समय लग रहा है. ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए यह प्रक्रिया और भी मुश्किल हो गई है.

सिर्फ जवाब नहीं, भावनात्मक राहत की तलाश

यह मामला केवल तकनीकी जांच का नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं का भी है. जिन परिवारों ने अपने अपनों को खोया है, उनके लिए हर दिन एक संघर्ष है. वे चाहते हैं कि हादसे की सच्चाई सामने आए ताकि वे इस दर्द के साथ आगे बढ़ सकें. उनका कहना है कि पारदर्शिता ही उन्हें मानसिक शांति दे सकती है. अब सभी की नजर इस बात पर है कि इस मांग पर क्या कदम उठाए जाते हैं.

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Sumit Kumar

सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 3 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…और पढ़ें

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