चक्की पर ले जाने से पहले गेहूं का करें ये देसी जुगाड़, आटा बनेगा एकदम मुलायम, किरकिरापन होगा गायब

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Tips and Tricks: कुछ लोग बाजार से आटा खरीदकर उसकी रोटी खाते हैं, लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि जो आटा आप उपयोग में ले रहे हैं, उसे बनाने में कितनी मेहनत लगी है. आइए आपको बताते हैं कि गेहूं की कैसे सही सफाई की जाती है, ताकि आटा शुद्ध और अच्छा बने.

सुल्तानपुर: शहर में भले ही आपको किसी पॉलिथीन की थैली में या फिर किसी प्लास्टिक की बोरी में सुंदर अक्षरों में छपा हुआ शुद्ध देसी आटा लिखा हुआ मिल जाए, लेकिन इसके पीछे काफी मेहनत होती है. गांव में आज भी लोग गेहूं चक्की पर ले जाने से पहले उसको कई प्रक्रियाओं से गुजारते हैं, ताकि जब वह रोटी खाएं तो उनको किसी प्रकार का आटे में कोई किरकिरापन महसूस न होने पाए.

ऐसे में आज हम जानेंगे कि अगर आप भी गेहूं पिसाने के लिए चक्की पर ले जा रहे हैं, तो इसके पहले हमें कौन सा कार्य करना चाहिए, ताकि गेहूं पीसने के बाद जब आटा तैयार हो, तो उसमें किरकिरापन ना रहे. आईए जानते हैं कि आखिर इसको किस तरह से शुद्ध बनाया जाए.

सबसे पहले करें यह काम
ग्रामीण महिला पुष्पा देवी ने लोकल 18 से बताया कि आटा साफ-सुथरा और स्वच्छ रहे, इसके लिए हमें गेहूं की धुलाई के समय ध्यान देने की आवश्यकता है. इसके लिए गेहूं धोने से पहले हमें आटे को किसी बड़े टब या फिर बड़ी बाल्टी में गेहूं को दो से तीन घंटा पानी में भिगोकर रखना चाहिए. इसका फायदा यह होता है कि मिट्टी पूरी तरीके से पानी में घुल जाती है और कंकड़ और खरपतवार नीचे बैठ जाती है, जिससे गेहूं इन सबसे अलग हो जाता है.

भिगोने के बाद कपड़े जाल से छानें
दो-तीन घंटे गेहूं को भिगोने के बाद जब उसकी मिट्टी पूरी तरीके से गल जाए, तो गेहूं को किसी सूती कपड़े या फिर जाल से छान लेना चाहिए. इससे गेहूं अच्छे तरीके से साफ हो जाता है. ध्यान रहे कि गेहूं को कम से कम दो से तीन पानी अच्छे से हाथों से फटकार कर धुलें. इससे गेहूं में लगी हुई किसी भी प्रकार की गंदगी साफ हो जाती है.

सुखाते वक्त रखें ध्यान
पुष्पा देवी ने आगे बताया कि गेहूं धुलने के बाद जब भी आप उसको सूखने के लिए धूप में रखें, तो ऐसे में कम से कम 2 से 3 दिन तक इसको अच्छे से सुखा लें, ताकि इसमें नमी न रह जाए, क्योंकि अगर गेहूं धोने के बाद इसमें थोड़ी सी भी नमी रह जाती है, तो ऐसे में गेहूं में घुन और कीड़े लगने की संभावना अधिक बढ़ जाती है. ऐसे में जब भी गेहूं धुलें, तो इसे अच्छे से धूप में सुखा लें. इससे जब गेहूं पीसकर आटा तैयार होता है, तो वह बेहतर होता है और उसमें किसी भी प्रकार का कोई किरकिरापन नहीं होता है.

About the Author

आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.

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