‘एजेंट के चक्कर में मत फंसे, पहले सही जानकारी लें’, कानपुर किडनी कांड को लेकर मेरठ के CMO की सलाह

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Kidney Racket Meerut: यूपी के कानपुर में किडनी कांड को लेकर मेरठ के सीएमओ डॉक्टर अशोक कटारिया का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि इस मामले में मेरठ में भी विभिन्न स्तर पर जांच की जा रही है.

'एजेंट के चक्कर में मत फंसे', कानपुर किडनी कांड को लेकर मेरठ के CMO की सलाहZoom

मेरठ सीएमओ

मेरठ: उत्तर प्रदेश के कानपुर में किडनी ट्रांसप्लांट के नाम लोगों की जिंदगियों के साथ खिलवाड़ हो रहा था. इस पर दबिश लगाकर पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्त में लिया है. वहीं कानपुर के इस किडनी कांड को लेकर मेरठ के सीएमओ डॉक्टर अशोक कटारिया का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि इस मामले में मेरठ में भी विभिन्न स्तर पर जांच की जा रही है.

उन्होंने कहा कि एल्फा अस्पताल को दिए गए स्पष्टीकरण का जवाब आ गया है. थाना नौचंदी से इस मामले में जानकारी मांगी गई है. एसपी विजिलेंस से भी इस प्रकरण में जानकारी मांगी गई है. स्वास्थ्य विभाग अपने स्तर पर भी जांच कर रहा है. अस्पताल की संलिप्तता पाई जाती है, तो सख्त एक्शन लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि डॉक्टर्स को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग जांच कर रहा है.

एजेंट लोगों की जिंदगी के साथ कर रहे खिलवाड़
डॉक्टर अशोक कटारिया ने कहा कि डनी ट्रांसप्लांट कराने से पहले लोग सरकारी संस्थाओं से जानकारी लें. एजेंट से कांटैक्ट करने के चक्कर में लोग फंस जाते हैं. उन्होंने बताया कि किडनी ट्रांसप्लांट की वैधानिक प्रक्रिया है. जो हॉस्पिटल किडनी ट्रांसप्लांट करता है, उसकी परमिशन लखनऊ से होती है. कई स्तर की जांच के बाद किडनी ट्रांसप्लांट की स्वीकृति मिलती है.

डोनर और रिसीवर दोनों के परिवार की सहमति जरूरी
उन्होंने बताया कि बाकायदा बोर्ड का गठन होता है, तब सीएमओ स्तर पर रिपोर्ट तैयार की जाती है. वीडियोग्राफी की प्रक्रिया भी अपनाई जाती है. वो बताते हैं कि किडनी ट्रांसप्लांट से पहले डोनर और रिसीवर दोनों के परिवार को बुलाया जाता है और पूरी छानबीन के बाद ही निर्णय लिया जाता है कि किडनी दी जा सकती है या रिसीव की जा सकती है. प्रक्रिया बहुत कठिन होती है, लेकिन दलाल सेंध लगा जाते हैं, इसलिए सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है.

बता दें कि उत्तर प्रदेश के कानपुर में किडनी ट्रांसप्लांट के नाम पर लोगों के साथ धोखाधड़ी हो रही थी. इस पर एक्शन लेते हुए पुलिस ने गाजियाबाद में दबिश देकर दो ओटी असिस्टेंस को गिरफ्तार किया. वहीं पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है, जो अलग-अलग जिलों के हो सकते हैं.

About the Author

आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.

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