ईरान-इजरायल युद्ध का भारतीय फल व्यापार पर असर, निर्यात पर मंडराया संकट, व्यापारियों को लाखों का नुकसान

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Chandauli News: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर भारत में भी देखने को मिल रहा है. खाड़ी देशों को भेजी जाने वाली फल और सब्जियों का निर्यात पिछले एक महीने से पूरी तरह ठप हैं. आइए जानते हैं कि सब्जी व्यापारियों का क्या कहना है.

चंदौली: जिले का फल और सब्जी कारोबार इन दिनों गंभीर संकट से गुजर रहा है. ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात का असर अब स्थानीय बाजारों तक साफ दिखाई देने लगा है. खाड़ी देशों को भेजी जाने वाली फल और सब्जियों का निर्यात पिछले एक महीने से पूरी तरह ठप है, जिससे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.

बिगड़ती जा रही है मंडियों की स्थिति
जानकारी के मुताबिक, 28 फरवरी से शुरू हुई इस बाधा ने चंदौली के व्यापारियों की कमर तोड़ दी है. निर्यात रुकने के कारण मंडियों में माल की आवक और खपत दोनों पर असर पड़ा है. मुगलसराय के फल औक सब्जी व्यवसायी वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष चौधरी नारायण प्रसाद सोनकर ने लोकल 18 से बताया कि मौजूदा हालात में मंडियों की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है. उन्होंने कहा कि पहले जहां बाहर से माल आता था और विदेशों में निर्यात होता था, अब दोनों प्रक्रियाएं प्रभावित हो गई हैं.

सब्जियों की मांग में आई है गिरावट 
सोनकर ने बताया कि बढ़ती महंगाई और अंतरराष्ट्रीय हालात के चलते आम लोगों की प्राथमिकताएं भी बदल रही हैं. रसोई गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारें लगने लगी हैं और आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल जैसी आवश्यक वस्तुओं पर भी असर पड़ सकता है. ऐसे में उपभोक्ता पहले जरूरी खर्चों पर ध्यान दे रहे हैं, जिससे सब्जियों की मांग में गिरावट आई है.

निर्यात और आयात हुआ है प्रभावित 
उन्होंने कहा कि चंदौली की मंडियों से आमतौर पर बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे पड़ोसी राज्यों में भी सब्जियां भेजी जाती है, लेकिन वर्तमान संकट के चलते यह आपूर्ति भी सीमित हो गई है. इसके अलावा, विदेशों में भेजे जाने वाले आम, लीची, संतरा और माल्टा जैसे फलों का निर्यात और आयात भी प्रभावित हुआ है, जिससे पूरे फल-सब्जी कारोबार पर नकारात्मक असर पड़ा है.

आजीविका पर गहराता जा रहा है संकट 
वहीं, उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य नहीं हुए, तो नुकसान और बढ़ सकता है. फिलहाल, चंदौली की मंडियों में सुस्ती और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है, जिससे जुड़े हजारों लोगों की आजीविका पर संकट गहराता जा रहा है.

About the Author

आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.

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