फिनिशर की जरूरत नहीं… क्या धोनी का आईपीएल करियर हुआ खत्म, स्टीफन फ्लेमिंग के बयान से समझिए
नई दिल्ली: एक समय था जब भारतीय दिग्गज महेंद्र सिंह धोनी को दुनिया का सबसे बेस्ट फिनिशर कहा जाता था. टीम इंडिया हो या फिर आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स, दोनों ही जगह धोनी ने ना जाने कितने ही मैच को अकेले दम पर फिनिश किया. क्रिकेट में फिनिशर का काम मैच में अंत तक बने रहते हुए उसे जीत के साथ खत्म करना है, लेकिन अब फिनिशर की इस भूमिका को लेकर सीएसके के कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने एक हैरान करने वाला बयान दिया है.
फ्लेमिंग का मानना है कि वर्तमान समय में टी20 क्रिकेट में पारंपरिक फिनिशर की भूमिका बहुत प्रासंगिक नहीं रह गई है, क्योंकि मैच की शुरुआत से ही पूरी तरह से आक्रामक खेल खेला जा रहा है. ऐसे में अब सवाल ये उठता है कि क्या सीएसके से अब धोनी करियर खत्म हो गया है. क्योंकि आज भी सीएसके के फैंस धोनी से यही चाहते हैं कि वह मैच को फिनिश करें. स्टिफन फ्लेमिंग की फिनिशर को लेकर राय अब बदल चुकी है.
चोट के कारण शुरुआती मैचों में नहीं खेल रहे हैं धोनी
आईपीएल 2026 में धोनी चोट के कारण सीएसके लिए शुरुआती मैचों में नहीं खेल रहे हैं. टीम को पहले दो मैचों में हार मिली है. इसके कारण सीएसके ने अपनी टीम में काफी फेरबदल भी किया है. उसकी बल्लेबाजी यूनिट में टॉप ऑर्डर बल्लेबाजों का दबदबा है, जिससे मध्य और निचले क्रम में विशेष रूप से फिनिशर की भूमिका की कमी महसूस हो रही है.
फ्लेमिंग ने पंजाब किंग्स के हाथों सीएसके की पांच विकेट से हार के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि अब फिनिशर जैसी कोई चीज रह गई है. पहली गेंद से ही हर कोई ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर रहा है. अब ऐसा नहीं है कि 16वें ओवर तक रन गति कुछ धीमी रखकर फिर तेजी से रन बनाए जाएं. पहली गेंद से ही प्रत्येक बल्लेबाज आक्रामक अंदाज में खेल रहा है.’’
शुरुआत में ही आक्रमक बैटिंग होनी चाहिए-फ्लेमिंग
उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए पारी की शुरुआत से ही 10, 11, 12 का रन रेट अपेक्षित है. आपको 40 रन तक पहुंचने के लिए अधिक आक्रामक दृष्टिकोण अपनाना होगा. इसलिए आपके पास ऐसे बल्लेबाज होने चाहिए जो शुरू से लेकर आखिर तक आक्रामक खेल खेलें और निश्चित रूप से हमारे पास वही टीम है.’’
फ्लेमिंग ने कहा, ‘‘डेवाल्ड ब्रेविस चोट के कारण बाहर हैं और सर्वश्रेष्ठ फिनिशरों में से एक महेंद्र सिंह धोनी चोटिल हैं. इसलिए हमारे पास कुछ ताकत तो है. हमें उम्मीद है कि ब्रेविस की वापसी के बाद बीच के ओवरों में उनका दबदबा रहेगा. मैं अपनी टीम के खेल के तरीके से संतुष्ट हूं.’’
लगातार दो मैचों में सीएसके के लिए फेल रहे हैं संजू
भारत को टी20 विश्व कप में चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले बल्लेबाज संजू सैमसन पहले दो मैचों में संघर्ष करते नजर आए हैं. फ्लेमिंग ने हालांकि उनका समर्थन किया.उन्होंने कहा, ‘‘वह अच्छा अभ्यास कर रहा है और जब वह लय में आ जाता है तो अक्सर मैच विजेता खिलाड़ी साबित होता है. इसलिए पहले दो मैच में उसका प्रदर्शन चिंता का विषय नहीं है.’’
फ्लेमिंग ने बल्ले और गेंद के बीच बेहतर संतुलन बनाए रखने की भी अपील की और कहा कि इम्पैक्ट प्लेयर नियम ने खेल को बल्लेबाजी के पक्ष में झुका दिया है. उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इस प्रतियोगिता में विशेष रूप से इम्पैक्ट प्लेयर नियम की बहुत बड़ी भूमिका है. मुझे नहीं पता कि यह कब तक रहेगा, लेकिन यह निश्चित रूप से क्रिकेट की गति को प्रभावित करता है. इससे खेल कुछ हद तक बल्लेबाजों के पक्ष में झुक गया है.’’