पार्टनर को 50% सैलरी और तुरंत शेयर्स का मालिकाना हक, सरकारी नौकरी से भी बेहतर है गूगल का यह नियम
नई दिल्ली (Google Employee Death Benefits Policy). दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी गूगल न केवल अपने ऑफिस कल्चर और शानदार सैलरी के लिए जानी जाती है, बल्कि कर्मचारियों के प्रति अपनी संवेदनशीलता के लिए भी मशहूर है. गूगल की एंप्लॉई डेथ बेनेफिट्स पॉलिसी को सिलिकॉन वैली की सबसे बेहतरीन पॉलिसी में से एक माना जाता है. यह पॉलिसी इस बात का प्रमाण है कि कंपनी अपने कर्मचारियों को केवल रिसोर्स नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा मानती है.
10 साल तक आधी सैलरी और स्टॉक बेनेफिट्स
बच्चों की पढ़ाई का पूरा ख्याल
कंपनी केवल जीवनसाथी तक ही सीमित नहीं रहती, बल्कि कर्मचारी के बच्चों का भविष्य भी सुरक्षित करती है. पॉलिसी के तहत, दिवंगत कर्मचारी के हर बच्चे को 19 वर्ष की आयु होने तक हर महीने 1,000 डॉलर (लगभग 84,000 रुपये) का भुगतान किया जाता है. अगर बच्चा फुल-टाइम स्टूडेंट है तो यह लाभ 23 साल की उम्र तक दिया जाता है. इससे पिता या माता के न रहने पर बच्चे की शिक्षा बीच में नहीं रुकती है.
मिनिमम Tenure की कोई शर्त नहीं
ज्यादातर कंपनियों में बीमा या मृत्यु लाभ पाने के लिए एक निश्चित समय तक काम करना अनिवार्य होता है, लेकिन गूगल में ऐसा नहीं है. गूगल के 1,90,000 से अधिक कर्मचारियों में से कोई भी, चाहे उसने कल ही जॉइन किया हो, इस पॉलिसी का हकदार है. गूगल के पूर्व एचआर चीफ लास्ज़लो बोक के अनुसार, कंपनी का मानना है कि किसी की मृत्यु पर परिवार की मदद करना केवल पॉलिसी नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी है.
सिलिकॉन वैली की सबसे उदार कंपनी
गूगल की यह कोशिश फेसबुक (Meta) या ऐपल जैसी दूसरी बड़ी कंपनियों की तुलना में बहुत बड़ी और बेहतर है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पॉलिसी न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाती हैं, बल्कि कंपनी के प्रति उनकी वफादारी को भी मजबूत करती हैं. गूगल का यह मॉडल संदेश देता है कि कंपनी कठिन समय में अपने लोगों के साथ खड़ी है.