Success Story: इंजीनियरिंग, फिर ITBP और NSG, गाजीपुर के रवि ने ड्यूटी के बीच क्रैक की PCS परीक्षा
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Ravi Kumar Rai Sharma UPPSC PCS Success Story: गाजीपुर के शेरपुर खुर्द गांव के रवि कुमार राय शर्मा ने यूपी पीसीएस 2024 में 64वीं रैंक हासिल की है. एनएसजी में डिप्टी कमांडेंट के पद पर तैनात रवि अब BDO के रूप में अपनी सेवाएं देंगे. जानिए एक सरकारी स्कूल से अफसर बनने तक का उनका पूरा सफर.

UPPSC 2024 Success Story: रवि कुमार राय शर्मा ने सरकारी स्कूल से पढ़ाई की है
नई दिल्ली (Ravi Kumar Rai Sharma UPPSC PCS Success Story). उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग 2024 के नतीजों में गाजीपुर के लाल ने अपनी मेहनत से जिले का नाम रोशन किया है. गाजीपुर के शेरपुर खुर्द गांव के रहने वाले रवि कुमार राय शर्मा ने यूपी पीसीएस परीक्षा 2024 में 64वीं रैंक हासिल की है. रवि पहले से ही देश की सुरक्षा में एक बड़े पद पर तैनात हैं. अब वे प्रशासनिक सेवा के जरिए जमीन पर उतरकर जनता के बीच काम करेंगे. उनका चयन ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर यानी बीडीओ (BDO) के पद पर हुआ है.
सरकारी स्कूल से की शुरुआती पढ़ाई, फिर बने इंजीनियर
रवि कुमार राय शर्मा की सफलता की नींव उनके गांव में ही पड़ी थी. उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा गांव के किसान लघु माध्यमिक विद्यालय से हासिल की. ग्रामीण माहौल में पले-बढ़े रवि पढ़ाई में हमेशा से मेधावी थे. इंटरमीडिएट की शिक्षा के लिए वह झांसी चले गए, जहां उन्होंने आर्मी पब्लिक स्कूल में दाखिला लिया. इसके बाद उन्होंने टेक्निकल एजुकेशन की तरफ कदम बढ़ाए और कानपुर के मशहूर HBTI (अब HBTU) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की.
वर्दी से रहा है पुराना नाता: ITBP से NSG तक का सफर
रवि कुमार राय शर्मा के खून में ही देशभक्ति है. उनके पिता भारतीय सेना में सूबेदार के पद से रिटायर हुए हैं. पिता को वर्दी में देखकर बड़े हुए रवि ने भी सेना में नौकरी को प्राथमिकता दी. साल 2015 में उनका चयन ITBP (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस) में असिस्टेंट कमांडेंट के रूप में हुआ. उनकी काबिलियत को देखते हुए उन्हें देश के सबसे घातक सुरक्षा बल NSG (राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड) में पोस्टिंग मिली, जहां वे डिप्टी कमांडेंट के पद तक पहुंच गए थे.
VVIP सुरक्षा की जिम्मेदारी और अब प्रशासनिक सेवा
रवि कुमार राय शर्मा ने अपने करियर के दौरान न केवल मोर्चे पर काम किया, बल्कि चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर के रूप में VVIP सुरक्षा अभियानों की कमान भी संभाली. इतनी बड़ी जिम्मेदारियों को निभाते हुए भी उनके मन में सिविल सेवा के जरिए समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की मदद करने की इच्छा थी. इसी का नतीजा है कि उन्होंने ड्यूटी के साथ तैयारी जारी रखी और पीसीएस 2024 में 64वीं रैंक के साथ सफलता का परचम लहराया. अब वे बीडीओ के रूप में गांवों के विकास की रूपरेखा तैयार करेंगे.
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