‘मछली का चटपटा अचार’! गुमला में यहां मिल रहा अनोखा स्वाद, कॉलेज छात्र बना रहे टेस्टी फिश अचार, जानें रेसिपी
गुमला: वैसे तोअचार का नाम सुनते ही लोगों के मुंह में पानी आ जाता है. आचार यदि हमें भोजन या नाश्ते में मिल जाए तो खाने का स्वाद दोगुना हो जाता है. यह खाने में टेस्टी, चटपटा और स्वादिष्ट तो होता ही है. साथ ही यह भोजन के पाचन में भी सहायक होता है. ऐसे तो बाजार में नियमित रूप से आम, ओल , कटहल, अदरक, नींबू, लहसुन, मिर्च आदि के आचार मिलते हैं. जो खाने में भी टेस्टी होते हैं, लेकिन क्या आपने कभी मछली से बने आचार खाएं हैं. आज हम आपको मछली के अचार के बारे में बताएंगे.
जी हां! झारखंड के गुमला जिले में एकमात्र ऐसी जगह हैं. जहां आपको मछली का अचार आसानी से मिल जाएगा. गुमला जिले के जशपुर रोड स्थित मत्स्यिकी विज्ञान महाविद्यालय के समीप इसकी स्टॉल सजती है. इस खास स्टॉल का संचालन मत्स्यिकी कॉलेज के छात्रों द्वारा किया जाता है. जो अपनी पढ़ाई के साथ-साथ ‘फिश प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी’ का व्यावहारिक ज्ञान भी ले रहे हैं. फिश प्रोसेसिंग विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कस्तूरी चटोपाध्याय की विशेष निगरानी में मछली का आचार तैयार किया जाता है.
जानें कैसे काटते हैं मछली
बता दें कि फिश प्रोसेसिंग विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कस्तूरी चटोपाध्याय ने लोकल 18 को बताया कि अमूमन हमलोग आम, कटहल या अन्य कोई फल या सब्जी आदि का आचार बनाते हैं तो उसे छोटे-छोटे टुकड़ों में काटते हैं. उसी प्रकार मछली का अचार बनाने के लिए भी हमारा पहला स्टेप काटना होता है. मछली को हम लोग छोटी-छोटी पीस में काटते हैं, फिर मछली के टुकड़ों में नमक व हल्दी का पाउडर मिलाकर लगभग दो घंटे तक रखते हैं.
जानें मछली अचार की रेसिपी
इसके बाद इसे हल्का सरसों के तेल में भूनते हैं. फिर आचार में प्रयोग होने वाली मसाला है. जैसे मिर्च, अदरक, लहसुन ,सरसों , गोलकी पाउडर, जीरा पाउडर आदि को भूनते हैं. इसके बाद इसमें मछली के टुकडों को अच्छी तरह मिला देते हैं. फिर इसके ठंडा होने पर इसमें सिरका, लौंग, इलाइची पाउडर, चीनी, नमक आदि मिलाते हैं. इससे आचार की लाइफ डिसाइड होता है कि कितना दिन आचार ठीक रह सकता है. वहीं, इस आचार को बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता है. यह जल्दी तैयार होने वाला अचार है. इस आचार को बनाने में लगभग आधा घंटा लगता है.
जानें मछली अचार की कीमत
बता दें कि मसाला का पेस्ट बनाने और मछली को छोटी- छोटी पीस में काटने में जो टाइम लगता है. उसी में थोड़ा टाइम लगता है. बाकी प्रोसेस जल्दी जल्दी हो जाता है. इस तरह से अचार तैयार होने के बाद उसकी हमलोग पैकेजिंग करते हैं. वहीं, कीमत की बात करें तो 100 ग्राम का पैक ₹70 और 200 ग्राम वाला बोतल में है, जो 130 रुपए में हमारे यहां उपलब्ध है. वहीं, यहां स्टॉल मत्स्यिकी कॉलेज के समीप स्टॉल प्रत्येक बुधवार को शाम 4 बजे से 6 बजे तक ही लगता है.
बता दें कि मछली का अचार बनाने के लिए किसी भी आकार की मछली का उपयोग किया जा सकता है. चाहे वह छोटी, मध्यम या बड़ी आकार की हो. अन्य अचारों की तुलना में मछली का अचार पशु-प्रोटीन से भरपूर होने के साथ-साथ, एक अच्छा भूख बढ़ानेवाला खाद्य पदार्थ भी है. मछली का अचार बनाना और बेचना, गरीब मछुआरों के साथ-साथ बेरोजगार ग्रामीण युवाओं के लिए भी कमाई का एक स्रोत बन सकता है.