UPPCS के लिए कितने घंटे पढ़ाई काफी, सुबह ज्यादा अच्छा या रात में? असिस्टेंट कमिश्नर बनीं कंचन ने बताया सही तरीका

Share to your loved once


Last Updated:

Success Story : अगर आप UPPCS की तैयारी कर रहे हैं और पढ़ाई में परेशानी आ रही है. ऐसे में तैयारी कैसे करें और समय कितना दें, इस बारे में लोकल 18 ने चंदौली से इस बार असिस्टेंट कमिश्नर बनीं कंचन गुप्ता से बात की. कंचन अपनी सफलता का श्रेय नियमित और स्मार्ट पढ़ाई के तरीके को देती हैं. वह रोजाना 8 से 9 घंटे पढ़ती थीं. हालांकि, यह समय कभी-कभी कम या ज्यादा भी हो जाता था, लेकिन उन्होंने निरंतरता बनाए रखी.

चंदौली. प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPCS) 2024 का रिजल्ट सामने आने के बाद से परीक्षा पास करने वाले टॉपर्स की कई कहानियां आपने भी सुनी और पढ़ी होंगी. चंदौली जिले के मुगलसराय की बेटी कंचन गुप्ता ने भी शानदार सफलता हासिल करते हुए असिस्टेंट कमिश्नर (कमर्शियल टैक्स) पद पर 9वीं रैंक प्राप्त की है. कंचन ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित और स्मार्ट पढ़ाई के तरीके को देती हैं. लोकल 18 से बातचीत में कंचन कहती हैं कि वह रोजाना 8 से 9 घंटे पढ़ाई करती थीं. हालांकि, यह समय कभी-कभी कम या ज्यादा भी हो जाता था, लेकिन उन्होंने निरंतरता बनाए रखी. उनका फोकस हमेशा सिलेबस और पिछले वर्षों के प्रश्नों पर रहा. उन्होंने इन्हीं के आधार पर अपने नोट्स तैयार किए और उनका रिवीजन किया.

इतना पर्याप्त

कंचन ने बताया कि उन्होंने ऑब्जेक्टिव प्रश्नों (MCQs) के साथ-साथ आंसर राइटिंग की भी नियमित प्रैक्टिस की. कंचन कहती हैं कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता पाने के लिए केवल पढ़ना ही नहीं, बल्कि लिखने का अभ्यास भी उतना ही जरूरी है. कोचिंग के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से छात्र पर निर्भर करता है. अगर किसी को लगता है कि उसे मार्गदर्शन की जरूरत है, तो वह कोचिंग ले सकता है. यदि कोई स्वयं तैयारी कर सकता है, तो सेल्फ-स्टडी भी पर्याप्त हो सकती है.

पिछली असफलता से सीखा

कंचन ने अपनी पढ़ाई के समय के बारे में बताते हुए कहा कि वह सुबह पढ़ाई करना ज्यादा पसंद करती थीं. वह देर रात तक पढ़ने की बजाय सुबह जल्दी उठकर 2-3 घंटे लगातार पढ़ती थीं. इसके बाद वह थोड़ा ब्रेक लेकर फिर 1-2 घंटे पढ़ाई करती थीं. उन्होंने अपने अध्ययन के बीच पर्याप्त अंतराल रखा, जिससे उनका मन ताजा बना रहे और तनाव कम हो. उन्होंने अपनी पिछली असफलता से भी सीख ली. वर्ष 2023 में उन्हें जीएस पेपर-1 में अपेक्षा से कम अंक मिले थे. इस कमी को दूर करने के लिए उन्होंने 2024 में उसी विषय पर विशेष ध्यान दिया और कड़ी मेहनत की, जिसका परिणाम उनकी सफलता के रूप में सामने आया.

सुविधा और क्षमता 

कंचन कहती हैं कि हर छात्र का पढ़ने का तरीका अलग है. किसी को दिन में पढ़ना अच्छा लगता है, तो किसी को रात में पढ़ना. इसलिए सभी को अपनी सुविधा और क्षमता के अनुसार समय तय करना चाहिए. किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करते समय सिलेबस और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को अच्छी तरह समझना बेहद जरूरी है.

About the Author

Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP