Raghav Chadha vs Parineeti Chopra Net Worth: राघव चड्ढा और परिणीति चोपड़ा में कौन है ज्यादा अमीर? कमाई की रेस में कौन है आगे?
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Raghav Chadha vs Parineeti Chopra Net Worth: जब संपत्ति की बात आती है, तो राघव चड्ढा और उनकी पत्नी परिणीति चोपड़ा के बीच एक बड़ा अंतर दिखाई देता है. परिणीति चोपड़ा की अनुमानित नेट वर्थ लगभग 74 करोड़ रुपये है, जबकि राघव चड्ढा की घोषित संपत्ति मात्र 50 लाख रुपये के आसपास है.

राघव चड्ढा vs परिणीति चोपड़ा: नेटवर्थ में कौन है ‘सुपरहिट’
Raghav Chadha vs Parineeti Chopra Net Worth: आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा एक बार फिर सुर्खियों में हैं. पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया है, जिससे सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है. इस फैसले को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं, हालांकि पार्टी की ओर से आधिकारिक कारण स्पष्ट रूप से सामने नहीं आया है.
राघव चड्ढा पार्टी के युवा और प्रभावशाली चेहरों में गिने जाते हैं, इसलिए यह फैसला और भी ज्यादा चर्चा में है. इस खबर के बाहर आते ही राजनीति गरमा गई है और साथ ही लोग राघव और उनकी पत्नी बॉलीवुड एक्ट्रेस परिणीति चोपड़ा की संपत्ति की तुलना भी करने लगे हैं. दोनों ही अपने-अपने क्षेत्र में सफल हैं, लेकिन अगर नेटवर्थ की बात करें तो परिणीति चोपड़ा आर्थिक रूप से राघव चड्ढा से काफी आगे हैं.
कमाई की रेस में परिणीति बहुत आगे
राघव चड्ढा भले ही बड़े राजनेता हों, लेकिन आर्थिक मामले में उनकी पत्नी परिणीति चोपड़ा उनसे कहीं आगे हैं. परिणीति की कुल संपत्ति लगभग 74 करोड़ रुपये है. उनके पास मुंबई के बांद्रा में 22 करोड़ का आलीशान घर और रेंज रोवर जैसी महंगी गाड़ियाँ हैं. राघव चड्ढा की कुल नेटवर्थ करीब 50 लाख रुपये है. उनके पास 36 लाख का एक घर, एक मारुति स्विफ्ट डिजायर कार और कुछ गहने और शेयर हैं.
दोनों की कुल संपत्ति
अगर दोनों की संपत्ति मिला दी जाए, तो यह करीब 74.5 करोड़ रुपये बैठती है. इसमें सबसे बड़ा हिस्सा परिणीति का है. जहां एक तरफ राघव के राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें तेज हैं, वहीं दूसरी तरफ परिणीति अपने फिल्मी करियर और नए प्रोजेक्ट्स में व्यस्त हैं. यह जोड़ी आज भी देश की सबसे चर्चित कपल्स में से एक बनी हुई है.
AAP ने क्यों हटाया डिप्टी लीडर के पद से?
राघव चड्ढा को राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटाकर उनकी जगह राज्यसभा सांसद और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के फाउंडर अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है. पार्टी की ओर से इसे एक नियमित संगठनात्मक बदलाव बताया जा रहा है, लेकिन इसके पीछे कई दूसरे कारण भी चर्चा में हैं. सूत्रों का दावा है कि पिछले कुछ समय से राघव चड्ढा उन मुद्दों को सदन में उठा रहे थे जो पार्टी की आधिकारिक नीतियों के बजाय व्यक्तिगत विषयों पर केंद्रित थे. इसके अलावा पार्टी के कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों और संकट के समय राघव चड्ढा की ‘रणनीतिक चुप्पी’ ने भी नेतृत्व को नाराज किया है.
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प्रिंट मीडिया से करियर की शुरुआत करने के बाद पिछले 8 सालों से News18Hindi में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं. लगभग 4 सालों से बिजनेस न्यूज टीम का हिस्सा हैं. मीडिया में करीब डेढ़ दशक का अनुभव रखते हैं. बिजन…और पढ़ें