ब्रज के चौरासी कोसी परिक्रमा के प्रथम पड़ाव की हालत खस्ता, भक्तों के लिए पैदल चलना मुश्किल, देखें ग्राउंड रिपोर्ट
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कृष्ण की नगरी से करीब 5 किलोमीटर दूर स्थित है मधुवन धाम. मान्यता के अनुसार ब्रज चौरासी कोस की परिक्रमा का प्रथम पड़ाव यही से शुरू होता है. ब्रज चौरासी कोस के प्रथम पड़ाव के हालात खस्ता हैं. वाहनों से चलना तो दूर यहां व्यक्ति पैदल तक नहीं चल सकता है. योगी सरकार आज भी गड्ढा मुक्त सड़कें नहीं दे पाई है. आज भी सड़कें टूटी हुई है. 84 कोस के पहले पड़ाव होने के कारण यहां श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहता है.
मथुरा: कृष्ण की नगरी से करीब 5 किलोमीटर दूर स्थित है मधुवन धाम. मान्यता के अनुसार ब्रज चौरासी कोस की परिक्रमा का प्रथम पड़ाव यही से शुरू होता है. ब्रज चौरासी कोस के प्रथम पड़ाव के हालात खस्ता हैं. वाहनों से चलना तो दूर यहां व्यक्ति पैदल तक नहीं चल सकता है. योगी सरकार आज भी गड्ढा मुक्त सड़कें नहीं दे पाई है. आज भी सड़कें टूटी हुई है. 84 कोस के पहले पड़ाव होने के कारण यहां श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहता है. हल्की बारिश होने के कारण यहां की सड़क तालाब में बदल जाती है.
जनता ने की योगी से अपील
स्थानीय लोगों में योगी सरकार ने सड़क को गड्ढा मुक्त करने की अपील की है. सूबे में योगी सरकार आने से पहले उत्तर प्रदेश की जनता से सड़कों को गड्ढा मुक्त देने का वादा किया गया था. कई साल बीत जाने के बाद भी योगी सरकार प्रदेश के साथ कान्हा की नगरी की जनता को आज तक गड्ढा मुक्त सड़कें नहीं दे पाई है. सड़कों में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क है, आप मालूम ही नहीं कर पाओगे. जिले की अधिकतर सड़कों का यही हाल है. नैशनल हाईवे-19 से जय गुरुदेव मंदिर के पीछे गाँव महोली संपर्क मार्ग की परिक्रमा मार्ग की हालत बेहद दहनीय है. गाँव महोली के संपर्क मार्ग 84 कोस यात्रा का प्रथम पड़ाव स्थल माना जाता है.
वाहनों से चलना तो दूर यहां पैदल चलने में भी डर लगता है. स्थानीय निवासी शिव सिंह ने ख़स्ता हुई सड़क के बारे में बताया कि कई साल से अधिक समय हो गया सड़क को ख़राब हुए. बाइक सवार भी फिसल कर गिर जाते हैं. कोई न कोई हादसा इस मार्ग पर होता रहता है. अधिकारी कई बार सड़क को देखने आए और चले गए आज तक समस्या का निस्तारण नहीं हुआ. शिव सिंह ने कहा कि यह मुख्य मार्ग है और ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा का पहला पड़ाव महोली गांव से ही शुरू होता है. सरकार से यही अपील है कि तीर्थ स्थल होने के कारण इस रास्ते को सही करा दिया जाए.
विकास के नाम पर ठगा गया
ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर लोकल 18 की टीम ने ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के पहले पड़ाव का जायजा लिया. यहां की हालत को दिखाने की कोशिश की. यहां आपको पता नहीं चलेगा कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढे में सड़क है. चंद मिनट की बारिश यहां लोगों को पैदल चलने में डर लगता है. हालांकि ब्रिज चौरासी कोस परिक्रमा में आने के कारण सड़क निर्माण की बात शुरू हुई और कुछ दिन काम चलने के बाद रास्ते पर मिट्टी डाली गई और फिर इतिश्री कर लिया गया. रास्ते पर विकास की जगह विनाश अधिक नजर आता है. क्योंकि रास्ते में जेसीबी से मिट्टी खोदकर डाली गई, तो सैकड़ो की संख्या में पेड़ भी जेसीबी के द्वारा जमीडोज कर दिए गए. कई प्रकार के वृक्ष जो कभी हरियाली का प्रतीक थे, आज वह गड्ढों में पड़े हुए हैं.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें