S Jaishankar Russian Oil | Hormuz Crisis | होर्मुज वाली टेंशन खत्म, जयशंकर की एक मुलाकात और रूसी तेल पर बन गई बात, किसान भी हो जाएंगे खुश
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Rusian Oil Supply: ईरान की अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जंग के कारण भारत में तेल-गैस की सप्लाई प्रभावित हो रही है. ऐसे समय में रूस ने आगे बढ़कर भारत को बड़ा भरोसा दिया है. इससे होर्मुज संकट से पैदा हुई टेंशन काफी हद तक कम हो सकती है.

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर की रूस के उप-प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात के बाद भारत को रूस से एक बड़ी खुशखबरी मिली है.
ईरान की अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जंग और इस कारण होर्मुज स्ट्रेट पर नाकेबंदी के चलते उभरे ऊर्जा संकट के बीच भारत को रूस से एक बड़ी खुशखबरी मिली है. भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर की रूस के उप-प्रधानमंत्री के साथ बड़ी अहम मुलाकात हुई. इस दौरान रूस ने भारत को भरोसा दिलाया है कि वह तेल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है. इससे होर्मुज संकट से पैदा हुई टेंशन काफी हद तक कम हो सकती है.
तेल-गैस के साथ उर्वरक पर भी राहत
डेनिस मंतुरोव ने यह भी बताया कि रूस ने 2025 के अंत तक भारत को खनिज उर्वरकों की सप्लाई में 40% की बढ़ोतरी की है और आगे भी भारत की जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार है. दोनों देशों के बीच यूरिया उत्पादन को लेकर संयुक्त परियोजना पर भी काम चल रहा है. यह कदम भारत के कृषि क्षेत्र के लिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि उर्वरकों की उपलब्धता सीधे खेती और उत्पादन पर असर डालती है.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि उनकी मंतुरोव के साथ बैठक में व्यापार, उर्वरक, कनेक्टिविटी और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई. वहीं एस जयशंकर ने बताया कि दोनों देशों के बीच ऊर्जा, उद्योग, टेक्नोलॉजी, नवाचार और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी बात हुई. इसके अलावा पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और वैश्विक घटनाक्रम पर भी चर्चा हुई.
साझेदारी हो रही मजबूत
रूस और भारत के बीच ऊर्जा सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है. हाल ही में अमेरिका की तरफ से कुछ प्रतिबंधों में ढील दिए जाने के बाद रूस फिर से भारत का सबसे बड़ा तेल सप्लाई बनकर उभरा है. दोनों देशों के बीच परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ रहा है. तमिलनाडु के कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र में नए रिएक्टर लगाने का काम तय समय के अनुसार आगे बढ़ रहा है.
ऊर्जा के अलावा दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग भी चर्चा में रहा. भारत ने हाल ही में रूस से पांच और S-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने का फैसला किया है. इससे पहले 2018 में दोनों देशों के बीच 5 अरब डॉलर का समझौता हुआ था, जिसके तहत अब तक तीन सिस्टम की डिलीवरी हो चुकी है.
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