Goodeebag Startup | हैदराबाद में कचरे के बदले मुफ्त किराना | Waste to Wealth Hyderabad News
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Goodeebag Startup: हैदराबाद का स्टार्टअप ‘Goodeebag’ कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में एक नई क्रांति लेकर आया है. अभिषेक अग्रवाल द्वारा 2022 में शुरू किया गया यह स्टार्टअप नागरिकों से सूखा कचरा—जैसे प्लास्टिक, रद्दी और धातु—इकट्ठा करता है और बदले में उन्हें पॉइंट्स देता है. इन पॉइंट्स का उपयोग ऐप के जरिए मुफ्त किराना सामान और घरेलू जरूरतों की वस्तुएं खरीदने में किया जा सकता है. खास बात यह है कि स्टार्टअप 72 घंटे के भीतर इन सामानों की फ्री होम डिलीवरी भी करता है. अब तक इस पहल से 30,000 से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं और लगभग 90,000 किलो कचरा रीसायकल किया जा चुका है. एकत्रित कचरे को 40 श्रेणियों में बांटकर उससे टाइल्स और अन्य रिसाइकिल उत्पाद बनाए जाते हैं.
Goodeebag Startup: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में बढ़ती आबादी और तेजी से होते शहरीकरण के कारण कचरा प्रबंधन एक विकराल चुनौती बनता जा रहा है. सड़कों पर बिखरा कूड़ा और लैंडफिल का बढ़ता बोझ शहर की स्वच्छता पर लगातार सवाल खड़े कर रहा है. इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए वर्ष 2022 में अभिषेक अग्रवाल द्वारा स्थापित स्टार्टअप ‘Goodeebag’ (गुडीबैग) एक बेहद प्रभावशाली और क्रांतिकारी समाधान लेकर आया है. यह स्टार्टअप नागरिकों को उनके घर के सूखे कचरे के बदले किराने का सामान और आकर्षक पुरस्कार प्रदान कर रहा है. इस पहल का मुख्य उद्देश्य वेस्ट मैनेजमेंट को आम जनता के लिए व्यवहारिक, सरल और आर्थिक रूप से फायदेमंद बनाना है.
Goodeebag की कार्यप्रणाली बेहद पारदर्शी और यूजर-फ्रेंडली है. शहर के निवासियों को केवल अपने घर के सूखे कचरे—जैसे प्लास्टिक, कागज, धातु और पुराने कपड़ों को अलग-अलग करना होता है. उपयोगकर्ता ‘Goodeebag’ मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी सुविधानुसार कचरा पिकअप का समय शेड्यूल कर सकते हैं. इस सेवा की सबसे खास बात यह है कि इसमें कचरे की कोई न्यूनतम मात्रा तय नहीं की गई है, जिससे छोटे परिवार भी आसानी से इस अभियान का हिस्सा बन सकते हैं. एकत्रित किए गए कचरे को लगभग 40 अलग-अलग श्रेणियों में वैज्ञानिक तरीके से छांटा जाता है. प्लास्टिक वेस्ट को टाइल्स जैसे टिकाऊ निर्माण उत्पादों में बदला जाता है, जबकि अन्य सामग्री को पुनर्चक्रण (Recycling) के लिए संबंधित उद्योगों को भेज दिया जाता है.
रिवॉर्ड मॉडल: कचरा बन रहा है करेंसी
यह स्टार्टअप अपने अनोखे रिवॉर्ड मॉडल के कारण हैदराबाद के नागरिकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. उपयोगकर्ताओं द्वारा दिए गए कचरे के वजन के आधार पर उनके डिजिटल वॉलेट में पॉइंट्स क्रेडिट किए जाते हैं. इन पॉइंट्स को ऐप के माध्यम से दैनिक उपयोग के किराने के सामान, घरेलू आवश्यक वस्तुओं और पर्यावरण के अनुकूल (Eco-friendly) उत्पादों के लिए भुनाया जा सकता है. कंपनी बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के मात्र 72 घंटों के भीतर इन रिवॉर्ड्स की होम डिलीवरी सुनिश्चित करती है. यह ‘वेस्ट टू वेल्थ’ का सपना साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
सफलता के आंकड़े और भविष्य की योजनाएं
स्टार्टअप से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अब तक इस पहल से लगभग 30,000 सक्रिय उपयोगकर्ता जुड़ चुके हैं. ‘Goodeebag’ ने अब तक 17,000 से अधिक बार कचरा संग्रहण कर करीब 90,000 किलोग्राम कचरे को सफलतापूर्वक रीसायकल किया है. संस्थापक अभिषेक अग्रवाल का कहना है कि वे जल्द ही इस सफल मॉडल को देश के अन्य प्रमुख शहरों में भी विस्तारित करने की योजना बना रहे हैं. इसके अलावा, स्टार्टअप स्कूलों में पुरानी किताबों के बदले नई स्टेशनरी देने जैसे जागरूकता अभियान भी चला रहा है. ऐसी पहल यह साबित करती है कि यदि सही प्रोत्साहन मिले, तो आम नागरिक भी जिम्मेदारी से कचरा प्रबंधन के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
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Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a seasoned multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience across digital media, social media management, video production, editing, content…और पढ़ें