Today Weather Live | Aaj Ka Mausam Live: 80KM हवा की रफ्तार, राजस्थान में धूल का गुबार, MP में बारिश की मार; IMD का ‘महा-अलर्ट’

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Aaj Ka Mausam Live: अप्रैल महीने की शुरूआत आंधी, तूफान, गरज-चमक और बारिश से हुई है. पश्चिम बंगाल से लेकर पटना, दिल्ली, जयपुर, भोपाल, रायपुर, मुंबई और चेन्नई तक मौसम बदला हुआ है. सुबह की हल्की धूप अब अचानक घिरते बादलों में बदल रही है और दोपहर होते-होते तेज हवाएं और धूल भरी आंधी लोगों को हैरान कर रही हैं. इस बीच मौसम विभाग (IMD) ने बड़ी चेतावनी जारी की है. 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं, अचानक होने वाली बारिश और कई इलाकों में ओलावृष्टि की भविष्यवाणी की गई है. मौसम विभाग के अनुसार इस सप्ताह 3-4 अप्रैल और फिर 7 अप्रैल को दो मजबूत वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव रहेंगे. इनकी वजह से उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि की संभावना काफी बढ़ गई है.

मौसम के इस बदले हुए मिजाज के पीछे एक बड़ा कारण छिपा है.एक साथ सक्रिय दो पश्चिमी विक्षोभ. यही वजह है कि राजस्थान में धूल के गुबार आसमान को ढक रहे हैं, मध्य प्रदेश में तेज बारिश हो रही है और उत्तर भारत के कई राज्यों में आंधी-तूफान का खतरा बना हुआ है. IMD ने साफ कहा है कि यह एक व्यापक सिस्टम है, जो कई राज्यों को प्रभावित करेगा. ऐसे में अगले कुछ दिन न केवल मौसम के लिहाज से बल्कि जनजीवन और खेती के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं.
दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है. (पीटीआई)
  • देशभर में मौसम का यह बदलाव धीरे-धीरे बनता गया है. पिछले कुछ दिनों से लगातार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं, इससे हवा का दबाव और तापमान अस्थिर हो गया है. दिन में तेज धूप और गर्मी का एहसास होता है, लेकिन शाम होते-होते अचानक मौसम बदल जाता है. तेज हवाएं चलने लगती हैं और कई जगहों पर बारिश शुरू हो जाती है. इस तरह का अस्थिर मौसम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है, क्योंकि यह न तो पूरी तरह गर्मी है और न ही बारिश का नियमित मौसम.
  • मध्य भारत में भी स्थिति कम चुनौतीपूर्ण नहीं है. यहां तेज हवाओं के साथ बारिश ने कई इलाकों में नुकसान पहुंचाया है. ओलावृष्टि की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है. खेतों में खड़ी गेहूं और अन्य फसलें इस मौसम के कारण प्रभावित हो सकती हैं. मौसम विभाग लगातार चेतावनी जारी कर रहा है और लोगों को सतर्क रहने के लिए कह रहा है, क्योंकि आने वाले दिनों में यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है.

दो पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम का मिजाज

इस सप्ताह दो मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हैं, जो पूरे उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम को प्रभावित कर रहे हैं. पहला सिस्टम 3 और 4 अप्रैल को असर दिखा रहा है, जबकि दूसरा 7 अप्रैल के आसपास सक्रिय होगा. इन दोनों सिस्टम के कारण हवा की दिशा और गति में बड़ा बदलाव आया है. इससे बादलों का तेजी से जमाव हो रहा है और बारिश के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बन रही है. खासतौर पर पहाड़ी इलाकों और कश्मीर घाटी में इसका असर ज्यादा देखने को मिलेगा, जहां भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है.

दिल्ली-NCR में बदलता मौसम

दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है. सुबह के समय हल्के बादल दिखाई देते हैं, लेकिन दोपहर के बाद अचानक मौसम खराब हो जाता है. हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं लोगों को चौंका रही हैं. हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ झोंकों में यह और तेज हो सकती है. तापमान में भी हल्की गिरावट देखने को मिल रही है, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिल रही है, लेकिन अस्थिर मौसम के कारण बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है.

उत्तर प्रदेश में फिलहाल गर्मी का असर दिख रहा है. (फोटो: पीटीआई)

उत्तर प्रदेश में आंधी और बारिश का दौर

  • उत्तर प्रदेश में फिलहाल गर्मी का असर दिख रहा है, लेकिन यह स्थिति ज्यादा दिनों तक नहीं टिकेगी. 3 अप्रैल से मौसम तेजी से बदलने वाला है. पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से तेज हवाएं 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं. कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है. यह बदलाव अचानक होगा, जिससे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है.
  • इस मौसम परिवर्तन का असर तापमान पर भी पड़ेगा. जहां पिछले कुछ दिनों से तापमान बढ़ रहा था, वहीं अब इसमें गिरावट देखने को मिलेगी. इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन किसानों के लिए यह स्थिति चिंताजनक हो सकती है.

उत्तराखंड में तूफानी मौसम

उत्तराखंड में 3 से 6 अप्रैल के बीच मौसम काफी सक्रिय रहेगा. हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है. ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है, जिससे ठंड बढ़ सकती है. हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. इस दौरान भूस्खलन और सड़क बंद होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी हो सकती है.

हिमाचल प्रदेश में बर्फ और बारिश

हिमाचल प्रदेश में भी मौसम का असर साफ नजर आ रहा है. कई इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है. तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण जनजीवन प्रभावित हो सकता है. पर्यटकों को खास सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि खराब मौसम के कारण यात्रा में बाधाएं आ सकती हैं. पहाड़ी सड़कों पर फिसलन और विजिबिलिटी कम होने से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है.

बिहार में बदलता मौसम

  • बिहार में फिलहाल गर्मी और बादलों का मिला-जुला असर देखा जा रहा है. लेकिन 5 अप्रैल से मौसम में बड़ा बदलाव आने की संभावना है. हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे मौसम ठंडा हो जाएगा.
  • इस दौरान आंधी-तूफान और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा. तापमान में गिरावट आएगी, जिससे लोगों को राहत मिलेगी, लेकिन खराब मौसम के कारण जनजीवन प्रभावित हो सकता है. किसानों के लिए यह समय सतर्क रहने का है.

राजस्थान में धूल भरी आंधी

राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ का असर सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है. कई जिलों में धूल भरी आंधी चल रही है, इससे आसमान में धूल का गुबार छा जाता है. हवा की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. इससे विजिबिलिटी कम हो जाती है और सड़क हादसों का खतरा बढ़ जाता है. कई इलाकों में हल्की बारिश भी हो रही है, जिससे मौसम और अस्थिर हो गया है.

उत्तराखंड में 3 से 6 अप्रैल के बीच मौसम काफी सक्रिय रहेगा. (फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश और मध्य भारत का हाल

मध्य प्रदेश में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी है. कई जिलों में ओलावृष्टि की घटनाएं सामने आई हैं. हवा की रफ्तार 50 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रही है. इससे फसलों को भारी नुकसान हो सकता है. किसानों के लिए यह समय बेहद चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि अचानक मौसम बदलने से तैयार फसलें प्रभावित हो सकती हैं.

दक्षिण भारत में भी असर

दक्षिण भारत में भी मौसम का असर दिखाई दे रहा है. केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है. गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ मौसम अस्थिर बना रहेगा. हालांकि यहां स्थिति उत्तर भारत जितनी गंभीर नहीं है, लेकिन मौसम में बदलाव साफ तौर पर महसूस किया जा रहा है.

पूर्वोत्तर भारत में बारिश का दौर

पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है. अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी बारिश की संभावना है. इस दौरान तेज हवाएं और गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है. लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है.

मौसम अचानक क्यों बदला?

मौसम में यह बदलाव दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के कारण हुआ है. ये सिस्टम हवा के दबाव और तापमान को तेजी से बदलते हैं, जिससे आंधी, बारिश और ओलावृष्टि जैसी स्थितियां बनती हैं.

किन राज्यों में सबसे ज्यादा असर होगा?

उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के राज्यों में इसका ज्यादा असर देखने को मिलेगा. राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं.

क्या किसानों के लिए खतरा है?

हां, तेज हवाएं और ओलावृष्टि फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. खासकर गेहूं और अन्य रबी फसलें इस मौसम से प्रभावित हो सकती हैं.

क्या तापमान में गिरावट आएगी?

बारिश और बादलों के कारण तापमान में 2 से 4 डिग्री तक गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी.

लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

आंधी-तूफान के दौरान घर के अंदर रहें, खुले स्थानों से दूर रहें, बिजली के खंभों और पेड़ों के नीचे खड़े न हों और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखें.

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