दादा ने मुस्लिम लड़की से किया था प्यार, बन गए थे मुसलमान, अब पोते ने पत्नी-बच्चों संग कर ली घर वापसी
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मनेन्द्र का कहना है कि उसके चाचा, दादा समेत भाइयों का ज्यादातर परिवार मुस्लिम धर्म अपनाए हुए हैं. वह लोग नमाज अदा करते हैं. लेकिन वह कभी नमाज अदा नहीं करने गया. जबकि उसकी पत्नी मुस्लिम समाज की सभी रीति रिवाज को मानती थी और नमाज भी पढ़ती थी. लेकिन उसने अपने तीनों बच्चों का हिंदू नाम रखा है.

चित्रकूट में मुस्लिम परिवार ने की घर वापसी.
चित्रकूटः उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में जिस घर में कभी नमाज पढ़ी जाती थी. अब उस घर में हनुमान चालीसा का पाठ किया जा रहा है. आपको सुनकर हैरानी हो रही होगी. लेकिन यह सच है. एक व्यक्ति की शादी के बाद से तीन पीढ़ी के लोग मुस्लिम बनकर रह रहे थे. लेकिन अब तीसरी पीढ़ी के युवक ने मुस्लिम धर्म छोड़कर हिन्दू धर्म अपना लिया और अपने साथ अपनी पत्नी को भी शबनम से सपना सिंह बना दिया है और हनुमान जयंती पर हनुमान चालीसा का पाठ कर धूम धाम से हनुमान जन्मोत्सव मनाया.
पत्नी शबनम बनी सपना सिंह
मामला पहाड़ी थाना क्षेत्र के दरसेंडा गांव का है, जहां के रहने वाले मनेन्द्र सिंह ने अपने परिवार के साथ वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच घर वापसी की है. बुधवार को शांतिकुंज हरिद्वार की ज्योति कलश यात्रा ने उसकी घर वापसी कराई. इसके साथ ही मनेन्द्र की पत्नी शबनम का नाम बदलकर सपना सिंह किया गया. इस दौरान कई हिंदूवादी संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे. मनेन्द्र के बाबा शहजाद सिंह ने मुस्लिम लड़की से शादी करने के बाद मुस्लिम धर्म अपनाया था.
दादा के बाद से दो पीढ़ी मुस्लिम बनकर रह रही थी
इसके बाद परिवार के ज्यादातर लोग मुस्लिम धर्म अपनाते चले आ रहे थे, जो शहजाद के बेटे ज्ञान सिंह और ज्ञान सिंह के बेटे मनेन्द्र सिंह सहित 5 भाई मुस्लिम धर्म अपना कर रह रहे थे. लेकिन एक भाई शिव बरन हिंदू धर्म अपनाए हुए था. लेकिन मनेंन्द्र सहित 5 भाई मुस्लिम धर्म अपनाए हुए थे, जो अपनी शादी भी मुस्लिम समाज में कर रहे थे. मनेंन्द्र ने भी अपनी शादी मुस्लिम समाज की युवती शबनम से किया था. जबकि मनेन्द्र क्षत्रिय समाज से है.
पत्नी थी मुस्लिम, बच्चों का था हिंदू नाम
मनेन्द्र का कहना है कि उसके चाचा, दादा समेत भाइयों का ज्यादातर परिवार मुस्लिम धर्म अपनाए हुए हैं. वह लोग नमाज अदा करते हैं. लेकिन वह कभी नमाज अदा नहीं करने गया. जबकि उसकी पत्नी मुस्लिम समाज की सभी रीति रिवाज को मानती थी और नमाज भी पढ़ती थी. लेकिन उसने अपने तीनों बच्चों का हिंदू नाम रखा है, जिसमें सोनम, सुहानी, आयुष सिंह है. वह काफी दिनों से हिंदू धर्म में वापसी करने का मन बना चुका था. क्योंकि जब वह देखता था कि उसके परिवार के अन्य लोग हिंदू धर्म से हैं तो वह बहुत आहत होता था.
पत्नी और बच्चे के साथ की घर वापसी
मनेंन्द्र ने अपने परिवार के लोगों से हिन्दू धर्म में आने के लिए कहता था, जिसको उसके परिवार के लोगों ने भी उसे स्वीकार करने के लिए कह दिया था. इसके बाद बुधवार को शांति कुंज हरिद्वार की ज्योति कलश यात्रा जब उसके गांव पहुंची तो उसने पहले से घर वापसी कार्यक्रम की तैयारी कर रखी थी. जिसपर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के धर्मजागरण विभाग के नेतृत्व में शांति कुंज हरिद्वार, गायत्री शक्तिपीठ चित्रकूट, बड़ा मठ के साधु-संतों ने मनेन्द्र सिंह और उसकी पत्नी शबनम तीनो बच्चों को बैठाकर हवन पूजन व यज्ञोपवीत कराया.
घर में हनुमान जयंती मनाया
इसके साथ ही मनेन्द्र ने पूरे परिवार के साथ हिंदू धर्म को अंगीकार किया. इसके बाद आज उसने हनुमान जयंती के अवसर पर अपने घर में अपनी पत्नी सपना सिंह और बच्चे सहित परिवार के अन्य सदस्यों के साथ हनुमान चालीसा का पाठ कर हनुमान जन्मोत्सव मनाया है. इस दौरान घर वापसी करने वाले मनेंन्द्र सिंह का कहना है कि वह शुरू से ही सनातन धर्म को मानता था. उसकी दो पीढ़ी पहले उसके दादा की वजह से मुस्लिम धर्म अपना लिया था, जो उसके दादा के नीचे दो पीढ़ी के लोग मुस्लिम धर्म अपनाते हुए चले आ रहे हैं और उसके दादा शहजाद सिंह के पिता हिमाचल सिंह हिन्दू धर्म में ठाकुर बिरादरी से थे.
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प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें