80 लाख खर्च किए, फिर भी जिंदगी और मौत के बीच रही जूझ… कानपुर किडनी रैकेट की पीड़िता की भयावह कहानी
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Kanpur Kidney Racket News: इस पूरे मामले में अब पुलिस का एक्शन सिर्फ कानपुर तक सीमित नहीं है. जांच में सामने आए इनपुट्स के आधार पर पुलिस अन्य जनपदों में भी छापेमारी कर रही है. जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि कहीं फर्जी रिश्तेदारी और नकली कागजात के जरिए पूरे ट्रांसप्लांट को वैध दिखाने की कोशिश तो नहीं की गई. आइये जानते हैं डिटेल में..

कानपुर किडनी रैकेट की शिकार हुई पीड़िता.
कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में सामने आए कथित अवैध किडनी ट्रांसप्लांट मामले ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है. जहां किडनी रैकेट (Kanpur Kidney Racket) के खुलासे के बाद अब जांच का दायरा और भी बड़ा होता जा रहा है. वहीं, 30 साल की एक युवती जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है. हालात बिगड़ने पर उसे पहले आईसीयू में भर्ती किया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए लखनऊ के राम मनोहर लोहिया रेफर कर दिया गया. पुलिस ने अब हर उस शख्स के बारे में पता लगाने में जुट गई है, जो इस अपराध से जुड़ा हुआ है.
बिजनौर की रहने वाली पारुल तोमर ने करीब 80 लाख रुपये खर्च कर किडनी ट्रांसप्लांट कराया था. अब इन्फेक्शन के चलते उसकी हालात बिगड़ गई है. जब तबीयत बिगड़ी तो पहले उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए लखनऊ के राम मनोहर लोहिया रेफर कर दिया गया. इधर पुलिस जांच में पता चला कि बिहार के रहने वाले एमबीए के छात्र आयुष ने उसे यह किडनी दी थी जो फिलहाल उत्तराखंड में रह रहा है. इस पूरे मामले में जालौन निवासी ड्राइवर शिवम मुख्य भूमिका में था. उसी के जरिए मरीज लाने का काम किया जाता था. शिवम ने ही आयुष को अपने जाल में फसाया था. इस पूरे मामले पर पुलिस की जांच तेज चल रही है.
इधर, आज मेडिकल कॉलेज के मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल से राम मनोहर लोहिया अस्पताल के लिए दो एंबुलेंस के साथ डॉक्टर की टीम को रवाना कर दिया गया. फिलहाल अब पारुल का इलाज राम मनोहर लोहिया अस्पताल में होगा. मगर कानपुर में पुलिस की कार्रवाई भी लगातार जारी है. छापेमारी चल रही है और जो भी नाम सामने आए हैं उन सभी की पुलिस तलाश कर रही है.
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के नोडल ऑफिसर डॉ. सुबोध अग्रवाल ने कहा था कि मरीज की हालत में सुधार हुआ था. मगर किडनी ट्रांसप्लांट के बाद जो अन्य सुविधा चाहिए होती हैं और जो कॉम्प्लिकेशन होते हैं उसको लेकर उन्हें मेडिकल कॉलेज प्रचार ने राम मनोहर लोहिया अस्पताल लखनऊ के लिए रेफर किया है.
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Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें