कम खर्च में चाहिए ज्यादा दूध, तो पशुओं को खिलाएं ये दो हरे चारे और फिर देखिए इनका कमाल
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यह चारा यूपी में बेहद प्रचलित है, जिसे अब किसान अपने पशुओं को खिलाने लगे हैं. इस चारे की खेती आप पूरे साल कर सकते हैं और चारे की कमी को भी पूरा कर सकते हैं. इसे नेपियर घास कहा जाता है. नेपियर घास गन्ने की तरह दिखने वाली एक घास है, जिसकी लंबाई लगभग 6 से 7 फीट तक जाती है. इसे आप खेत की मेड़ पर लगाकर पूरे साल चारे की जरूरत पूरी कर सकते हैं. इस चारे को खाने से पशु स्वस्थ रहते हैं और उनकी दूध देने की क्षमता बढ़ती है.
बहराइच: हर वह पशुपालक, जो पशुओं को पालता है, हमेशा चाहता है कि उसके पशु स्वस्थ रहें और अधिक दूध दें. ऐसे में पशुपालक अपने पशुओं को तरह-तरह की चीजें खिलाते हैं, चाहे वह घर का बचा हुआ खाना हो, भूसा हो या चना. लेकिन इसके बावजूद भी दूध देने की क्षमता सीमित रहती है. अब ऐसे लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है, बस इन दो हरे चारे को खिलाएं, दूध से बाल्टी भर जाएगी.
जान लें कौन से हैं ये दो चारे
पहले हरे चारे की बात करें तो यह चारा यूपी में बेहद प्रचलित है, जिसे अब किसान अपने पशुओं को खिलाने लगे हैं. इस चारे की खेती आप पूरे साल कर सकते हैं और चारे की कमी को भी पूरा कर सकते हैं. इसे नेपियर घास कहा जाता है. नेपियर घास गन्ने की तरह दिखने वाली एक घास है, जिसकी लंबाई लगभग 6 से 7 फीट तक जाती है. इसे आप खेत की मेड़ पर लगाकर पूरे साल चारे की जरूरत पूरी कर सकते हैं. इस चारे को खाने से पशु स्वस्थ रहते हैं और उनकी दूध देने की क्षमता बढ़ती है.
बरसीन, पशुओं के लिए बेहद लाभकारी
दूसरे हरे चारे की बात करें तो अधिकांश पशुपालक इस चारे को लंबे समय से अपने पशुओं को खिलाते आ रहे हैं, जिसे बरसीन के नाम से जाना जाता है. गांव-देहात में किसान इसकी खेती भी करते हैं, लेकिन केवल बरसीन खिलाने से पशुओं को पूरा लाभ नहीं मिलता. बहराइच जिले के किसान जियाउल हक ने बताया कि अगर बरसीन में नेपियर घास मिलाकर पशुओं को खिलाया जाए, तो पशु स्वस्थ रहते हैं और उनकी दूध देने की क्षमता बढ़ती है. इससे पशु बाल्टी भर-भर कर दूध देते हैं. यदि 4 से 5 बिस्वा जमीन में इन दोनों हरे चारे की खेती कर ली जाए, तो पूरे साल दो पशुओं को आराम से चारा खिलाया जा सकता है और चारे की कमी भी पूरी हो जाती है.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें