नमाज के नाम पर घर में भीड़ जुटाना गलत, DM-SSP ले सकते हैं एक्शन.. बरेली सामूहिक नमाज विवाद पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला
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Allahabad High Court News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली के सामूहिक नमाज विवाद को लेकर दाखिल याचिका का निस्तारण करते हुए कहा कि निजी संपत्ति पर भीड़ जुटाकर नमाज पढ़ें गलत है. हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि निजी संपत्ति की आड़ में सार्वजनिक व्यवस्था और शांति व्यवस्था को खतरे में नहीं डाला जा सकता.

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली सामूहिक नमाज मामले में सुनाया अहम फैसला
प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली के सामूहिक नमाज विवाद मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि निजी संपत्ति पर भीड़ जुटाकर नमाज पढ़ना सही नहीं है. कोर्ट ने इस निजी प्रॉपर्टी पर सामूहिक नमाज को को सही न मानते हुए रोक लगा दी और कहा कि शांति व्यवस्था भंग होने पर प्रशासन कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है.
प्रशासन कार्रवाई के लिए स्वतंत्र
बहस के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता राजेश कुमार गौतम ने अदालत को आश्वस्त किया और कहा कि भविष्य में उक्त संपत्ति पर नमाज के लिए बड़ी संख्या में लोगों को एकत्रित नहीं किया जाएगा. हालांकि, हाईकोर्ट ने कड़े शब्दों में कहा कि यदि दोबारा नमाज के बहाने भीड़ जुटाई जाती है, जिससे क्षेत्र की शांति प्रभावित होती है, तो जिला प्रशासन और पुलिस कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र होंगे. हाईकोर्ट ने राज्य अधिकारियों को निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ता और अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध 16 जनवरी 2026 को जारी किए गए चालान तत्काल वापस ले. कोर्ट ने इस मामले में पूर्व में जारी किए गए अवमानना नोटिसों को भी रद्द कर दिया है. साथ ही कोर्ट ने पूर्व में हसीन खान को दी गई सुरक्षा प्रशासन को वापस लेने का निर्देश दिया.
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अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ें