हिन्दुस्तान-पाकिस्तान पर बेस्ड, ‘धुरंधर’ से पहले आई थी ये ब्लॉकबस्टर, हुई थी 918 करोड़ की कमाई, OTT पर है मौजूद
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भारत-पाकिस्तान जैसे सेंसिटिव सब्जेक्ट पर बॉलीवुड में अब तक कई फिल्में बन चुकी हैं, लेकिन सलमान खान की ‘बजरंगी भाईजान’ ने जो मुकाम हासिल किया है, उसकी कोई बराबरी नहीं है. 2015 में रिलीज हुई इस फिल्म ने देशभक्ति की एक नई परिभाषा गढ़ी, जिसमें नफरत पर प्यार और सीमाओं पर इंसानियत को प्राथमिकता दी गई. महज 75 करोड़ में बनकर तैयार हुई इस फिल्म ने वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर लगभग 918 करोड़ की जबरदस्त कमाई की और ब्लॉकबस्टर साबित हुई. इसने ‘धुरंधर’ जैसी आज की बड़ी जासूसी थ्रिलर फिल्मों के आने से बहुत पहले ही दुनिया भर में अपनी पहचान बना ली थी. एक सच्चे भारतीय की कहानी, जो एक छोटी सी पाकिस्तानी बच्ची को उसके घर वापस पहुंचाने का पक्का इरादा रखता है, आज भी दर्शकों के रोंगटे खड़े कर देती है.
नई दिल्ली. जब कभी भारत-पाकिस्तान के रिश्तों पर बनी फिल्मों की बात होती है तो अक्सर युद्ध, जासूसी और एक्शन के सीन याद आते हैं. लेकिन, 2015 में एक ऐसी फिल्म आई जिसने बॉर्डर की कड़वाहट को मासूमियत और इंसानियत से धो दिया. हम बात कर रहे हैं सलमान खान की सबसे यादगार और इमोशनल फिल्म ‘बजरंगी भाईजान’ की.
आज जब ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2’ जैसी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर हजारों करोड़ कमा रही हैं तो ‘बजरंगी भाईजान’ की चर्चा जरूरी है, क्योंकि यही वो फिल्म थी जिसने न सिर्फ 900 करोड़ से ज्यादा कमाए बल्कि दोनों देशों के दर्शकों के दिलों को भी एक कर दिया था. डायरेक्टर कबीर खान की यह फिल्म एक सीधे-सादे हनुमान भक्त पवन कुमार चतुर्वेदी (बजरंगी) की कहानी है, जिसे पाकिस्तान की एक मूक-बधिर लड़की (मुन्नी) मिलती है.
फिल्म की खूबसूरती इस बात में है कि इसमें कोई विलेन नहीं है, बल्कि हालात और बॉर्डर ही सबसे बड़ी चुनौती हैं. ‘बजरंगी भाईजान’ ने दिखाया कि बिना गोली चलाए या नफरत फैलाए भी एक दमदार देशभक्ति वाली फिल्म बनाई जा सकती है. बजरंगी का मुन्नी को घर लाने का पक्का इरादा और पाकिस्तान की गलियों में ‘जय श्री राम’ का नारा लगाना, भारतीय सिनेमा के सबसे हिम्मत वाले और खूबसूरत सीन में से एक माना जाता है.
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जब फिल्म रिलीज हुई, तो इसने कमाई के सारे पिछले रिकॉर्ड तोड़ दिए. फिल्म ने भारत में 300 करोड़ क्लब में शानदार एंट्री की. जब कुछ साल बाद फिल्म चीन में रिलीज हुई, तो वहां के दर्शकों ने भी खुले दिल से इसका स्वागत किया. फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन लगभग 918 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो उस समय सोच से भी परे था. यह सलमान खान के करियर की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई और आज भी चार्ट में टॉप पर है.
आजकल, ‘धुरंधर’ जैसी जासूसी थ्रिलर बॉक्स ऑफिस पर छाई हुई हैं, जो रॉ एजेंट्स और हाई-टेक एक्शन पर निर्भर हैं, लेकिन ‘बजरंगी भाईजान’ की ताकत इसकी सादगी थी. बजरंगी कोई जासूस नहीं था, वह सिर्फ सच्चाई और विश्वास की ताकत से लैस एक आम आदमी था. फिल्म ने साबित कर दिया कि एक अच्छी कहानी और इमोशंस का सही मिक्स किसी भी बड़े एक्शन सीक्वेंस से ज्यादा असरदार हो सकता है.
जहां सलमान खान का स्टार पावर साफ दिख रहा था, वहीं नवाजुद्दीन सिद्दीकी (चांद नवाब के रोल में) और छोटी हर्षाली मल्होत्रा (मुन्नी) ने फिल्म को क्लासिक बनाने में अहम रोल निभाया. नवाजुद्दीन के मशहूर रेलवे स्टेशन वाले सीन ने दर्शकों को हंसाया, वहीं हर्षाली की चुप्पी और उनकी आंखों की चमक ने सबकी आंखों में आंसू ला दिए.
जब मुन्नी क्लाइमैक्स में पहली बार ‘मामा’ कहती है, तो सिनेमा में शायद ही कोई ऐसा होगा जिसकी आंखों में आंसू न आए हों. अगर आपने यह मास्टरपीस अभी तक नहीं देखा है, या इसे दोबारा देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म हॉटस्टार पर भी उपलब्ध है. इसकी सिनेमैटोग्राफी, कश्मीर की खूबसूरत घाटियां और प्रीतम का म्यूजिक (खासकर ‘भर दो झोली’ और ‘तू चाहिए’) इसे एक परफेक्ट फैमिली वॉच बनाते हैं.