वो 3 एक्शन फिल्में, किशोर कुमार ने नहीं गाए अमिताभ बच्चन के लिए गाने, तीनों ने की बंपर कमाई

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Amitabh Bachchan Kihsore Kumar Hit Songs : 1970 और 1980 के दशक में किशोर कुमार ने हर सुपर स्टार के लिए अपनी आवाज दी. 1969 में आई ‘आराधना’ फिल्म में पहली बार उन्होंने राजेश खन्ना के लिए प्लेबैक सिंगिंग की थी. 1969 से 1971 तक राजेश खन्ना का स्टारडम का दौर पीक पर रहा. इस दौरान किशोर दा ने उनकी लगभग हर फिल्म में गाने गाए. फिर वो अमिताभ बच्चन के लिए गाने लगे. पर्दे के पीछे किशोर दा गाते थे लेकिन स्क्रीन पर ऐसा लगता था जैसे अमिताभ ही गा रहे हों. एक वक्त ऐसा भी आया जब किशोर दा के बगैर बिग बी की फिल्में सिनेमाघरों में आईं. ऐसा तीन फिल्मों में हुआ. ये तीनों ही फिल्में सुपरहिट रहीं. वो तीन फिल्में कौन सी थीं, किशोर दा ने गाने क्यों नहीं गाए, आइये जानते हैं………

अमिताभ बच्चन और किशोर कुमार 70-80 के दशक में एकदूसरे के पर्याय बन गए थे. किशोर दा को तीन फिल्म फेयर अवॉर्ड अमिताभ बच्चन की फिल्मों में मिले. 1980 के दशक में दो ऐसी फिल्में भी आईं जिनमें अमिताभ बच्चन के लिए किशोर कुमार ने गाने नहीं गाए. ये फिल्में थीं : सुहाग (1979), मर्द (1985) और कुली (1983). तीनों ही फिल्में मनमोहन देसाई की थीं. यह भी दिलचस्प है कि तीनों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रहीं. आइये जानते हैं कि आखिर ऐसी क्या वजह रही कि किशोर दा ने दोनों फिल्मों में अमिताभ बच्चन के लिए गाने नहीं गाए.

इसके पीछे सबसे बड़ी वजह किशोर कुमार की नाराजगी थी. उन्होंने एक फिल्म बनाई जिसके वो प्रोड्यूसर थे. अमिताभ से उन्होंने गेस्ट रोल करने का अनुरोध किया लेकिन किसी वजह से बिग बी वो गेस्ट अपीयरेंस नहीं कर पाए. फिर क्या था, किशोर दा नाराज हो गए. उन्होंने इन फिल्मों में गाने नहीं गाए.

हालांकि ऐसा सिर्फ मनमोहन देसाई की फिल्मों के साथ हुआ तो यह कारण उतना वाजिब नहीं लगता. उस दौर में प्रकाश मेहरा की फिल्मों में किशोर दा ने अमिताभ के लिए गाने भी गाए. ऐसा लगता है जैसे असल विवाद मनमोहन देसाई और किशोर कुमार के बीच था. वैसे भी मनमोहन देसाई कहा करते थे कि वो मोहम्मद रफी के भक्त हैं. हालांकि 1981 में आई फिल्म ‘नसीब’ में किशोर दा ने अमिताभ बच्चन के लिए गाने गाए थे.

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मनमोहन देसाई ने 50 के दशक में इंडस्ट्री ली थी. 1966 से 1985 के बीच 19 साल में 5 ब्लॉकबस्टर और 8 सुपरहिट फिल्में दीं. बॉलीवुड में अमिताभ बच्चन का स्टारडम स्थापित किया. उन्होंने खोया-पाया फॉर्मूला पर कई फिल्में बनाईं. हर बार दर्शकों के सामने एक ही कहानी को नए अंदाज में पेश किया. 1979 में रिलीज हुई ‘सुहाग’ फिल्म में भी ‘खोया-पाया’ का फॉर्मूला आजमाया गया था. अमिताभ बच्चन, शशि कपूर, रेखा, परवीन बॉबी लीड रोल में थे. फिल्म में रेखा ने तवायफ का रोल निभाया था. कहानी प्रयागराज ने और स्क्रीनप्ले केके शुक्ला ने लिखा था. डायलॉग कादर खान के थे. लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की सुरीली धुन से सजा सुहाग फिल्म का म्यूजिक सुपरहिट रहा था. फिल्म का एक गाना ‘तेरी रब ने बना दी जोड़ी’ लंदन में शूट हुआ था. गीतकार अल्ला रक्खा कुरैशी थे. सुहाग के कई सीन मनमोहन देसाई की 1977 की फिल्म ‘परवरिश’ से मिलते-जुलते थे. एक करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 5 करोड़ का कलेक्शन किया था.

मनमोहन देसाई की एक और फिल्म ‘कुली’ में भी किशोर कुमार का एक भी गाना नहीं था. 2 दिसंबर 1983 को रिलीज हुई ‘कुली’ को ना तो दर्शक भूल पाए और ना ही सुपरस्टार अमिताभ बच्चन कभी भुला पाएंगे. इसी फिल्म ने बिग बी को उम्रभर का दर्द दिया. अमिताभ बच्चन, रति अग्निहोत्री, वहीदा रहमान , ऋषि कपूर, कादर खान, पुनीत इस्सर जैसे मंझे हुए सितारे फिल्म में थे. यह 1983 की सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्म थी. मनमोहन देसाई ने इसका डायरेक्शन किया था.

‘कुली’ फिल्म की शूटिंग के दौरान ही पुनीत इस्सर ने अमिताभ बच्चन के पेट में गलती से पंच मार दिया था. इस फिल्म के खास पंच को देखने के लिए दर्शकों की भारी भीड़ सिनेमाघरों में उमड़ पड़ी थी. फिल्म के एडिटर ऋषिकेश मुखर्जी ने इस सीन को फ्रीज कर दिया था. फिल्म के स्टोरी आइडिया का क्रेडिट मनमोहन देसाई की पत्नी जीवनप्रभा देसाई को दिया गया था. स्क्रीनप्ले-डायलॉग कादर खान-केके शुक्ला ने लिखे थे. कादर खान ही फिल्म में मेन विलेन के किरदार में थे.

‘कुली’ फिल्म का म्यूजिक लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने कंपोज किया था. फिल्म में आठ गाने थे. एक भी गाना किशोर कुमार ने नहीं गाया. शब्बीर कुमार ने ही अमिताभ बच्चन के लिए गाने गाए. फिल्म का एक गाना ‘एक्सीडेंट हो गया रब्बा रब्बा’ मकबूल हुआ था. फिल्म का एक और गाना ‘हमका इश्क हुआ है यारो, हमरी कोई खबरिया लो’ और ‘जवानी की रेल कहीं छूट ना जाए’ पॉप्युलर हुए थे. इन सभी गानों में शब्बीर कुमार आशा भोसले की आवाज थी.

मनमोहन देसाई की एक और फिल्म ‘मर्द’ में भी किशोर कुमार का एक भी गाना नहीं था. वैसे तो मनमोहन देसाई मल्टी स्टारर मसाला फिल्में बनाने के लिए जाने जाते थे लेकिन 1985 में उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ सोलो फिल्म बनाई. मनमोहन देसाई की फिल्मों के डायलॉग कादर खान लिखा करते थे लेकिन यह पहला मौका था जब कादर इस फिल्म का हिस्सा नहीं थे. फिल्म अमेरिकन कॉमिक कैरेक्टर फैंटम पर बेस्ड थी. घोड़ा-डॉग इस फिल्म में एकसाथ थे. मर्द फिल्म की शूटिंग बैंगलुरु, मैसूर, ऊटी में हुई थी.

मर्द अमिताभ बच्चन की एक्शन-ड्रामा रोमांस फिल्म थी जिसे दीपावली के दिन रिलीज किया गया था. अमृता सिंह, दारा सिंह, निरुपा रॉय, प्रेम चोपड़ा, बॉब क्रिस्टो, सत्येन कप्पू जैसे सितारे नजर आए थे. डायरेक्टर-प्रोड्यूसर मनमोहन देसाई ने अपने राइटरों की टीम लगाई. प्रयागराज और पुष्पराज शर्मा ने फिल्म की स्टोरी लिखी. बाद में स्क्रीनप्ले केके शुक्ला ने पूरा किया. डायलॉग इंदर राज आनंद से लिखवाए. म्यूजिक अनु मलिक ने कंपोज किया था.

मर्द फिल्म में कुल 5 गाने थे लेकिन किशोर कुमार ने एक भी गाना नहीं गाया था. ‘मर्द’ फिल्म 8 नवंबर 1985 को रिलीज हुई थी. फिल्म के पॉप्युलर गानों में ‘हम तो तंबू में बंबू लगाए बैठे’, ‘मर्द तांगेवाला’, ‘मां शेरावाली’ शामिल थे. इस फिल्म के गाने आशा भोसले, मोहम्मद अजीज, शब्बीर कुमार ने गाए थे. मोहम्मद अजीज और शब्बीर कुमार लीजेंड सिंगर मोहम्मद रफी की आवाज बने. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई.

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