रिटायर्ड फौजी का बेटा बना डिप्टी जेलर, पिता ने बेटे सत्यम यादव को कहा कैदियों के लिए अच्छा काम करना
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पिता संसार नाथ यादव बेटे का PCS मे नाम आने के बाद बने डिप्टी जेलर बनने से खुशी जाहिर करते हुए कहते हैं कि मै इतना ही कहूंगा, प्रदेश और देश के लिए अच्छा काम करें. अपने लिए ही नहीं बल्कि जेल मे बंद कैदीयों के लिए अच्छा काम करें ताकि किसी कैदी को किसी प्रकार की दिक्कत ना हो. यही बेटे से उम्मीद करूँगा.
कौशांबीः बेला फतेहपुर गांव में इस वक्त खुशी का माहौल है, रिटायर्ड फौजी संसार नाथ यादव के घर बधाइयों का तांता लगा है, क्योंकि उनके बेटे सत्यम यादव ने UPPCS परीक्षा पास कर डिप्टी जेलर का पद हासिल किया है. आज सत्यम के गांव पहुंचने पर पुरे गांव के लोगो ने फूल माला पहनाकर फूलों की वर्षा कर डीजे पर डांस किया.
कहते हैं कि आंसू केवल दुख के नहीं होते, बल्कि खुशी के आंसू भी इंसान की जिंदगी के सबसे खुशी के पल को दिखता हैं. ऐसा ही कौशाम्बी जिले के फत्तेपुर बेला गांव में देखने को मिला, जहां बेटे की सफलता से एक पिता की आंखें खुशी से नम हो गईं. फत्तेपुर बेला गांव निवासी संसार नाथ, जो भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं, उनके बेटे सत्यम यादव ने कड़ी मेहनत और लगन के बल पर PCS परीक्षा उत्तीर्ण कर डिप्टी जेलर का पद हासिल किया है. जैसे ही सत्यम यादव अपने घर पहुंचे, परिवार और गांव में खुशी का माहौल छा गया.
कैदियों के करे अच्छा काम
इस खुशी के पल को देख पिता संसार नाथ के आँखों मे खुशी के आंसू छलक पड़े. उन्होंने कहा कि बेटे की इस सफलता ने वर्षों की मेहनत और संघर्ष को सफल कर दिया. पिता संसार नाथ यादव ने कहा बेटे का PCS मे नाम आने के बाद बने डिप्टी जेलर से इतनी खुशी हो रही है की कुछ कहा नहीं सकते. मै इतना ही कहूंगा की प्रदेश और देश के लिए अच्छा काम करें. अपने लिए ही नहीं बल्कि जेल मे बंद कैदीयों के लिए अच्छा काम करें ताकि किसी कैदी को किसी प्रकार की दिक्कत ना हो. यही बेटे से उम्मीद करूँगा.
सत्यम यादव ने कहा इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए सबसे पहले श्रेय मेरे माता-पिता व चाची चाचा, क्योंकि मेरे पिता एक फौजी है और मेरी मां खत्म हो चुकी थी. तब मेरी परवरिश मेरे चाचा और चाची ही की. उनके लिए बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने मुझे पाल-पोषकर इस मुकाम तक पहुंचाया.
5 साल की मेहनत का है परिणाम
उत्तर माध्यमिक तक की शिक्षा मैंने अपने गांव पर ही प्राप्त की है. उसके बाद ग्रेजुएशन के लिए प्रयागराज गया. उसके बाद लखनऊ जाकर सिविल इंजीनियरिंग की तैयारी की है. फिर मुझे पीसीएस की तैयारी करने के लिए मेरे चाचा और मेरे गुरुजी ने मार्गदर्शन दिए फिर मैं उसी की ओर तैयारी करना शुरू कर दिया. लगभग 4 से 5 साल मैंने तैयारी की है तब जाकर इस मुकाम को हासिल किया हूं. आज इतनी खुशी महसूस हो रही है कि कुछ बया ही नहीं कर पा रहा हूं. जैसे ही मुझे यह खुशी की सूचना मिली तो सबसे सर्वप्रथम मैंने अपने चाचा को सूचना दिया और फिर अपने पिता को सूचना दिया. यह मेरी कठिन परिश्रम का परिणाम मिला है इसका सबसे ज्यादा श्रेय मैं अपने चाचा चाची को देता हूं.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें