मनोज कुमार की पहली हीरोइन, सत्यजीत रे की मूवी के लिए जीता नेशनल अवॉर्ड, उसूलों से कभी नहीं किया समझौता

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एक्ट्रेस जबीन जलील की फिल्मी सफर एक दिलचस्प संयोग से शुरू हुई. कॉलेज के एक प्ले में उनकी ‘बेबी’ (बच्ची) की भूमिका देख निर्देशक एसएम यूसुफ और निगार सुल्ताना इतने प्रभावित हुए कि उन्हें तुरंत हीरोइन बनने का ऑफर दे दिया. जबीन ने मनोज कुमार की पहली हीरोइन के रूप में फिल्म ‘पंचायत’ से पहचान बनाई और सत्यजीत रे की ‘अभिजन’ के लिए नेशनल अवॉर्ड जीता. उन्होंने 20 साल के करियर में कई बड़े सितारों के साथ काम किया, लेकिन हमेशा अपने आत्म-सम्मान को सबसे ऊपर रखा.

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मनोज कुमार की पहली हीरोइन, सत्यजीत रे की मूवी के लिए जीता नेशनल अवॉर्डZoom

एक नाटक की वजह से दिग्गज हीरोइन को फिल्मों में मौका मिला था. (फोटो साभार: IANS)

नई दिल्ली: गुजरे जमाने की मशहूर एक्ट्रेस जबीन जलील के फिल्मी सफर की शुरुआत किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. 1 अप्रैल को जन्मीं जबीन असल में एक्टिंग की दुनिया में आने का कोई इरादा नहीं रखती थीं, वे एक मेधावी छात्रा थीं और पढ़ाई-लिखाई में ही अपना करियर देख रही थीं. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. कॉलेज के दिनों में उन्होंने ‘नेक परवीन’ नाम के एक प्ले में हिस्सा लिया, जहां वे एक छोटी बच्ची (बेबी) का रोल कर रही थीं. इत्तेफाक से उस प्रोग्राम को देखने के लिए दिग्गज फिल्मकार एसएम यूसुफ और एक्ट्रेस निगार सुल्ताना भी पहुंचे थे. जबीन की मासूमियत और सधी हुई एक्टिंग ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि प्रोग्राम खत्म होते ही वे सीधे जबीन के पास जा पहुंचे. उन्होंने बिना देर किए जबीन से पूछ लिया, ‘बेबी, क्या आप हमारी फिल्म में हीरोइन बनेंगी?’ यह सुनकर जबीन दंग रह गईं, क्योंकि उनका फिल्म इंडस्ट्री से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं था.

जबीन ने शुरुआत में हिचकिचाहट दिखाई, लेकिन फिल्मकारों के जोर देने पर उन्होंने अपनी मां से बात की. उनके पिता का साया पहले ही उठ चुका था, इसलिए मां की अनुमति मिलते ही वे वर्ली के ईस्टर्न स्टूडियो में स्क्रीन टेस्ट के लिए पहुंचीं. जबीन खुद बताती हैं कि उस टेस्ट के नतीजे इतने शानदार थे कि वे अपनी आंखों की चमक स्क्रीन पर देखकर हैरान रह गईं. यहीं से उनके 20 साल लंबे करियर की नींव पड़ी, जो 1954 में फिल्म ‘गुजारा’ से शुरू होकर 1974 में ‘वचन’ पर जाकर थमा. इस दौरान, उन्होंने लगभग 34 फिल्मों में काम किया. सबसे खास बात यह है कि वे दिग्गज अभिनेता मनोज कुमार की पहली हीरोइन बनीं, जब उन्होंने फिल्म ‘पंचायत’ में उनके साथ काम किया. इसके अलावा उन्होंने किशोर कुमार, शमी कपूर और प्रेम चोपड़ा जैसे बड़े सितारों के साथ भी स्क्रीन शेयर की. सत्यजीत रे की फिल्म ‘अभिजन’ में उनकी अदाकारी के लिए उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड भी मिला.

बेटे को दी सिनेमा से दूर रहने की सलाह
जबीन जलील का फिल्मी सफर केवल ग्लैमर तक सीमित नहीं रहा, उन्होंने हमेशा अपने आत्म-सम्मान को ऊपर रखा. उन्होंने एक इंटरव्यू में खुलकर कहा था कि इंडस्ट्री में टिके रहना आसान नहीं है और कई बार बड़े बैनर की फिल्मों से उन्हें हटाया भी गया, लेकिन उन्होंने कभी किसी से शिकायत नहीं की. उन्होंने धर्मेंद्र जैसे न्यूकमर्स का भी हमेशा उत्साह बढ़ाया. निजी जिंदगी की बात करें तो उन्होंने कश्मीरी पंडित अशोक काक से शादी की और अलग-अलग धर्मों के बावजूद दोनों ने कभी एक-दूसरे पर अपने विचार नहीं थोपे. आज वे अपनी जिंदगी से पूरी तरह संतुष्ट हैं, हालांकि उन्होंने अपने बेटे को फिल्म इंडस्ट्री से दूर रहने की सलाह दी. उनका मानना है कि आज की इंडस्ट्री में कला कम और बिजनेस ज्यादा हावी हो गया है.

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Abhishek Nagar

अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें

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