साल में केवल एक बार खिलता है ये फूल, वात हो या चर्म रोग, कई बीमारियों का असली डॉक्टर
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Palash Flower Benefits : पलाश ऐसा फूल है, जो साल में केवल एक बार, बसंत से लेकर मार्च तक ही खिलता है. आयुर्वेद में इसके फूलों को औषधि माना गया है, जो हमारी सेहत के लिए रामबाण है. रायबरेली की आयुष चिकित्सक डॉ. आकांक्षा दीक्षित लोकल 18 से बताती हैं कि इसमें एस्ट्रिनजेंट और एंटीऑक्सीडेंट गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो वात रोग से लड़ने में मददगार हैं. अगर किसी के पेट में कीड़े हो गए हों, तो इसके पाउडर को शहद के साथ खाली पेट सेवन करना चाहिए.
बसंत पंचमी से पतझड़ शुरू हो जाता है. इसके बाद पेड़-पौधों पर नई पत्तियां और नए फूलों का आगमन होता है. कुछ ऐसे पौधे हैं, जिन पर साल के 12 महीने फूल आते हैं, लेकिन कई ऐसे पौधे हैं. जिनमें फूल साल में केवल एक बार, बसंत से लेकर मार्च तक ही आते हैं. उसके बाद पूरे साल के लिए फूल गायब हो जाते हैं. इन्हीं पौधों में पलाश भी शामिल है.
पलाश के फूल चटकती धूप में बेहद खूबसूरत दिखाई देते हैं, जिन्हें आमतौर पर लोग टेसू का फूल कहते हैं. इसके फूल हमारी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हैं. आयुर्वेद में इसके फूलों को औषधि माना गया है, जो हमारी सेहत के लिए रामबाण है.
रायबरेली जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवगढ़ की आयुष चिकित्सक डॉ. आकांक्षा दीक्षित (एमडी आयुर्वेद नेशनल इंस्टीट्यूट आफ आयुर्वेद जयपुर, राजस्थान) लोकल 18 से बताती हैं कि बसंत ऋतु के शुरू होते ही पलाश के पौधे में फूल आने शुरू हो जाते हैं. खासकर गर्मियों के मौसम में मिलने वाले यह गुलाबी रंग के फूल हमारी स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद हैं.
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इसमें एस्ट्रिनजेंट और एंटीऑक्सीडेंट गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो वात रोग से लड़ने में मददगार हैं. ये चर्म रोग, पेट में कीड़ा, डायबिटीज, घाव भरने और त्वचा रोग के साथ महिलाओं को होने वाली कई गंभीर बीमारियों से बचाते हैं.
डॉ. आकांक्षा दीक्षित बताती हैं कि अगर किसी के पेट में कीड़े हो गए हों, तो इसके पाउडर को शहद के साथ खाली पेट सेवन करना चाहिए. शरीर पर घाव हो जाए, तो इसके पत्ते और छाल को पीसकर लेप बनाकर लगाने से घाव ठीक हो जाता है.
डायबिटीज के मरीजों को इसके पत्ते के सेवन से राहत मिलता है. अगर आप त्वचा की समस्या से परेशान हैं, तो इसके फूलों का लेप बनाकर त्वचा पर लगाने से खुजली और रूखेपन की समस्या दूर हो जाती है. इसमें एस्ट्रिनजेंट गुण पाए जाते हैं, जो त्वचा के लिए फायदेमंद हैं.