एक छोटी-सी खंडित मूर्ति, जिसके सहारे बसा पूरा गांव! जानिए ऐंजर की ‘अंजनी माता’ का रहस्य
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Sultanpur News: यूपी के सुल्तानपुर में एक ऐसा मंदिर है, जिसकी मान्यता काफी खास है. कहा जाता है कि यहां अंजनी माता का वास है और माता हर मनोकामना पूरी करती हैं. आइए यहां की कहानी जानते हैं.
सुल्तानपुर: हमारे आसपास कुछ ऐसी कहानियां होती हैं, जिस पर विश्वास करना मुश्किल होता है. लेकिन जब साक्ष्य सामने होता है, तो उस पर विश्वास करना ही पड़ता है. एक ऐसी ही कहानी है उत्तर प्रदेश की सुल्तानपुर जिले के ऐंजर गांव की, जहां पर एक छोटी सी खंडित मूर्ति जो एक 100 बीघा क्षेत्रफल वाली झील के बगल है. यह छोटी सी खंडित मूर्ति पूरे गांव का एक सहारा बनी हुई है. यहां के लोगों का यह मानना है कि इस खंडित मूर्ति पर जो भी दर्शन करता है, उसकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और किसी भी शुभ काम करने से पहले गांव वाले यहां पर पूजा पाठ जरूर करते हैं, वरना गांव में कोई ना कोई अनहोनी हो जाती है.
इतना पुराना है इतिहास
सुल्तानपुर शहर मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर धनपतगंज ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम सभा एंजेर में एक गौरव झील है और इस झील के ठीक बगल अंजनी माता का एक स्थल है. यहां पर एक छोटा मंदिर बनवाया गया है और मंदिर के ठीक सामने वरुण प्रजाति का एक पेड़ है. उस पेड़ के ठीक नीचे एक मूर्ति रखी गई है, जो खंडित अवस्था में है. इसकी देखरेख का संरक्षण करने वाले अलगू राम लोकल 18 से बताते हैं कि अंजनी माता का यह स्थल काफी प्राचीन है, जो 100 सालों से भी अधिक पुराना माना जाता है.
काम की शुरुआत से पहले करते हैं पूजा पाठ
इसी गांव के रहने वाले बुजुर्ग रामचंद्र तिवारी लोकल 18 से बताते हैं कि गांव का कोई भी व्यक्ति यदि किसी नए काम की शुरुआत करता है, तो वह इस मूर्ति पर आकर पूजा पाठ जरूर करता है. लोगों की ऐसी मान्यता है कि अंजनी माता के आशीर्वाद के लिए लोग यहां पर बसे हुए हैं और अंजनी माता मंदिर की वजह से ही गांव की सुरक्षा हो रही है.
कैसे पहुंचें यहां
अगर आप भी अंजनी माता के इस मंदिर पर जाकर पूजा पाठ करना चाहते हैं, तो आपको सुल्तानपुर शहर मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर धनपतगंज ब्लॉक के ऐंजर गांव पहुंचना होगा. यहां पर आपको झील के किनारे यह प्राचीन मंदिर मिल जाएगा. इस मंदिर की प्राचीनता इसी बात से सिद्ध होती है कि यहां पर रखी हुई खंडित मूर्ति कई सौ साल पुरानी मानी जाती है. गांव वालों के अनुसार, उन लोगों की रक्षा और सुरक्षा इसी मूर्ति के माध्यम से अंजनी माता करती हैं.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.
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