LPG बुकिंग बनी भेदिया, पत्नी की हत्या के दोषी सेना का पूर्व कैप्टन गिरफ्तार, 4 साल से था फरार
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Punjab News: एलपीजी बुकिंग और बैंक ट्रांजेक्शन के जरिए हत्या के एक दोषी को गिरफ्तार किया गया है. दोषी चार साल से फरार था. वह सेना में कैप्टन था. उसका नाम संदीप तोमर है. उसे मध्य प्रदेश के पंधुरना से गिरफ्तारी के बाद फाजिल्का कोर्ट पेश किया गया.

पंजाब पुलिस ने आरोपी को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया. (प्रतीकात्मक फोटो.)
Punjab News: एलपीजी सिलेंडर की एक साधारण बुकिंग ने चार साल से फरार चल रहे भारतीय सेना के पूर्व कैप्टन को अंततः पुलिस के हत्थे चढ़ा दिया. पत्नी की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए संदीप तोमर को मध्य प्रदेश के पंधुरना जिले से गिरफ्तार किया गया. सोमवार को उसे फाजिल्का कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया. पंजाब पुलिस अधिकारी के अनुसार संदीप तोमर वर्ष 2013 में अबोहर में तैनात था, जब उसने अपनी पत्नी श्वेता सिंह की हत्या कर दी थी. शुरुआत में उसने घटना को आत्महत्या बताने की कोशिश की, लेकिन गहन जांच में यह साजिश पूर्ण हत्या साबित हुई. ट्रायल कोर्ट ने 2014 में उसे दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी. इस फैसले को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 2022 में बरकरार रखा.
जमानत मिलने के बाद फरार
संदीप तोमर को 2019 में जमानत मिल गई थी, लेकिन जब हाईकोर्ट ने 2022 में उसकी सजा बरकरार रखी, तो वह अदालत में सरेंडर नहीं हुआ. इसके बाद से वह लगातार अपना ठिकाना और पहचान बदलता रहा. पुलिस के मुताबिक वह लगातार जगह बदलकर पुलिस की पकड़ से बचता रहा. 2024 में श्वेता सिंह के पिता राम नरेश ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर संदीप तोमर की गिरफ्तारी की मांग की. हाईकोर्ट ने पंजाब के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस को 8 अप्रैल तक हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया, जिसमें बताया जाए कि आरोपी को पकड़ने के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए. इसके बाद फाजिल्का के सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस ने एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की, जिसका नेतृत्व एसपी रैंक के अधिकारी को सौंपा गया.
LPG बुकिंग बनी भेदिया
गिरफ्तारी का ब्रेकथ्रू तब आया जब फाजिल्का पुलिस ने संदीप तोमर के PAN कार्ड से जुड़े बैंक अकाउंट को ट्रेस किया. इसी अकाउंट से उसने एलपीजी सिलेंडर बुक किया था. बैंक स्टेटमेंट से यह भी पता चला कि वह पंधुरना (मध्य प्रदेश) की एक गैस एजेंसी से सिलेंडर रिफिल करवा रहा था. पुलिस ने तुरंत उस गैस एजेंसी से संपर्क किया और डिलीवरी का पता हासिल कर लिया. इस सूचना को पंधुरना के एसपी के साथ साझा किया गया. स्थानीय पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संदीप तोमर को गिरफ्तार कर लिया. बाद में उसे फाजिल्का लाया गया और कोर्ट में पेश किया गया.
क्या थी पूरी घटना
संदीप तोमर सेना का पूर्व कैप्टन था. 2013 में अबोहर पोस्टिंग के दौरान उसने अपनी पत्नी श्वेता सिंह की हत्या कर दी थी. शुरुआती जांच में उसने आत्महत्या का ढोंग रचा, लेकिन पुलिस की गहन छानबीन में हत्या की साजिश सामने आई. ट्रायल कोर्ट ने 2014 में उम्रकैद की सजा सुनाई, जिसे हाईकोर्ट ने 2022 में बरकरार रखा. जमानत पर बाहर आने के बाद तोमर ने सरेंडर नहीं किया और चार साल तक फरार रहा. इस दौरान वह अपनी पहचान बदल-बदलकर अलग-अलग जगहों पर छिपता रहा. श्वेता सिंह के परिवार ने लगातार न्याय की मांग की. राम नरेश की याचिका के बाद हाईकोर्ट के सख्त रुख और SIT के गठन ने अंततः आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया.
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न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें