आ रहे हैं अयोध्या? सरयू घाट से इन स्थलों तक पहुंचें…. तस्वीरों के जरिए समझिए पूरा रास्ता!
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अयोध्या की धरती पर स्थित सरयू तट से शुरू होकर, आप राम मंदिर, कनक भवन, सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ और दशरथ महल जैसे प्रमुख स्थलों की यात्रा कर सकते हैं. गुप्ता घाट और सूर्यकुंड जैसी जगहें धार्मिक महत्व के साथ-साथ पर्यटन के दृष्टिकोण से भी आकर्षक हैं. यह यात्रा न केवल आपके आध्यात्मिक अनुभव को समृद्ध करती है, बल्कि अयोध्या की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर से भी परिचित कराती है.
अयोध्या के सरयू किनारे स्थित होने के बाद आप आसानी से राम मंदिर, सिद्ध पीठ, हनुमानगढ़, कनक भवन, दशरथ महल, नागेश्वर नाथ मंदिर, गुप्ता घाट और सूर्यकुंड जैसे प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंच सकते हैं. इन सभी स्थानों तक जाने के लिए आपको शहर के अलग-अलग मार्गों का उपयोग करना होगा, जो आपकी यात्रा को सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाते हैं.
अगर आप सरयू तट से राम मंदिर जा रहे हैं, तो सीधे लता मंगेशकर चौक होते हुए आप बिरला धर्मशाला के पास पहुंचेंगे. सरयू तट से बिरला धर्मशाला की दूरी लगभग 1 किलोमीटर है. यहां से आपको इलेक्ट्रिक व्हीकल की सुविधा भी मिलती है, जिससे आप आसानी से प्रभु राम के दर्शन कर सकते हैं.
सरयू तट से लगभग 800 मीटर की दूरी पर सिद्ध पीठ पवन पुत्र हनुमान का हनुमानगढ़ी मंदिर स्थित है. यहां आप हनुमान जी के दर्शन और पूजन कर पुण्य अर्जित कर सकते हैं और अपनी यात्रा को मंगलमय बना सकते हैं.
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लता मंगेशकर चौक से सरयू घाट होते हुए कनक भवन की दूरी लगभग 1 किलोमीटर है. कनक भवन में प्रभु राम के साथ माता जानकी विराजमान हैं. कहा जाता है कि त्रेता युग में यह भवन सोने का था. अयोध्या आने वाले श्रद्धालु कनक भवन में लाखों की संख्या में दर्शन और पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं.
सरयू घाट से लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर गुप्ता घाट स्थित है, जहां मान्यता है कि प्रभु राम अपने परमधाम को गए थे. गुप्ता घाट के आसपास कई पर्यटन स्थल विकसित किए गए हैं, जिससे श्रद्धालु न केवल धार्मिक अनुभव लेते हैं, बल्कि पर्यटन का आनंद भी उठा सकते हैं.
सरयू तट से लगभग 8 किलोमीटर की दूरी पर सूर्यकुंड स्थित है. यहां प्रतिदिन भगवान सूर्य और प्रभु राम के जीवन की लीला लेजर शो के माध्यम से प्रदर्शित की जाती है. कुंड के पास भगवान सूर्य का मंदिर भी है, जिसे राजा दर्शन सिंह ने बनवाया था. श्रद्धालु यहां न केवल धार्मिक अनुभव लेते हैं, बल्कि पर्यटन का आनंद भी उठाते हैं.
सरयू घाट और लता मंगेशकर चौक से दशरथ महल की दूरी लगभग 1 किलोमीटर है. यानी कनक भवन, राम मंदिर और सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ के बीचो-बीच दशरथ महल स्थित है. यहां पूरा राजपरिवार एक साथ विराजमान है, और श्रद्धालु महल में दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं.