Aaj Ka Mausam Live | Today Weather Live | आंधी-तूफान और घनघोर बारिश… अगले 24 घंटे संभलकर रहें, पंजाब-यूपी से बिहार तक IMD का अलर्ट
Today Weather Live: देशभर में मौसम का मिजाज बदला हुआ है. पहले जहां मार्च का अंत आते-आते झुलसाने वाली गर्मी लोगों का घर से बाहर निकला मुश्किल कर देती थी. वहीं इस साल मार्च का महीना बेहद सुहाना बना हुआ है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले कुछ दिन और मौसम इसी तरह सुहाना बना रहेगा. आईएमडी के मुताबिक, एक के बाद एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और कई चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के कारण पूरे भारत में बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि की स्थिति बन रही है.
दिल्ली का मौसम
दिल्ली में 31 मार्च को मौसम में बदलाव साफ तौर पर महसूस किया जाएगा. IMD के अनुसार, दिल्ली में दिन के समय हल्की बूंदाबांदी या बहुत हल्की बारिश हो सकती है, जबकि शाम के समय मौसम में और बदलाव आएगा. गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी गति 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है, और झोंकों में यह 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.
तापमान की बात करें तो अगले 48 घंटों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी. हालांकि इसके बाद तापमान में फिर बढ़ोतरी होने की संभावना है. फिलहाल तापमान सामान्य के आसपास रहने की उम्मीद है.
दिल्ली में मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे तेज हवाओं और बिजली गिरने के दौरान सावधानी बरतें. खुले स्थानों पर खड़े होने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें, क्योंकि अचानक मौसम बदलने की स्थिति बन सकती है.
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का मौसम
बिहार में मौसम का मिजाज काफी उग्र नजर आ रहा है. (PTI)
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बारिश के साथ-साथ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी भी हो सकती है. कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की संभावना है, जिससे फसलों और बागवानी को नुकसान हो सकता है. मौसम विभाग ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
आने वाले दिनों में एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है, जिससे 3 से 5 अप्रैल के बीच इन राज्यों में फिर से बारिश और तूफान की गतिविधियां तेज हो सकती हैं. इससे तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा.
बिहार और झारखंड का मौसम
झारखंड में भी तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं. IMD के अनुसार, इन राज्यों में मौसम अचानक बदल सकता है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है. किसानों को विशेष रूप से सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम कर लें.
पूर्वी भारत में यह सक्रिय मौसम प्रणाली अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है, जिससे 2-3 अप्रैल तक रुक-रुक कर बारिश और आंधी-तूफान की स्थिति बनी रह सकती है.
मध्य और दक्षिण भारत में कैसा रहेगा मौसम?
मध्य भारत के छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में भी गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा. वहीं, महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र क्षेत्र में भी ओलावृष्टि और तेज आंधी का खतरा बना हुआ है.
दक्षिण भारत की बात करें तो केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं. केरल और माहे में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि तटीय कर्नाटक में भी तेज वर्षा की संभावना जताई गई है.
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अनुमान
पूर्वोत्तर भारत में 31 मार्च को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर तेज बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना है. वहीं, सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी वर्षा और ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है.
मौसम विभाग के पूर्वानुमान की खास बातें…
पश्चिमी विक्षोभ क्या होता है?
पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) भूमध्यसागर क्षेत्र से आने वाली ठंडी और नम हवाओं का एक मौसम तंत्र है, जो पश्चिम से भारत की ओर बढ़ता है। यह खासकर उत्तर भारत में सर्दियों और वसंत में बारिश, बर्फबारी और मौसम बदलाव का प्रमुख कारण बनता है.
किन इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट है?
पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश की संभावना है. इसके अलावा केरल और सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम में भी भारी बारिश हो सकती है.
कहां ओलावृष्टि और आंधी-तूफान का खतरा है?
बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में ओलावृष्टि और गरज-चमक के साथ तूफान की चेतावनी है.
तेज हवाएं कहां चलेंगी?
बिहार और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और मध्य भारत में 30-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है.
क्या आने वाले दिनों में भी ऐसा ही मौसम रहेगा?
हां, 2 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे उत्तर-पश्चिम भारत में फिर से बारिश और तूफान का दौर शुरू हो सकता है.
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
तेज हवाओं और बिजली गिरने के दौरान खुले में न रहें, पेड़ों या बिजली के खंभों से दूर रहें और मौसम विभाग की सलाह का पालन करें.
कुल मिलाकर 31 मार्च को देश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम अस्थिर बना रहेगा. कहीं भारी बारिश, कहीं आंधी-तूफान, तो कहीं ओलावृष्टि की संभावना है. पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसमी प्रणालियों के सक्रिय रहने के कारण यह दौर अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है. मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और बिजली गिरने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है. खासकर किसानों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है.