प्राइस स्टेबिलाइजेशन फंड, सरकारी सोलर के लिए मेंटेनेंस गारंटी…मन की बात में छाए बाराबंकी के सौरभ
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Barabanki News : बाराबंकी के सौरभ बैसवार ने कमाल कर दिया है. वे मूल रूप से बाराबंकी जिले की फतेहपुर तहसील क्षेत्र के सोहाई गांव के रहने वाले हैं.. उनके पिता किसान हैं. सौरभ आईटीआई जहांगीराबाद से पढ़ाई कर रहे हैं. उन्होंने आलू और मेंथा किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया और समाधान के रूप में तहसील स्तर पर प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने का सुझाव दिया. प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में उनके विचारों की सराहना की है. सौरभ ने सस्ते विदेशी सिंथेटिक मेंथा के आयात पर नियंत्रण और ‘प्राइस स्टेबिलाइजेशन फंड’ की स्थापना की भी वकालत की है.
बाराबंकी. लखनऊ से सटे यूपी के बाराबंकी का एक युवा सुर्खियों में है. बाराबंकी जिले के सौरभ बैसवार की लेखनी का प्रभाव ऐसा रहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में उनके विचारों की सराहना की है. इस उपलब्धि से न केवल उनका परिवार बल्कि पूरा बाराबंकी जिला गर्व महसूस कर रहा है. ‘मेरा युवा भारत’ की ओर से आयोजित लेखन प्रतियोगिता में देशभर के लाखों युवाओं ने भाग लिया था. इस प्रतियोगिता में किसान कल्याण विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करने वाले चुनिंदा प्रतिभागियों में सौरभ बैसवार का नाम भी शामिल रहा. प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में उनके साथ तेलंगाना के कोटला रघुवीर रेड्डी और बिहार के सुमित कुमार का भी उल्लेख करते हुए उनके विचारों की प्रशंसा की.
22 वर्षीय सौरभ बैसवार मूल रूप से बाराबंकी जिले की फतेहपुर तहसील क्षेत्र के सोहाई गांव के निवासी हैं. वर्तमान में वे शहर के आवास विकास कॉलोनी में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं. उनके पिता प्रभाकर बैसवार किसान हैं, जबकि सौरभ अपने दादा-दादी के साथ रहकर अपनी शिक्षा पूरी कर रहे हैं. वे आईटीआई जहांगीराबाद में अध्ययनरत हैं और भविष्य में सीडीएस परीक्षा पास कर देश सेवा करने का सपना रखते हैं.
और क्या लिखा
सौरभ ने अपने निबंध में “भारत की आत्मा गांवों में बसती है” विचार को केंद्र में रखते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया. उन्होंने आलू और मेंथा किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया और समाधान के रूप में तहसील स्तर पर प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने का सुझाव दिया, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिल सके. उन्होंने सस्ते विदेशी सिंथेटिक मेंथा के आयात पर नियंत्रण, ‘प्राइस स्टेबिलाइजेशन फंड’ की स्थापना और किसानों के हित में त्वरित सरकारी हस्तक्षेप जैसे सुझाव भी दिए. सौरभ ने सरकारी सोलर योजनाओं में गुणवत्ता सुधार और 5-10 वर्ष की मेंटेनेंस गारंटी को अनिवार्य करने की भी मांग की.
विकास का असली आधार
सौरभ ने अपने विचारों में गांवों को आर्थिक केंद्र बनाने की दिशा में भी सुझाव दिए. उन्होंने एआई आधारित स्मार्ट खेती केंद्र, खेतों तक पक्के रास्ते और ग्रामीण सड़कों पर सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने जैसी योजनाओं पर जोर दिया. उनका मानना है कि सशक्त किसान, पारदर्शी व्यवस्था और खुशहाल गांव ही असली विकास का आधार हैं. प्रधानमंत्री की ओर से ‘मन की बात’ में नाम लिए जाने के बाद सौरभ के घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है. सौरभ का कहना है कि यह उनके लिए किसी बड़े सम्मान से कम नहीं है.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें