कानपुर में डीएम के औचक निरीक्षण में खुली स्वास्थ्य केंद्र की पोल, डॉक्टर समेत 5 कर्मी गायब, हो गई कार्रवाई

Share to your loved once


Last Updated:

कानपुर में डीएम के औचक निरीक्षण के दौरान डॉक्टर विवेक सोनकर तो मौजूद मिले, लेकिन प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. स्मिता सिंह अनुपस्थित पाई गईं. जब उपस्थिति रजिस्टर खंगाला गया तो विकास यादव, अमित कुमार, डॉ. श्रेया सचान और अमन शुक्ला भी गायब मिले. इस पर डीएम ने मुख्य चिकित्साधिकारी को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए और साफ कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

ख़बरें फटाफट

कानपुर: शहर के किदवई नगर स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह अचानक औचक निरीक्षण करने पहुंच गए. इस दौरान जो हाल सामने आया, उसने स्वास्थ्य व्यवस्था की असल तस्वीर उजागर कर दी. डॉक्टर समेत पांच स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी से नदारद मिले, जिस पर डीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दे दिए.

निरीक्षण के दौरान डॉक्टर विवेक सोनकर तो मौजूद मिले, लेकिन प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. स्मिता सिंह अनुपस्थित पाई गईं. जब उपस्थिति रजिस्टर खंगाला गया तो विकास यादव, अमित कुमार, डॉ. श्रेया सचान और अमन शुक्ला भी गायब मिले. इस पर डीएम ने मुख्य चिकित्साधिकारी को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए और साफ कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

ओपीडी रजिस्टर में मिली गड़बड़ी

जांच के दौरान एक और चौंकाने वाली बात सामने आई. 27 मार्च की ओपीडी प्रविष्टियों में डॉ. स्मिता सिंह के हस्ताक्षर दर्ज मिले, जबकि बताया गया कि वह उस दिन प्रशिक्षण में थीं. पूछताछ में पता चला कि मरीजों की एंट्री डॉक्टर विवेक सोनकर ने की थी. इस पूरे मामले को गंभीर मानते हुए डीएम ने एक हफ्ते के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं.

निरीक्षण के दौरान डीएम ने परिसर में चल रहे क्षयरोग (टीबी) केंद्र का भी जायजा लिया. यहां 11 में से 5 कर्मचारी दूसरे स्थानों पर संबद्ध पाए गए. इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई और मुख्य चिकित्साधिकारी से दो दिन में जवाब मांगा. साथ ही निर्देश दिया कि सभी कर्मचारियों को उनके मूल तैनाती स्थल पर वापस भेजा जाए, ताकि मरीजों को दिक्कत न हो.

फिर से शुरू होगी भर्ती व्यवस्था

निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कोविड काल के बाद से टीबी मरीजों को भर्ती कर इलाज देने की व्यवस्था बंद पड़ी है. इस पर डीएम ने निर्देश दिया कि भर्ती वार्ड दोबारा शुरू किया जाए और जरूरी सुविधाएं जल्द बहाल की जाएं. डीएम ने साफ कहा कि जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए. जहां भी गड़बड़ी मिले, वहां तुरंत सुधार किया जाए. उनका कहना है कि आम लोगों को बेहतर इलाज मिलना ही सबसे बड़ी प्राथमिकता है, और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

About the Author

Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP