‘शोले’ का एक्टर, 3 रुपये दिहाड़ी में किया काम, उर्दू डायलॉग ने बदल दी किस्मत, ‘रोते हुए सीन’ ने बनाया कॉमेडी किंग

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हिंदी सिनेमा के मशहूर एक्टर जगदीप का सफर 3 रुपये की दिहाड़ी से शुरू हुआ था. बंटवारे का दर्द और गरीबी झेलने वाले जगदीप को पहला ब्रेक तब मिला, जब उन्होंने भीड़ से निकलकर एक मुश्किल उर्दू डायलॉग सहजता से बोल दिया. दिलचस्प बात यह है कि उन्हें कॉमेडी में लाने का श्रेय निर्देशक बिमल रॉय को जाता है, जिन्होंने उन्हें एक फिल्म में रोते हुए देखा था. बिमल रॉय का मानना था कि जो कलाकार गहराई से रुला सकता है, वही बेहतरीन कॉमेडी भी कर सकता है. इसी सोच ने जगदीप को 400 से ज्यादा फिल्मों और 5 दशकों तक राज करने वाला कॉमेडी किंग बना दिया. लोग उन्हें शोले में ‘सूरमा भोपाली’ का रोल निभाने की वजह से याद करते हैं.

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3 रुपये दिहाड़ी में किया काम, उर्दू डायलॉग ने बदल दी किस्मतZoom

एक्टर ने 400 से ज्यादा फिल्मों में किया था काम (AI से जेनरेटेड इमेज)

नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा के दिग्गज एक्टर जगदीप को दुनिया आज भी ‘सूरमा भोपाली’ के नाम से याद करती है. उनका फिल्मी सफर किसी फिल्मी कहानी से कम रोमांचक नहीं है. 29 मार्च को उनकी जयंती के मौके पर उनके स्ट्रगल के दिनों को याद करना बेहद इमोशनल कर देता है. जगदीप ने गरीबी और देश के बंटवारे का दर्द बहुत करीब से झेला था. ताज्जुब की बात यह है कि वह कभी एक्टर नहीं बनना चाहते थे, लेकिन किस्मत उन्हें खींचकर कैमरा के सामने ले आई. उनके करियर की शुरुआत महज 3 रुपये की दिहाड़ी से एक बाल कलाकार के रूप में हुई थी. फिल्म ‘अफसाना’ (1951) की शूटिंग के दौरान जब अहम बाल कलाकार उर्दू डायलॉग नहीं बोल पाया, तब भीड़ का हिस्सा रहे नन्हे जगदीप ने आगे बढ़कर वह डायलॉग बोल दिया. उनकी उर्दू इतनी साफ और बोलने का अंदाज इतना सटीक था कि डायरेक्टर ने खुश होकर उनका मेहनताना 3 रुपये से बढ़ाकर सीधा 6 रुपये कर दिया.

जगदीप का टैलेंट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महज 9 साल की उम्र में उन्होंने अपनी आवाज का जादू बिखेरना शुरू कर दिया था. दरबार में राजा के आने की घोषणा करने वाला उनका डायलॉग इतना दमदार था कि डायरेक्टर ने उन्हें भीड़ से निकालकर नकली दाढ़ी-मूंछ लगाकर फिल्म में एक खास रोल दे दिया. यहीं से उनके मन में अभिनय को लेकर लगन पैदा हुई. हालांकि, शुरुआत में उन्होंने कई गंभीर और साइड रोल किए, लेकिन उन्हें खुद भी अंदाजा नहीं था कि एक ‘रोता हुआ किरदार’ उन्हें कॉमेडी का किंग बना देगा. हिंदी सिनेमा को जगदीप जैसा कॉमेडियन देने का बड़ा श्रेय मशहूर निर्देशक बिमल रॉय को जाता है, जिन्होंने उनके टैलेंट को एक अलग नजरिए से पहचाना.

एक्टर जगदीप ने शोले में सूरमा भोपाली का यादगार रोल निभाया था.

400 से ज्यादा फिल्मों में किया काम
बिमल रॉय अपनी फिल्म ‘दो बीघा जमीन’ के लिए एक ऐसे कलाकार की तलाश में थे जो कॉमेडी कर सके. उन्होंने जगदीप को फिल्म ‘धोबी डॉक्टर’ में एक बेहद इमोशनल सीन में रोते हुए देखा था. बिमल रॉय का मानना था कि जो कलाकार पर्दे पर इतनी गहराई से रुला सकता है, वही सबसे अच्छी कॉमेडी भी कर सकता है, क्योंकि उसे पता होता है कि दुख के बाद सुख की असल कीमत क्या है. इसी सोच के साथ उन्होंने जगदीप को बूट पॉलिश करने वाले लड़के का कॉमिक रोल दिया, जिसने उन्हें रातों-रात मशहूर कर दिया. आगे चलकर ‘शोले’ के सूरमा भोपाली जैसे किरदारों ने उन्हें अमर बना दिया. 400 से ज्यादा फिल्मों में काम करने वाले जगदीप आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके निभाए किरदार और उनकी कॉमिक टाइमिंग आज भी लोगों के चेहरों पर मुस्कान ले आती है.

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Abhishek Nagar

अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें

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