क्या द्रौपदी ने बनाया था पहला ‘गोलगप्पा’? जानें भारत के सबसे पसंदीदा स्नैक का महाभारत कनेक्शन!
Golgappa History in Hindi : गोलगप्पा, पानी-पूरी, पुचका या गुपचुप. नाम चाहे जो भी हो, पर इसकी एक प्लेट देखते ही मुंह में पानी आना लाज़मी है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस तीखे-चटपटे पानी वाली पूरी के आप दीवाने हैं, उसका कनेक्शन महाभारत से भी हो सकता है? जी हां, एक पुरानी लोककथा के अनुसार, भारत का यह सबसे पसंदीदा स्नैक किसी शेफ ने नहीं, बल्कि द्रौपदी ने बनाया था.
कहानी तब की है जब द्रौपदी ब्याह कर पांडवों के घर आईं, तब पांडव वनवास काट रहे थे और उनके पास संसाधन बहुत सीमित थे. पांडव वनवास काट रहे थे इसलिए संसाधन सीमित थे और चुनौतियां बड़ीं थी. नई-नवेली दुल्हन द्रौपदी की बुद्धिमत्ता को परखने के लिए उनकी सास माता कुंती ने एक कठिन परीक्षा ली. कुंती यह देखना चाहती थीं कि वह कम संसाधनों में घर को कैसे संभालती हैं.
कुंती ने द्रौपदी को थोड़ा सा आटा और कुछ बची हुई आलू की सब्जी दी. उन्होंने सीधा निर्देश दिया कि “कुछ ऐसा बनाओ जिससे पांचों पांडवों का पेट भर जाए.” द्रौपदी ने अपनी रचनात्मकता दिखाई. उन्होंने आटे की छोटी-छोटी लोइयां बेलकर उन्हें एकदम कुरकुरा तला. फिर उनमें उबले हुए आलू का मसाला भरा और इमली व मसालों का ऐसा पानी तैयार किया कि कम मात्रा में भी पांडवों का पेट भर गया और मन भी तृप्त हो गया. कहते हैं, यहीं से ‘फुल्की’ (गोलगप्पे का पुराना नाम) की शुरुआत हुई.
गोलगप्पे का बिहारी कनेक्शन?
प्रसिद्ध खाद्य इतिहासकार पुष्पेश पंत के मुताबिक, गोलगप्पे का आज का स्वरूप लगभग 100-125 साल पुराना है. वह इसे ‘राज कचोरी’ का छोटा और बदला हुआ रूप मानते हैं. हालांकि एक बड़ा ऐतिहासिक तर्क यह भी है कि गोलगप्पे में इस्तेमाल होने वाली दो प्रमुख चीजें-आलू और मिर्च-भारत में करीब 300-400 साल पहले पुर्तगालियों द्वारा लाए गए थे. ऐसे में महाभारत काल (हजारों साल पहले) में इनका अस्तित्व होना थोड़ा मुश्किल लगता है.
तमाम तर्कों के साथ चाहे यह मगध की गलियों से निकला हो या किसी रानी की रसोई से, आज गोलगप्पा हर भारतीय के दिल की धड़कन है. इसकी कहानियों हमें सिखाती है कि भारतीय खानपान हमेशा से ‘जुगाड़’ और ‘स्वाद’ का बेहतरीन मिश्रण रहा है. तो अगली बार जब आप गोलगप्पे खाने जाएं तो सोचिएगा जरूर कि शायद आप इतिहास का एक हिस्सा चख रहे हैं!
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)