क्या शरीर दे रहा अलार्म? HbA1c 5.4 पार होते ही खतरे की घंटी, जानें शुगर से बचने की ट्रिक

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Pre-diabetes remedies : आजकल असमय भोजन, देर रात तक जागना और शारीरिक गतिविधियों की कमी आम हो गई है. इन आदतों से इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ने लगता है. यही स्थिति धीरे-धीरे डायबिटीज का रूप ले लेती है. लोकल 18 से कानपुर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एसके गौतम बताते हैं कि अगर लोग इन शुरुआती संकेतों को समझ लें तो डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारी से आसानी से बचा जा सकता है. दवा शुरू होने से पहले ही बीमारी को रोका जा सकता है.

कानपुर. डायबिटीज (शुगर) अचानक होने वाली बीमारी नहीं, बल्कि यह धीरे-धीरे शरीर में पनपती है और समय रहते संकेत भी देती है. कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एसके गौतम के अनुसार, अगर लोग इन शुरुआती संकेतों को समझ लें तो डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारी से आसानी से बचा जा सकता है. डॉ. गौतम बताते हैं कि आजकल लोगों में असमय भोजन, देर रात तक जागना और शारीरिक गतिविधियों की कमी आम हो गई है. इन आदतों का असर सीधे शरीर पर पड़ता है और इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ने लगता है. यही स्थिति धीरे-धीरे डायबिटीज का रूप ले लेती है. शरीर पहले ही छोटे-छोटे संकेत देने लगता है, लेकिन लोग उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं. अगर समय रहते ध्यान दिया जाए तो बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है.

पूरी तरह ठीक होने के चांस

डॉ. गौतम के मुताबिक, डायबिटीज से पहले एक स्टेज आती है जिसे प्री-डायबिटीज कहा जाता है. इस अवस्था में अगर व्यक्ति अपनी आदतों में सुधार कर ले तो वह पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है. हाल के कई शोधों में यह साबित हुआ है कि सही खानपान, नियमित व्यायाम और वजन नियंत्रण से प्री-डायबिटिक मरीज भी सामान्य जीवन जी सकते हैं. यानी दवा शुरू होने से पहले ही बीमारी को रोका जा सकता है.

HbA1c बढ़ते ही समझें संकेत

डॉ. गौतम बताते हैं कि HbA1c टेस्ट शरीर में पिछले तीन महीनों के शुगर लेवल को दर्शाता है और यह डायबिटीज का अहम संकेतक है. अगर HbA1c की मात्रा 5.4 से ऊपर पहुंचती है, तो यह चेतावनी का संकेत है. 6.4 तक पहुंचने पर व्यक्ति प्री-डायबिटिक माना जाता है और उसे तुरंत अपनी दिनचर्या सुधारनी चाहिए. अगर यह स्तर 7 या उससे ज्यादा हो जाए, तो मरीज को दवाइयों की जरूरत पड़ने लगती है. इसलिए समय रहते जांच और सावधानी बेहद जरूरी है.

सिर्फ यही बचाव

डॉ. गौतम के मुताबिक, लोग अपनी रोजमर्रा की आदतों पर ध्यान दें. समय पर खाना, पर्याप्त नींद लेना और रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करना बेहद जरूरी है. डायबिटीज को लाइफस्टाइल डिजीज कहा जाता है, यानी अगर हम अपनी आदतें सुधार लें तो इस बीमारी से काफी हद तक बचा जा सकता है. जागरूकता ही सबसे बड़ा इलाज है. अगर लोग शरीर के संकेतों को समय रहते समझ लें, तो डायबिटीज जैसी बीमारी को आने से पहले ही रोका जा सकता है.

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Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें

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