डीजल पेट्रोल पर त्राहिमाम करने वालों कान खोल कर सुन लें, कितने दिन का स्टॉक है हमारे पास? जवाब सुन फूलने लगेगी सांसें
Oil and LPG Stock in India: मिडिल ईस्ट में तनाव बना हुआ है. होर्मुज पर भी ईरान ने पहरा सख्त कर दिए हैं. पूरी दुनिया में कच्चे तेल (Crude Oil) की सप्लाई चेन बुरी तरह लड़खड़ा गई है. इसकी वजह से देश के कई हिस्सों में पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. एलपीजी खत्म होने की भयंकर अफवाहें उड़ रही हैं. भारत सरकार इन अफवाहों का खंडन किया है. सरकार ने पेट्रोल-डीजल और गैस के स्टॉक को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है.
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) में संयुक्त सचिव (मार्केटिंग एवं ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए कहा कि भारत के पास ईंधन के पर्याप्त स्टॉक है और घबराने का कोई कारण नहीं है.
अगले दो महीने तक का स्टॉक है फुल!
सुजाता शर्मा ने बताया कि मिडिल ईस्ट के संघर्ष ने बेशक भारत की कच्चे तेल, एलपीजी (LPG) और एलएनजी (LNG) आपूर्ति को प्रभावित किया है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें बढ़ गई हैं. लेकिन, भारत सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए कई स्तरों पर अहम और कड़े फैसले लिए हैं. हमारे पास कच्चे तेल का पर्याप्त इन्वेंट्री (Stock) मौजूद है. अगले दो महीनों (60 दिन) के लिए सप्लाई पूरी तरह से लाइन-अप है. एलपीजी और पीएनजी (PNG) को लेकर भी स्थिति बेहद सुरक्षित है. देश की रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता से या उससे भी अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं. घरेलू एलपीजी के उत्पादन में लगभग 40% का भारी उछाल आया है.
घरेलू उपभोक्ताओं को दी प्राथमिकता
भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का एक बहुत बड़ा हिस्सा आयात करता है. शर्मा ने बताया कि भारत के कुल एलपीजी आयात का लगभग 90% हिस्सा सीधे होर्मुज से होकर आता था. इस समुद्री रास्ते पर संकट की वजह से सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं. कमर्शियल सप्लाई के बजाय ‘घरेलू उपभोक्ताओं’ को प्राथमिकता दी.
धीरे-धीरे सप्लाई में सुधार
शुरुआत में सरकार ने कमर्शियल सप्लाई को पूरी तरह से रोक दिया था, ताकि घरों का चूल्हा न बुझे. स्थिति नियंत्रण में आने पर इसे धीरे-धीरे बहाल किया गया. पहले 20% किया गया. फिर पीएनजी विस्तार के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत 10% और बढ़ाया गया. बाद में इसे 50% किया गया और अब इसे बढ़ाकर 70% कर दिया गया है. 14 मार्च से अब तक बाजार में लगभग 30,000 टन कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई की जा चुकी है.
प्रवासी मजदूरों के लिए खास इंतजाम
रेस्टोरेंट, सड़क किनारे के ढाबे, होटल, इंडस्ट्रियल कैंटीन और विशेष रूप से प्रवासी मजदूरों को गैस की कमी न हो, इसका खास ध्यान रखा गया है. इसके साथ ही स्टील, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, डाई, केमिकल और प्लास्टिक जैसे उद्योगों को भी गैस सप्लाई में प्राथमिकता दी गई है. प्रवासी मजदूरों की सहूलियत को देखते हुए उन्हें 30,000 छोटे 5-किलो वाले एलपीजी सिलेंडर भी बांटे गए हैं.
दुनिया में हाहाकार, भारत में नहीं बढ़े दाम
सुजाता शर्मा ने जोर देकर कहा कि एलपीजी, एलएनजी और पीएनजी की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है. अफवाहों के कारण पेट्रोल पंपों पर भले ही भीड़ लगी हो, लेकिन हकीकत में ईंधन की कोई शॉर्टेज नहीं है.