सरकार की योजना ने दिखाया रास्ता, फिर पति-पत्नी ने मिलकर खोला यह बिजनेस, बदल डाली खुद की जिंदगी
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Bahraich News: बहराइच जिले के फखरपुर क्षेत्र की रहने वाली ज्योति नाम की महिला अपने पति के रोजगार को लेकर काफी परेशान थी. कहीं कोई काम धाम भी नहीं मिल रहा था और परेशानियां ने भी घेर रखा था. आइए जानते हैं कि फिर इस महिला की किस्मत कैसे बदली.
बहराइच: जिले के फखरपुर क्षेत्र की रहने वाली ज्योति नाम की महिला अपने पति के रोजगार को लेकर काफी परेशान थीं. कहीं कोई काम धाम भी नहीं मिल रहा था और परेशानियों ने भी घेर रखा था. तब इनको आदर्श प्रेरणा स्वयं सहायता समूह के बारे में जानकारी मिली और समूह से जुड़कर लोन मिला. फिर शहर में एक अस्थाई दुकान यहीं से चल पड़ी. अब बिजनेस और बच्चों की पढ़ाई, सब दुकान से ही चलता है. आइए ज्योति पाठक की पूरी कहानी जानते हैं.
गांव से शुरू हुआ सफर, आज शहर में ब्रांड
ज्योति ने ना सिर्फ गांव से निकलकर समूह से जुड़कर रोजगार थामा, बल्कि उस रोजगार में अपने पति को भी शामिल किया. अपने पति के साथ मिलकर आज ज्योति, फास्ट फूड कॉर्नर के नाम से अपनी एक अलग ब्रांड बना चुकी हैं. यहां पर लो देसी प्रोडक्ट को बढ़ावा देती हैं और बात अगर यहां के डिश की करें, तो चावल का फरा, राजस्थानी कचौड़ी, आयुर्वेदिक चाय, वड़ा पाव जैसे तमाम फूड बनाकर अपनी एक अलग पहचान बना रही हैं, जो अब लोगों को खूब पसंद भी आ रहा है. लोग इधर-उधर के नुकसानदायक फास्ट फूड छोड़कर ज्योति फास्ट फूड कॉर्नर पर आकर इन व्यंजकों का स्वाद ले रहे हैं.
काम के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई
सुबह की शुरुआत होते ही ज्योति पाठक अपने पति के साथ मिलकर सबसे पहले बच्चों को तैयार कर विद्यालय भेजती हैं. इसके बाद दुकान की साफ-सफाई कर फिर मैटेरियल बनाना शुरू कर देती हैं. दोपहर होते-होते सारी दुकान लगाकर सज जाती है और अब बारी आती है स्कूल से बच्चों के आने की. बच्चों के आने के बाद खाना-पीना बनाकर ज्योति खिला देती हैं और फिर मास्टर बन जाती हैं और उसी दुकान में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती हैं. इस तरह से पति-पत्नी कामकाज में लगे रहते हैं.
सरकार की योजना का किसी ने शत-प्रतिशत अगर लाभ उठाया है, तो वह ज्योति पाठक और उनके पति उत्तम पाठक ने उठाया है, जिन्होंने न सिर्फ अपनी जीविका चलाई है, बल्कि अपने साथ-साथ अपने बच्चों के उज्ज्वल जीवन को भी आगे सही राह दिखाया है. ज्योति पाठक अपना कॉर्नर बहराइच शहर के कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने चलाती हैं, जहां पर यह रोड किनारे टीन की बनी हुई अस्थाई दुकान है, जो ज्योति फास्टफूड कार्नर के नाम से है.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.