EXCLUSIVE: ‘राहुल गांधी और गौरव गोगोई को असम में कोई नहीं जानता, घुसपैठियों को राज्य से निकालने का वादा निभाऊंगा’
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कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई पर हमला करते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि नए ग्रेटर असम की उनकी अवधारणा अस्वीकार्य है क्योंकि वह (गोगोई) अप्रत्यक्ष रूप से यह सुझाव दे रहे हैं कि बांग्लादेशियों और राज्य के लोगों को एक साथ रहना होगा. सरमा ने आरोप लगाया कि गोगोई और कांग्रेस ने हमेशा मूल असमिया लोगों की तुलना में ‘मिया’ समुदाय को अधिक महत्व देने की कोशिश की है.

हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर निशाना साधा. (फाइल फोटो)
गुवाहाटी. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने न्यूज18 से एक्सक्लूसिव बातचीत में विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने गुरुवार को कहा कि राहुल गांधी और गौरव गोगोई को यहां कोई नहीं जानता. सरमा ने दावा किया कि उन्होंने घुसपैठियों को बाहर निकालने का जो वादा किया है, उसे हर हाल में पूरा करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की महिलाएं उनके साथ हैं और इसी समर्थन के दम पर उनकी पार्टी बड़ी जीत दर्ज करेगी. मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि जनता विकास और सुरक्षा के मुद्दों पर उन्हें फिर से सत्ता में लाएगी.
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि अगर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों के बाद सत्ता में वापस आती है, तो वह पांच लाख बीघा जमीन से अतिक्रमणकारियों को हटा देगी. बजाली विधानसभा क्षेत्र में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए शर्मा ने कहा कि अतिक्रमणकारियों को पिछले पांच वर्षों में सबक सिखाया गया है और स्वदेशी समुदायों पर उनका प्रभुत्व ‘काफी हद तक कम’ हो गया है. उन्होंने इन अतिक्रमकारियों में से अधिकांश को ‘मिया’ (बांग्ला भाषी प्रवासी मुस्लिमों के लिए अपमानजनक माने जाने वाला शब्द) बताया.
उन्होंने कहा, “पिछले पांच वर्षों में हमने 1.5 लाख बीघा जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया है, लेकिन अगले पांच वर्षों के लिए हमारा लक्ष्य पांच लाख बीघा सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराना होगा.” सरमा ने कहा कि असम में भूमि पर केवल स्वदेशी लोगों का ही अधिकार होगा. उन्होंने कहा, “भाजपा ‘जाति, माटी और भेटी’ (लोग, भूमि और आधार) की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और हम किसी को भी इसके विरुद्ध काम नहीं करने देंगे. मूल आबादी के अस्तित्व के लिए अवैध प्रवासियों से सख्ती से निपटना आवश्यक है और हम इस पर कोई समझौता नहीं करेंगे.”
उन्होंने मतदाताओं से असम गण परिषद (अगप) के धर्मेश्वर रॉय का समर्थन करने का आग्रह किया और भाजपा के साथ पार्टी के गठबंधन को अविभाज्य बताया. उन्होंने पड़ोसी बारपेटा निर्वाचन क्षेत्र में अगप उम्मीदवार दीपक कुमार दास के लिए भी प्रचार किया, जहां कांग्रेस उम्मीदवार महानंदा सरकार का नामांकन खारिज कर दिया गया. असम में 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव नौ अप्रैल को होंगे और मतगणना चार मई को होगी.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें