‘नौकरी, सैलरी और छोकरी… सब दूंगा’, झांसा देकर दोजख में बुलाता था, भारतीय युवाओं के लिए विलेन है ये ‘कृष’CBI ने दबोचा

Share to your loved once


होमताजा खबरदेश

‘नौकरी, सैलरी और छोकरी… सब दूंगा’, झांसा देकर दोजख में बुलाने वाला कृष कौन?

Last Updated:

विदेश में ‘नौकरी, अच्छी सैलरी और शानदार लाइफस्टाइल’ का सपना दिखाने वाला एक खूंखार विलेन आखिरकार सीबीआई (CBI) के हत्थे चढ़ गया है. मुंबई का रहने वाला सुनील नेल्लाथु रामकृष्णन उर्फ ‘कृष’ भारतीय युवाओं को थाईलैंड में नौकरी का लालच देकर म्यांमार के खतरनाक साइबर स्कैम कैंपों में बेच देता था. वहां इन बेबस युवाओं को बंधक बनाकर जबरन ‘डिजिटल अरेस्ट’ और ‘रोमांस फ्रॉड’ जैसी साइबर ठगी करवाई जाती थी.

'नौकरी, सैलरी और छोकरी… सब दूंगा', झांसा देकर दोजख में बुलाने वाला कृष कौन?Zoom

विदेश में शानदार जिंदगी का लालच देकर स्कैम और मानव तस्करी की जाल में युवाओं को फंसाने वाला गिरफ्तार.

विदेश में नौकरी का झांसा देकर भारतीय युवाओं को म्यांमार के साइबर फ्रॉड सेंटर में भेजने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुंबई के रहने वाले सुनील नेल्लाथु रामकृष्णन उर्फ ‘कृष’ को गिरफ्तार किया है. एजेंसी के मुताबिक वह इस अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी और साइबर फ्रॉड नेटवर्क का मुख्य सरगना है.

सीबीआई की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह भारतीय युवाओं को थाईलैंड में अच्छी नौकरी का लालच देकर फंसाता था. इसके बाद उन्हें दिल्ली से बैंकॉक भेजा जाता था. वहां से गुपचुप तरीके से म्यांमार के म्यावाडी इलाके में स्थित साइबर स्कैम कैंपों में पहुंचा दिया जाता था. इन कैंपों, खास तौर पर केके पार्क (KK Park) जैसे ठिकानों पर पर भारतीय युवाओं का शोषण का दौर शुरू होता है.

डिजिटल अरेस्ट स्कैम और रोमांस फ्रॉड

जांच एजेंसी के अनुसार इन कैंपों में पहुंचने के बाद युवाओं को जबरन साइबर ठगी करने के लिए मजबूर किया जाता था. उनसे डिजिटल अरेस्ट स्कैम, रोमांस फ्रॉड और क्रिप्टोकरेंसी निवेश के नाम पर ठगी जैसे अपराध करवाए जाते थे. इन ठगी का निशाना भारत समेत दुनिया भर के लोग होते थे. सीबीआई के मुताबिक इन कैंपों में फंसे लोगों को जबरन कैद करके रखा जाता था. उन्हें लगातार धमकाया जाता था और कई बार शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना भी दी जाती थी. उनके बाहर जाने और किसी से संपर्क करने पर भी कड़ी पाबंदी रहती थी.

असहनीय प्रताड़ना के बाद फरार

जांच के दौरान पता चला है कि 2025 के दौरान कई भारतीय किसी तरह इन कैंपों से भागने में कामयाब हुए थे. वहां से वे थाईलैंड पहुंचने में कामयाब हो गए थे. इसके बाद में उन्हें मार्च और नवंबर 2025 में भारत वापस लाया गया. सीबीआई ने इन पीड़ितों से पूछताछ कर पूरे गिरोह के काम करने के तरीके के बारे में जानकारी जुटाई.

कैसे आया कृष का नाम?

इन जानकारियों के आधार पर सीबीआई ने जांच तेज की. इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान शुरू की. जांच में सुनील उर्फ कृष इस पूरे नेटवर्क का एक बड़ा ऑपरेटर और मुख्य कड़ी बनकर सामने आया, जो युवाओं को दक्षिण-पूर्व एशिया भेजने और वहां उनका शोषण कराने में अहम भूमिका निभा रहा था. सीबीआई ने आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी और जैसे ही वह हाल ही में मुंबई वापस लौटा, एजेंसी ने उसे गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद उसके घर पर छापेमारी भी की गई, जहां से म्यांमार और कंबोडिया से जुड़े मानव तस्करी नेटवर्क के कई डिजिटल सबूत बरामद किए गए हैं.

कोई विदेशी भी है क्या?

फिलहाल सीबीआई इस मामले में अन्य आरोपियों, खासकर विदेशी नागरिकों की भूमिका की भी जांच कर रही है. एजेंसी का कहना है कि इस पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को तोड़ने और इसमें शामिल सभी लोगों को पकड़ने के लिए जांच जारी है. सीबीआई ने कहा है कि वह साइबर अपराध और मानव तस्करी जैसे संगठित अपराधों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि भारतीय नागरिकों को इस तरह के जाल से बचाया जा सके.

About the Author

Deep Raj Deepak

दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP