IPL के 5 मक्खीचूस गेंदबाज जिनके नाम है अनोखा रिकॉर्ड, बड़े-बड़े हिटर नहीं खोज पाए इनकी काट, ‘डॉट बॉल स्पेशलिस्ट्स’ बॉलर
नई दिल्ली. इंडियन प्रीमियर लीग को आमतौर पर चौकों और छक्कों का खेल माना जाता है. यहाँ बल्लेबाज पहली ही गेंद से प्रहार करने की कोशिश करते हैं ऐसे में किसी गेंदबाज के लिए 6 गेंदें ऐसी फेंकना जिस पर एक भी रन न बने यानी ‘मेडन ओवर’ डालना, किसी उपलब्धि से कम नहीं है. यह न केवल गेंदबाज के सटीक लाइन-लेंथ को दर्शाता है, बल्कि बल्लेबाज पर मनोवैज्ञानिक दबाव भी बनाता है.
टी-20 में बल्लेबाजों के लिए स्ट्राइक रेट जितना अहम होता है उससे कहीं ज्यादा अहम गेंदबाजों का इकॉनामी रेट होता है. कुछ ऐसे धारदार गेंदबाज रहे है जिन्होने IPL के इतिहास में सबसे ज्यादा बार बल्लेबाजों को शांत रखा है.वो ‘डॉट बॉल स्पेशलिस्ट्स’ जो मेडन फेंकने में माहिर थे.
1. प्रवीण कुमार: स्विंग के सुल्तान (14 मेडन)
आीपीएल 2008 में पहली गेंद फेंकने वाले प्रवीण कुमार 119 पारियों में 14 मेडन ओवर्स के साथ इस सूची में शीर्ष पर हैं. प्रवीण अपनी प्राकृतिक स्विंग के लिए जाने जाते थे. नई गेंद के साथ उनकी काबिलियत ऐसी थी कि बड़े-से-बड़ा बल्लेबाज भी उन्हें संभलकर खेलने को मजबूर हो जाता था. उन्होंने अपने करियर में किंग्स इलेवन पंजाब और गुजरात लायंस जैसी टीमों का प्रतिनिधित्व किया.
2. भुवनेश्वर कुमार: (14 मेडन)
भुवनेश्वर कुमार ने 190 पारियों में 14 मेडन ओवर फेंके हैं ‘भुवी’ की खासियत उनकी निरंतरता है वे पावरप्ले में स्विंग और डेथ ओवर्स में सटीक यॉर्कर डालने में माहिर हैं. सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलते हुए उन्होंने कई बार शुरुआती स्पेल में मेडन ओवर निकालकर विपक्षी टीम की कमर तोड़ी है. पिछले सीजन में भुवी ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु को खिताब जिताने में अहम रोल निभाया.
3. ट्रेंट बोल्ट: पावरप्ले का खतरा (11 मेडन)
न्यूजीलैंड के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट ने महज 119 पारियों में 11 मेडन ओवर निकालकर अपनी क्लास दिखाई है. बोल्ट को पावरप्ले में विकेट लेने और रन रोकने का उस्ताद माना जाता है. मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स के लिए उनके शुरुआती ओवर हमेशा निर्णायक साबित हुए हैं. इस सीजन में वो पिर से मुंबई की जर्सी में नजर आएंगे.
4. इरफान पठान: हरफनमौला जादू (10 मेडन)
इरफान पठान 101 पारियों में 10 मेडन ओवर्स के साथ चौथे नंबर पर हैं. अपने शुरुआती दिनों में इरफान की इन-स्विंग गेंदों का सामना करना किसी भी सलामी बल्लेबाज के लिए दुस्वप्न जैसा था. दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स) और चेन्नई सुपर किंग्स जैसी टीमों के लिए उनका प्रदर्शन हमेशा यादगार रहा है.
5. जसप्रीत बुमराह: आधुनिक युग के लेजेंड (8 मेडन)
इस सूची में सबसे कम पारियों (145) के बावजूद जसप्रीत बुमराह का नाम होना उनकी महानता को दर्शाता है। बुमराह न केवल रन रोकते हैं, बल्कि विकेट भी चटकाते हैं. उनका अजीबोगरीब एक्शन और सटीक यॉर्कर उन्हें डेथ ओवर्स का सबसे घातक गेंदबाज बनाती है.
T20 क्रिकेट के इस दौर में जहाँ 200+ का स्कोर आम बात हो गई है, वहां ये मेडन ओवर्स सोने की तरह कीमती होते हैं. ये आंकड़े साबित करते हैं कि क्रिकेट चाहे कितना भी बल्लेबाजों का खेल बन जाए, लेकिन एक अच्छी लाइन और लेंथ वाली गेंद आज भी सम्मान पाती है.