ट्रंप को पीएम मोदी की दो टूक; ईरान संकट पर कड़े शब्दों में कहा- हमें युद्ध नहीं चाहिए
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बादलों के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन पर भारत का रुख पूरी तरह साफ कर दिया है. शीर्ष सरकारी सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी ने ट्रंप से स्पष्ट शब्दों में कहा कि हमें युद्ध नहीं चाहिए. भारत ने युद्ध की जगह शांति और कूटनीति का रास्ता चुनने पर जोर दिया है. यह जानकारी संसद में सर्वदलीय बैठक के दौरान सरकार की तरफ से विपक्ष को दी गई. भरोसा दिलाया कि देश में ऊर्जा का कोई संकट नहीं है और भारतीय दूतावास पूरी मुस्तैदी से काम कर रहे हैं.
सर्वदलीय बैठक: सत्ता पक्ष और विपक्ष की एकजुटता
सरकार ने इस संवेदनशील मुद्दे पर विपक्षी दलों के साथ लंबी बैठक की. सूत्रों के मुताबिक, बैठक बहुत ही सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई, जहां सभी दलों ने सरकार के रुख का समर्थन किया.
· विपक्ष का साथ: सभी पार्टियों ने एकजुट होकर कहा कि इस संकट की घड़ी में वे सरकार के साथ हैं.
· जयशंकर का जवाब: विपक्षी नेताओं के तीखे सवालों का जवाब विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दिया.
· मिस्री की ब्रीफिंग: विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने नेताओं को ताजा हालात और रणनीति की जानकारी दी.
मुख्य प्वाइंट
· ईरान पर हमला क्यों?: सूत्रों के अनुसार, विदेश सचिव ने बताया कि ईरान ने न्यूक्लियर टेस्टिंग न करने का भरोसा दिया था लेकिन वह उस दिशा में आगे बढ़ रहा था जिसके चलते अमेरिका और इजरायल की ओर से यह हमला किया गया.
· ऊर्जा संकट नहीं: सरकार ने स्पष्ट किया कि देश में ईंधन या ऊर्जा की कोई कमी नहीं होगी. एलपीजी का घरेलू उत्पादन 60 फीसदी तक पहुंच चुका है.
· पैनिक की जरूरत नहीं: भारतीय दूतावास लगातार सक्रिय हैं और भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं.
· पाकिस्तान पर तंज: पाकिस्तान की मध्यस्थता के दावों पर सरकार ने दोटूक कहा कि पाकिस्तान ऐसा 1981 से कर रहा है, इसे गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं.
कूटनीतिक जीत की ओर भारत
प्रधानमंत्री मोदी की ट्रंप से बातचीत और घरेलू स्तर पर विपक्ष का साथ मिलना भारत की विदेश नीति की बड़ी जीत है. एक तरफ पीएम मोदी ट्रंप को युद्ध टालने के लिए मना रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार ने घरेलू मोर्चे पर ऊर्जा और सुरक्षा को लेकर किसी भी पैनिक की स्थिति को खत्म कर दिया है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का मुद्दा भारत के लिए रणनीतिक रूप से सबसे अहम है क्योंकि यहीं से देश की ‘एनर्जी लाइफलाइन’ गुजरती है.
सवाल-जवाब
पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप से फोन पर क्या कहा?
पीएम मोदी ने ट्रंप को साफ संदेश दिया कि भारत को युद्ध नहीं चाहिए और तनाव कम करने के लिए जल्द से जल्द शांति बहाली होनी चाहिए.
सर्वदलीय बैठक में विपक्ष का क्या रुख रहा?
बैठक बहुत अच्छे माहौल में हुई और सभी विपक्षी दलों ने सरकार के रुख का पूर्ण समर्थन करते हुए एकजुटता दिखाई.
क्या पश्चिम एशिया संकट से भारत में ऊर्जा की कमी होगी?
नहीं, सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है और एलपीजी का घरेलू उत्पादन 60% तक पहुंच गया है.
विदेश सचिव ने ईरान-इजरायल हमले पर क्या कारण बताया?
विदेश सचिव के अनुसार, ईरान न्यूक्लियर टेस्टिंग की तरफ आगे बढ़ रहा था, जिसकी वजह से अमेरिका और इजरायल की तरफ से कार्रवाई की गई.