Chhattisgarhi Recipe: कम तेल-मसाले में झटपट तैयार होती है खेड़ा भाजी, एक बार खाएंगे तो भूल नहीं पाएंगे स्वाद
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Kheda Bhaji Recipe: बस्तर में खेड़ा भाजी एक लोकप्रिय देसी सब्जी है, जो गर्मी और बरसात के मौसम में आसानी से मिलती है. इसका स्वाद बेहद लाजवाब होता है, इसलिए लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं.इस भाजी से सब्जी के साथ-साथ आमट भी बनाया जाता है.
Bastar Local Kheda Bhaji Recipe: छत्तीसगढ़ के बस्तर में खेड़ा भाजी की सब्जी काफी फेमस है. इस भाजी का स्वाद इतना लाजवाब होता है कि बस्तर के लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं. यह भाजी गर्मी और बरसात दोनों समय मिलती है. इस भाजी की सब्जी के अलावा आमट भी बनाया जाता है, जिसका स्वाद आप एक बार लेने के बाद भूल नहीं पाएंगे. यह सब्जी कुछ मिनटों में बन जाती है.
इस सब्जी को बनाना ज्यादा झंझट का काम नहीं है. यह सब्जी कम मसालों के साथ बनती है. आप इन स्टेप्स को फॉलो कर खेड़ा भाजी की सब्जी का स्वाद ले सकते हैं. इस सब्जी का स्वाद लेने के बाद आपके घर वाले तारीफ करते थकेंगे नहीं. एक बार इस सब्जी का स्वाद लेने के बाद बार-बार खाने का मन करेगा. खेड़ा भाजी की सब्जी स्वास्थ्य के लिए अच्छी होती है. सभी भजियों से इसमें विटामिन की मात्रा अधिक रहती है.
खेड़ा भाजी बनाने के लिए सामग्री
खेड़ा भाजी: 100 ग्राम, एक कटी हुई प्याज, 2 लाल सूखी मिर्च, हल्दी: 1/4 छोटा चम्मच, मिर्च: 1/4 छोटा चम्मच, नमक स्वादानुसार, टमाटर एक कटा हुआ, तेल: 10 मिली लीटर.
खेड़ा भाजी सब्जी बनाने का तरीका
खेड़ा भाजी की सब्जी बनाने के लिए सबसे पहले एक कढ़ाई में तेल गर्म कर लीजिए. इसके बाद कटी प्याज और मिर्च डालकर तेल में भून लीजिए. जब प्याज सुनहरा भुन जाए, तो खेड़ा भाजी डालकर पकाएं. अब थोड़ी देर बाद इसमें हल्दी, मिर्च और स्वादानुसार नमक डालकर पकाएं. इसके बाद इसमें टमाटर डालकर अच्छी तरह पकाएं. अब तैयार हो गई खेड़ा भाजी की देसी सब्जी. आप इसे रोटी या चावल के साथ सर्व कर सकते हैं.
खेतों में खूब मिलेगी ये भाजी
खेड़ा भाजी छत्तीसगढ़ के खेतों, मेड़ों और आसपास के प्राकृतिक क्षेत्रों में उगने वाली एक देसी और पोषक भाजी है. पारंपरिक रूप से इसे गांवों की महिलाएं खेतों से तोड़कर लाती हैं और खास सावधानी से छीलकर तैयार करती हैं. इसका स्वाद थोड़ा कसैला होता है लेकिन जब इसे दालों के साथ पकाया जाता है, तो यह बेहद लाजवाब बन जाती है. खेड़हा भाजी को चना दाल, अरहर दाल और मसूर दाल के साथ पकाने से इसका पौष्टिक मूल्य और भी बढ़ जाता है.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें