70s में सिर्फ अमिताभ ही नहीं, रीना रॉय के साथ मिलकर शत्रुघ्न सिन्हा भी मचा रहे थे असली गदर, सबूत हैं ये 5 फिल्में
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70 के दशक के बॉलीवुड को अक्सर सिर्फ अमिताभ बच्चन के दौर के तौर पर देखा जाता है, लेकिन इतिहास गवाह है कि शत्रुघ्न सिन्हा और रीना रॉय की जोड़ी भी बॉक्स ऑफिस की बेताज बादशाह थी. ‘कालीचरण’ की दहाड़ से लेकर ‘आशा’ की इमोशनल गहराई तक, इस जोड़ी ने एक के बाद एक ऐसी ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं जिन्होंने सिनेमा की नींव हिला दी. शत्रुघ्न के बेबाक अंदाज और रीना रॉय की सादगी ने मिलकर सफलता का ऐसा फॉर्मूला बनाया जिसकी बराबरी करना उस समय के बड़े-बड़े लोगों के लिए भी मुश्किल था.
नई दिल्ली. बॉलीवुड में 1970 और 80 के दशक को अक्सर ‘एंग्री यंग मैन’ अमिताभ बच्चन के उदय के तौर पर याद किया जाता है, लेकिन इस दौर के साथ ही बॉक्स ऑफिस पर एक और तूफान भी चल रहा था. वो तूफान था ‘शॉटगन’ शत्रुघ्न सिन्हा की दमदार आवाज और रीना रॉय की कातिलाना सादगी का तूफान. यह वह समय था जब फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर और प्रोड्यूसर शत्रुघ्न-रीना की जोड़ी को सक्सेस की गारंटी मानते थे.
अमिताभ बच्चन के पीक के बावजूद, शत्रुघ्न सिन्हा ने अपना अलग एम्पायर खड़ा कर लिया था. उनकी और रीना रॉय की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री इतनी परफेक्ट थी कि थिएटर के बाहर भीड़ इस जोड़ी के लिए ऑडियंस की दीवानगी का सबूत थी. आइए, उन पांच ब्लॉकबस्टर फिल्मों के बारे में जानते हैं जिन्होंने साबित किया कि शत्रुघ्न और रीना की जोड़ी ने उस समय सच में तहलका मचा दिया था.
1. कालीचरण (1976): जब डायरेक्टर सुभाष घई अपनी पहली फिल्म ‘कालीचरण’ बना रहे थे, तो किसी ने सोचा भी नहीं था कि यह बॉलीवुड के इतिहास में कल्ट स्टेटस हासिल कर लेगी. शत्रुघ्न सिन्हा, जिन्होंने तब तक ज्यादातर विलेन का रोल किया था, इस फिल्म के जरिए एक लार्जर-दैन-लाइफ हीरो के तौर पर उभरे. यह रीना रॉय के साथ शत्रुघ्न की पहली बड़ी हिट थी. उनके डबल रोल (प्रभाकर और कालीचरण) और रीना रॉय की मासूमियत ने दर्शकों का मन मोह लिया. ‘जले को आग कहते हैं…’ जैसे डायलॉग ने थिएटर को सीटियों से गूंजा दिया. इस फिल्म ने न सिर्फ शत्रुघ्न को रातोंरात सुपरस्टार बना दिया, बल्कि रीना रॉय को भी टॉप एक्ट्रेस में शामिल कर दिया.
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2. विश्वनाथ (1978): ‘कालीचरण’ की सफलता के बाद, सुभाष घई ने उसी जोड़ी को ‘विश्वनाथ’ में फिर से साथ लाया. यह फिल्म एक ऐसे वकील की कहानी थी जिसे सिस्टम ने क्रिमिनल बनने पर मजबूर कर दिया था. शत्रुघ्न सिन्हा की डायलॉग डिलीवरी और रीना रॉय के साथ उनके इमोशनल सीन ने फिल्म को एक अलग पहचान दी. उस समय यह फिल्म इतनी बड़ी हिट हुई थी कि शत्रुघ्न सिन्हा को अमिताभ बच्चन का सबसे बड़ा कॉम्पिटिटर माना जाने लगा था. रीना रॉय ने एक ऐसी महिला का किरदार निभाया जो हर सुख-दुख में अपने पार्टनर के साथ खड़ी रहती है, इस रोल ने महिलाओं के बीच उनकी पॉपुलैरिटी को काफी बढ़ा दिया.
3. जानी दुश्मन (1979): राजकुमार कोहली की यह मल्टी-स्टारर फिल्म इंडियन सिनेमा की सबसे यादगार हॉरर-थ्रिलर में से एक है. इसमें सुनील दत्त, जीतेंद्र और संजीव कुमार जैसे बड़े कलाकार थे, लेकिन शत्रुघ्न सिन्हा और रीना रॉय की जोड़ी में एक अलग ही अपील थी. फिल्म की रहस्यमयी कहानी और लाल रंग की दुल्हन का डर आज भी याद किया जाता है. शत्रुघ्न और रीना वाले सीन ने फिल्म को कमर्शियल बढ़त दी. ‘जानी दुश्मन’ बॉक्स ऑफिस पर सफल रही, जिससे यह साबित हुआ कि शत्रुघ्न-रीना की जोड़ी किसी भी बड़ी स्टार कास्ट को मात दे सकती है.
4. संग्राम (1976): शत्रुघ्न और रीना की सफलता की कहानी सिर्फ बड़ी फिल्मों तक ही सीमित नहीं थी. संग्राम जैसी फिल्म ने एक ऐसी केमिस्ट्री की नींव रखी जिसका बाद में बड़े डायरेक्टरों ने फायदा उठाया. दर्शकों ने संग्राम जैसी फिल्म में उनके बीच की नोकझोंक और रोमांस को बहुत पसंद किया. यह जोड़ी स्क्रीन पर इतनी सहज थी कि उनका ऑन-स्क्रीन रिश्ता भी असली लगता था. 1970 के दशक के आखिर में, इस जोड़ी ने बॉक्स ऑफिस को बहुत जरूरी ऑक्सीजन दी थी.
5. नसीब (1981): मनमोहन देसाई की फिल्म ‘नसीब’ शान की पहचान थी. हालांकि अमिताभ बच्चन फिल्म का सेंटरपीस थे, लेकिन शत्रुघ्न सिन्हा और रीना रॉय की मौजूदगी ने इसे पूरी तरह से मसाला एंटरटेनर बना दिया. सुरीले गाने ‘जॉन जानी जनार्दन’ और शत्रुघ्न और रीना के बीच की केमिस्ट्री ने फिल्म के चार्म को और बढ़ा दिया. फिल्म ने पिछले सभी बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड तोड़ दिए. यह फिल्म इस बात का एक बड़ा उदाहरण है कि शत्रुघ्न सिन्हा और रीना रॉय का स्टारडम उस दौर के किसी भी बड़े सुपरस्टार से कम नहीं था.