‘रील’ नहीं रन बनाओ, ‘शूटिंग’ नहीं बैटिंग पर दो ध्यान, पूर्व क्रिकेटर का अभिषेक पर फूटा गुस्सा, बोले युवराज बनने में अभी सालों लगेंगे

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‘शूटिंग’ नहीं बैटिंग पर दो ध्यान, पूर्व क्रिकेटर का अभिषेक पर फूटा गुस्सा

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योगराज सिंह ने साफ कहा कि क्रिकेट में सफलता का मूल मंत्र अनुशासन है और उनका मानना है कि आज के कई युवा खिलाड़ी खेल से ज्यादा सोशल मीडिया, पार्टियों और ग्लैमर में उलझते जा रहे हैं. योगराज ने यह भी कहा कि अभिषेक शर्मा को युवराज सिंह के स्तर तक पहुंचने में अभी लंबा समय लगेगा.

 'शूटिंग' नहीं बैटिंग पर दो ध्यान, पूर्व क्रिकेटर का अभिषेक पर फूटा गुस्साZoom

पूर्व क्रिकेटर ने अभिषेक शर्मा को जमकर लताड़ा, बोले रील नहीं रन बनाने से चलेगा काम

नई दिल्ली. अपनी बेबाक बातों के लिए मशहूर  योगराज सिंह ने अभिषेक शर्मा के टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद उन पर तीखा हमला बोला है. बाएं हाथ के इस विस्फोटक ओपनर ने पूरे टूर्नामेंट में संघर्ष किया और उनकी अस्थिर बल्लेबाज़ी ने टीम पर अतिरिक्त दबाव बना दिया. सुपर-8 चरण में 55 रन और फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ अर्धशतक को छोड़ दें, तो शर्मा का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा. ऐसे में भारतीय क्रिकेट के दिग्गज युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह ने उनके रवैये, अनुशासन और खेल के प्रति दृष्टिकोण पर गंभीर सवाल उठाए हैं.

एक इंटरव्यू में योगराज सिंह ने साफ कहा कि क्रिकेट में सफलता का मूल मंत्र अनुशासन है और उनका मानना है कि आज के कई युवा खिलाड़ी खेल से ज्यादा सोशल मीडिया, पार्टियों और ग्लैमर में उलझते जा रहे हैं. योगराज ने यह भी कहा कि अभिषेक शर्मा को युवराज सिंह के स्तर तक पहुंचने में अभी लंबा समय लगेगा. उसे युवराज सिंह के करीब पहुंचने में अभी बहुत समय लगेगा. पूरा ब्रह्मांड अनुशासन पर चलता है और खिलाड़ी कहां गलती कर रहे हैं? पार्टियां, लड़कियां, पैसा और हर समय शूटिंग में फंसे रहते है.

शर्मा ने बहुत निराश किया

अभिषेक शर्मा का प्रदर्शन इस टूर्नामेंट में बेहद निराशाजनक रहा. उन्होंने 8 मैचों में सिर्फ 141 रन बनाए और उनका औसत 17.62 रहा. शुरुआती तीन मैचों में लगातार तीन शून्य पर आउट होने के बाद उनकी आलोचना और तेज हो गई. योगराज सिंह ने कहा कि सिर्फ छक्के मारना ही क्रिकेट नहीं है, बल्कि सिंगल-डबल लेकर पारी को आगे बढ़ाना भी उतना ही जरूरी है. मैं उससे बहुत निराश हूं मैं उसे मैसेज करता हूं कि खेल को हल्के में मत लो हर बार गेंद को हवा में मारना जरूरी नहीं है सिंगल, डबल और ग्राउंड शॉट भी होते हैं हर बार छक्का मारने की कोशिश करोगे तो असफलता मिलेगि.

सुधार के लिए क्या करना होगा?

योगराज सिंह ने सलाह दी कि खिलाड़ियों को अपने खेल पर पूरी तरह फोकस करना चाहिए और सोशल मीडिया या अन्य चीजों में ध्यान भटकाने से बचना चाहिए. उन्होंने कड़ी दिनचर्या अपनाने पर जोर दिया रात 9 बजे सोना, सुबह 5 बजे उठना और रोज़ाना नेट्स में हजारों गेंदों का सामना करना. उन्होंने साथ ही शुभमन गिल का उदाहरण देते हुए कहा कि जब खिलाड़ी का ध्यान भटकता है, तभी प्रदर्शन गिरता है. आप असफल होते हैं क्योंकि आपका ध्यान कहीं और होता है. अभिषेक के साथ यही हो रहा है वह रील्स बना रहा है, जबकि उसका काम क्रिकेट खेलना है. उसे 9 बजे सोना चाहिए,5 बजे उठना चाहिए और रोज़ 1000 गेंदें खेलनी चाहिए. इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि क्या आधुनिक क्रिकेटर ग्लैमर और सोशल मीडिया के बीच अपने खेल से भटक रहे हैं, या फिर यह केवल एक खराब फॉर्म का दौर है.

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