नवरात्रि के सप्तमी पर विंध्याचल में महानिशा पूजा, तंत्र साधना के साथ होगी मां काली और तारा की विशेष आराधना
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विंध्यवासिनी धाम में तारापीठ और कालीपीठ दो बड़े स्थान है. यहां पर सबसे ज्यादा तंत्र पूजा होती है. शमशान घाट रामेश्वरम में मां तारापीठ का मंदिर है. यहां पर तांत्रिकों के द्वारा पूजा बड़े विधान के साथ किया जाता है. जिसमें तंत्र साधना तामसी पूजन मांस से, मदिरा से और नाना प्रकार के पशु बलिक से किया जाता है.
मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में स्थित मां विंध्यवासिनी धाम में नवरात्रि के सप्तमी पर महानिशा की पूजा की जाती है. महानिशा की पूजा तंत्र सिद्धि के लिए की जाती है. देश व दुनिया भर से आए तांत्रिक मां काली और मां तारा के धाम में तंत्र पूजा करते हैं. श्मशान घाट पर स्थित मां तारा के मंदिर में तांत्रिकों का जमावड़ा लगता है. इस दिन अलग-अलग तरीके से तांत्रिक मंत्रों की सिद्धि के लिए मां की आराधना करते हैं. इस दिन पशु बलि व नरमुंडों की पूजा की जाती है. इसके साथ ही कई तांत्रिक नींबू की भी बलि देते हैं. महानिशा की रात्रि में गुफाओं में और कंदराओं में तांत्रिक मंत्रों की सिद्धि के लिए छिपकर तप व साधना करते हैं.
तारापीठ और कालीपीठ
विंध्यधाम के विद्यवान ज्योतिषाचार्य पं. अनुपम महाराज ने लोकल 18 से बताया कि विंध्यवासिनी धाम में तारापीठ और कालीपीठ दो बड़े स्थान है. यहां पर सबसे ज्यादा तंत्र पूजा होती है. शमशान घाट रामेश्वरम में मां तारापीठ का मंदिर है. यहां पर तांत्रिकों के द्वारा पूजा बड़े विधान के साथ किया जाता है जिसमें तंत्र साधना तामसी पूजन मांस से, मदिरा से और नाना प्रकार के पशु बलिक से किया जाता है. महानिशा में तांत्रिक अपने कामनाओं की पूर्ति के लिए और मंत्रों की सिद्धि के लिए विधि-विधान से हवन-पूजन करते हैं. तंत्र साधनाओं के मंत्रों को जागृत करते हैं.
नींबू की देते हैं बलि
पं. अनुपम महाराज ने बताया कि महासप्तमी के दिन माँ जगतम्बा का पूजन किया जाता है. सात्विक पूजन में भी मां का हवन-पूजन करते हैं. विंध्याचल धाम में महासप्तमी के दिन मां का पूजन करते हैं. नींबू की बलि देते हैं. कपूर, लौंग व जायफर देना उत्तम मानते हैं. तामसी पूजन में तंत्र, यंत्र व मंत्रों से पूजन किया जाता है. मां जगतम्बा के पूजन के लिए नरमुंडों की पूजा की जाती है. पुरानी प्राचीन मुड़ो की पूजा की जाती है. मां की साधना के लिए गुफाओं में कंदराओं में पर्वतों में और पेड़ों के पीछे छिपकर तंत्र साधना तांत्रिक करते हैं.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें