शेन वार्न निकले असली ‘बाजीगर’, राजस्थान रॉयल्स के बिकते ही हुए मालामाल, परिवार को मिलेंगे 4500000000 रुपये, समझें पूरा मामला
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एक इंटरव्यू में ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज लेग स्पिनर शेन वॉर्न ने खुलासा किया था कि उन्होंने हर सीजन के लिए आरआर में 0.75 प्रतिशत इक्विटी मांगी थी. मेरे डील का हिस्सा था… उन्होंने मुझसे कप्तान, कोच बनने और टीम को अपनी मर्जी से चलाने के लिए कहा था… मैं वन-स्टॉप शॉप था.” सात साल पहले फ्रेंचाइजी की वैल्यूएशन पर वॉर्न ने कहा था, “400 मिलियन डॉलर का तीन प्रतिशत ठीक है.”

राजस्थान रॉयल्स के बिकने के बाद शेन वार्न के परिवार को मिलेंगे तकरीबन 460 करोड़ रुपये
नई दिल्ली. इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के शुरू होने में कुछ ही दिन बाकी हैं. इस बीच राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु फ्रेंचाइजी की बिक्री चर्चा का केंद्र बन गई है. आईपीएल के पहले सीजन की चैंपियन रही राजस्थान रॉयल्स को अमेरिका की काल सोमानी के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम ने 1.63 अरब डॉलर यानी करीब 15,290 करोड़ रुपये में खरीद लिया है. आरआर की वैल्यूएशन आरसीबी के 1.78 अरब डॉलर के करीब है. रॉयल्स के पूर्व कप्तान शेन वॉर्न टीम से खेलते हुए किए गए एक फैसले उनके परिवार को माला माल कर दिया है.
ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज लेग स्पिनर शेन वॉर्न ने खुलासा किया था कि उन्होंने हर सीजन के लिए आरआर में 0.75 प्रतिशत इक्विटी मांगी थी. वॉर्न न सिर्फ रॉयल्स के कप्तान थे बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद वे मेंटर और कोच भी रहे. अब जब आरआर इतनी बड़ी रकम में बिकी है, तो दिवंगत वॉर्न के परिवार को इस डील के तहत करीब 460 करोड़ रुपये (70 मिलियन ऑस्ट्रेलियन डॉलर से ज्यादा) मिल सकते हैं.
2019 में द हेराल्ड सन को दिए एक इंटरव्यू में वॉर्न ने कहा था, “मेरे डील का हिस्सा था… उन्होंने मुझसे कप्तान, कोच बनने और टीम को अपनी मर्जी से चलाने के लिए कहा था… मैं वन-स्टॉप शॉप था.” सात साल पहले फ्रेंचाइजी की वैल्यूएशन पर वॉर्न ने कहा था, “400 मिलियन डॉलर का तीन प्रतिशत ठीक है.”
फिलहाल यह ट्रांजेक्शन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की मंजूरी के अधीन है. 2026 सीजन के बाद काल सोमानी के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम को फ्रेंचाइजी सौंप दी जाएगी. वॉर्न के परिवार ने अभी तक इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. सिर्फ वॉर्न ही नहीं, बल्कि बीसीसीआई को भी इस डील से बड़ा फायदा होगा. बीसीसीआई को इस पूरी डील का पांच प्रतिशत यानी करीब 765 करोड़ रुपये मिलेंगे.
राजस्थान रॉयल्स की शुरुआती वैल्यूएशन क्या थी?
गौरतलब है कि 2008 में मनोज बडाले के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम ने राजस्थान रॉयल्स फ्रेंचाइजी को 67 मिलियन डॉलर में खरीदा था. सबसे कम कीमत वाली इस फ्रेंचाइजी ने वॉर्न की कप्तानी में शानदार प्रदर्शन करते हुए पहले ही सीजन में एमएस धोनी की चेन्नई सुपर किंग्स को हराकर खिताब जीता था. आईपीएल 2026 से पहले आरआर के नाम सिर्फ एक ही खिताब है. आखिरी बार वे 2022 में संजू सैमसन की कप्तानी में ट्रॉफी के करीब पहुंचे थे.
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15 साल से ज्यादा वक्त से खेल पत्रकारिता से सक्रिय. Etv भारत, ZEE न्यूज की क्रिकेट वेबसाइट में काम किया. दैनिक जागरण वेबसाइट में स्पोर्ट्स हेड रहा. ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, क्रिकेट और फुटबॉल वर्ल्ड कप कवर किया. अक्टूब…और पढ़ें