एक बार बनाएं, महीनों खाएं, बुरहानपुर वालों की फेवरेट कविट चटनी, ये है आसान देसी नुस्खा
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Burhanpur famous kavit chutney recipe : गर्मी के दिनों में आप भी आपके घर पर कविट की चटनी आसानी से तैयार कर सकते हैं. कविट की चटनी महिलाओं की पहली पसंद होती है. खट्टी मीठी बनती है पका हुआ कविट भुना हुआ जीरा पीसा और सेंधा नमक का इस्तेमाल करने के लिए किया जाता है और यह एक घंटे में बनकर तैयार हो जाती है
Food Story : गर्मी का समय शुरू हो गया है, ऐसे में लोग खाने के साथ चटपटा खाने का प्लान बना लेते हैं. यदि आपने भी ऐसा प्लान बनाया है तो घर पर कविट की चटनी बना सकते हैं. यह चटनी महिलाओं की पहली पसंद होती है और इसे बनाना बहुत आसान होता है. इसके लिए आपको कविट गुड और भुने हुए जीरे का इस्तेमाल किया जाता है. सेंधा नमक जिससे यह चटनी बन कर तैयार हो जाती है. इसकी खासियत होती है की 1 घंटे में बन जाती है और करीब 1 महीने तक खराब नहीं होती, इसलिए लोग इसको सबसे अधिक खाना पसंद करते हैं.
लोकल 18 की टीम ने जब एक्सपर्ट महिला फुला बाई और योगेश नरी से बात की तो उन्होंने बताया कि गर्मी के दिनों में आप भी आपके घर पर कविट की चटनी आसानी से तैयार कर सकते हैं. कविट की चटनी महिलाओं की पहली पसंद होती है. खट्टी मीठी बनती है पका हुआ कविट भुना हुआ जीरा पीसा और सेंधा नमक का इस्तेमाल करने के लिए किया जाता है और यह एक घंटे में बनकर तैयार हो जाती है और 1 महीने तक खराब नहीं होती है. इसमें किसी भी तरीके से पानी का इस्तेमाल नहीं होता है इसलिए खराब नहीं होती हैं आपके घर पर यह चटनी तैयार कर सकते हैं. उसको बनाना बहुत ही आसान होता है और यह चटनी गर्मी के दिनों में सबसे अधिक लोग खाना पसंद करते हैं.
ऐसा कर सकते हैं कविट की चटनी तैयार
यदि आप भी आपके घर पर कविट की चटनी बनाना चाहते हैं तो आप बाजार से पका हुआ कविट लेकर आ जाइए उसे फोड़ दीजिए उसमें से निकलने वाला गुदा करीब 200 ग्राम का होगा उसमें आप 100 ग्राम गुड़ और 10 ग्राम भुना हुआ पीसा जीरा और 20 ग्राम सेंधा नमक मिला दीजिए जिसे मिक्स कर लीजिए आपकी यह कविट की चटनी तैयार हो जाएगी कविट की चटनी खट्टी मीठी लगने के कारण महिला इसको सबसे अधिक खाना पसंद करती है. और पका हुआ कविट होने पर यह महिलाओं को और भी अच्छा लगता है. इसलिए आप आपके घर पर इस तरीके से तैयार कर भोजन के साथ भी इस चटनी का आनंद ले सकते हैं और सफर में भी ले जा सकते हैं. यह चटनी करीब 1 महीने तक खराब नहीं होती है.
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7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें